अब डायबिटीज टाइप- 2 जड़ से होगी खत्म ?

रिपोर्ट- भारती बघेल

अगर आपको डायबिटीज है तो ये आर्टिकल आपके लिए है…जी हां अब आपको डायबिटीज से डरने की जरुरत नहीं है…इसका कारण और उपाय दोनों किचन में ही मौजूद हैं..जरुरत है तो बस थोड़ा सजग रहने की…

इतिहास के पन्नों में
इतिहास के झरोखे में देखें, तो प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में भी मधुमेह के उल्लेख हैं..तब इसकी पहचान अलग तरह से की जाती थी…जैसे यदि टॉयलेट पर चीटियां जमा हो जाएं तो उसे डायबिटीज है यानी रक्त में शुगर लेवल बढ़ा हुआ है..तब इलाज के नाम पर मरीज को भोजन बंद करा दिया जाता था…बाद में बैंट नामक साइंटिस्ट ने कुत्ते पर इनका प्रयोग किया…और उन्होंने इसमें इन्सुलिन पाया..1921 से 1950 तक इंसुलिन इंजेक्शन के फॉर्म में आने लगा..द्वितीय विश्व युध्द के दौरान घायल सैनिक को बतौर एंटीबायोटिक और सल्फोनामाइ़ड दिया गया तो पाया गया कि पेशेंट में शुगर कम हो गई है..जबकि पेशेंट डायबिटीज का नहीं था..असल में सल्फोनामाइड का साइड इफेक्ट था…जैसे बतौर ‘ओरल हाइपोग्लेसेमिक टेबलेट्स’ का अविष्कार हुआ…तभी से डायबिटीज 2 प्रचलित हुआ…

2025 तक भयावह होंगे हालात
डॉ. कुमार के मुताबिक संभवत: आज हर घर में डायबिटीज पेशेंट हैं..2025 तक देश डायबिटीज की राजधानी बन जाएगा..डॉ. कुमार की मानें तो यह कोई बीमारी नहीं है बल्कि मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है..दरअसल इतनी खतरनाक ये बीमारी नहीं है जितने जानलेवा इसके साइड इफेक्ट हैं…इससे किडनी डेमेज, हार्ट अटैक, बीपी बढ़ना.हार्ट डैमेज, आंखे खराब होना, पैरों का दर्द,घाव न भरना आदि समस्याएं हो सकती हैं..

क्या और क्यों होती है?
डॉ. कुमार के मुतीबिक डायबिटीज दो तरह की है..पहली डायबिटीज 1 और दूसरी डायबिटीज 2..डायबिटीज-1 में शरीर में इंसुलिन नहीं बनती, जबकि डीयबिटीज-2 में शरीर में इंसुलिन बनती है..पर कप को कोशिकाओं पर ट्रांस फैटी एसिड्स के जमने से कोशिकाओं में इंसुलिन रजिस्टन होता है…जिससे मौजूदा शर्करा का उपयोग नहीं हो पाता और रक्त में शर्करा बढ़़ी हुई पाई जाती है..इसके अलावा खानपान की अनियमितता, अनियमित लाइफस्टाइल, ज्यादा मीठा खाने, हाई कार्बोहाइड्रेट युक्त पदार्थ खाने, दूध व दूध से बने उत्पाद ज्यादा खाना मोटापा आदि है..

ये खा सकते हैं
डॉ. कुमार के अनिसार शरीर के लिए उपयोगी शर्करा इंसान को भोजन के लिए मिल जाती है..ऐसे में अतिरिक्त शर्करा की जरुरत नहीं..डॉ कुमार की मानें तो बीमारी का इलाज हमारी किचन में ही मौजूद है…साधारण कुकिंग ऑयल के स्थान पर अल्फा कार्डियो कुकिंग ऑइल ही खाना चाहिए…कारण है साधारण तेल गर्म करते समय ट्रांस फैटी एसिड्स में बदल जाते हैं, जो शरीर के अंदर जाकर कोशिकाओं पर परत चढ़ाकर उन्हें ढक देते हैं…इसके अलावा हाई प्रोटीन डाइट,दालें,सब्जियां, फल और ड्राई फ्रुट्स खाने चाहिए…

सेंटर पर इलाज की प्रक्रिया
सेंटर पर आने वाले करीब 90 फीसदी पेशेंट डायबिटीज से ठीक हो जाते हैं…जरअसल यहां मरीज की डाइट में बदलाव कर इलाज होता है..कुकिंग ऑयल और फूड सप्लीमेंट्स के माध्यम से मुक्ति पाई जा सकती है…इलाज के दौरान इम्यून सिस्टम मज़बूत करके डायबिटीज को जड़ से खत्म किया जाता है…डॉ. कुमार हैलो डॉक्टर के बहुत सारे वीडियो यूट्यूब पर अपलोड हैं, जिसमें डायबिटीज के बारे में विस्तृत जानकारी दी है…

इसके अलावा हमारा नेशनल खबर नाम का एक यूट्यूब चैनल ( https://www.youtube.com/channel/UCV4JkP6p835ZN2nr3RVwicw भी है…जहां हम भारत के जानेमाने डॉक्टर्स के साथ चर्चा करके आपके लिए सफल और सस्ता इलाज लेकर आते हैं…हमारे नेशनल खबर के परिवार में आप भी जुड़िए और वेबसाइट के साथ साथ युट्यूब चैनल नेशनल खबर पर भी जुड़िए…

2 Comments on “अब डायबिटीज टाइप- 2 जड़ से होगी खत्म ?”

  1. Excellent & very beneficial for the Dibetic patients & as a precaution to the healthy persons

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