उत्तराखंड में चेहरा बदलने से क्या बदल जाएगी बीजेपी की किस्मत?

रिपोर्ट- भारती बघेल

उत्तराखंड में सीएम बदलने की परंपरा एक बार फिर निभायी गई…वजह हमेशा की तरह एक ही थी चुनाव में सत्ता गंवाने का डर…अगले साल यानी 2022 उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं…चुनावों को देखते हुए बीजेपी ने एक बड़ा उलटफेर किया है..4 साल से सीएम की कुर्सी संभाल रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटाकर तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बना दिया गया…हालांकि इससे पहले भी बीजेपी दो बार सीएम बदल चुकी है…लेकिन सवाल ये उठता है कि बीजेपी अपनी रणनीति में सफल होगी या नहीं…

तीरथ सिंह रावत का राजनीतिक करियर
तीरथ सिंह रावत बीजेपी से संबंध रखते हैं…10 मार्च 2021 को तीरथ रावत ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रुप में शपथ ली.. इसके अलावा वे फरवरी 2013 से दिसंबर 2015 तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रुप में काम किया…साल 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर जब उत्तराखंड बना तब तीरथ सिंह रावत प्रथम शिक्षामंत्री बने..अगर हम इनके राजनीतिक करियर की शुरुआत की बात करें तो 1983 से 1988 तक ये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे..वहीं तीरथ रावत आज उत्तराखंड के 10वें मुख्यमंत्री बने हैं…

क्या है बीजेपी की 2022 की रणनीति?
जैसा कि आप जानते हैं कि हर पार्टी अपने अपने तरीके से चुनावों की रणनीति बनाती है….बीजेपी सत्ता में है ऐसे में और जरुरी हो जाता है अच्छी रणनीति बनाना…क्योंकि मालिक कभी अपनी मालिकी नहीं खोने देना चाहता…बस वैसी ही कुछ कुछ हालत उत्तराखंड में बीजेपी की है…सभी जानते हैं कि त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटाकर तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री क्यों बना दिया..क्योंकि बीजेपी भांप गई थी कि त्रिवेंद्र सिंह रावत का मुख्यमंत्री पद पर रहना खतरा है…पार्टी के अपने लोग ही उनके खिलाफ जा रहे थे…कुछ विधायकों का कहना था कि त्रिवेंद्र सिंह रावत का व्यवहार ठीक नहीं हैं…जिसे देखते हुए बीजेपी ने एक अहम कदम उठाया और तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बना दिया…

अब ये तो 2022 में ही पता चलेगा कि किस पार्टी के हाथ सत्ता की चाबी आएगी..हर पार्टी अपनी अपनी जीत की कोशिशों में लगी हुई है लेकिन जो बड़ी टकरार है वो है कांग्रेस और बीजेपी के बीच…हालांकि इस बार आम आदमी पार्टी भी अपनी ताल ठोक रही है…वहीं बसपा का खाता भी खुलता हुआ नजर नहीं आ रहा है…

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