कोरोना काल में भारत का सहारा बने कई देश

रिपोर्ट- भारती बघेल

भारत में कोरोना की दूसरी लहर ने तबाही मचा कर रख दी है…दिल्ली हो या महाराष्ट्र हर जगह कोरोना ने सब तहस नहस करके रख दिया…स्वास्थय विभाग हो या व्यापार सबकुछ धराशायी हो गया…यहां तक की शिक्षा विभाग पर भी इसका गहरा असर पड़ा…इससे पहले 2020 में जब भारत में कोरोना की पहली लहर आई थी तब भारत ने खुद की स्थिति इतनी मजबूत कर ली थी कि दुनिया भर ने इसे सराहा था…लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में अगर किसी की सबसे ज्यादा बुरी दशा हुई है तो वो भारत ही है…भारत को इस स्थिति से बाहर निकालने के लिए कई देशों ने अपने हाथ आगे बढ़ाये…विपदा में बढ़े ये हाथ इस बात का सबूत हैं कि भारत ने भी कदम कदम पर हर उस देश की मदद की है जिसको जरुरत पड़ी है…उसकी नतीजा है कि उसकी मदद के लिए आज हजारों हाथ खड़े हो गए हैं…

ऑक्सीजन उत्पादन का संयंत्र देगा जर्मनी
जर्मनी ने कहा कि महामारी के समय पर भारत ने हमारे साथ साथ पूरी दुनिया की मदद की थी और अब समय आ गया है कि हम भारत की मदद करें… हम भारत को ऑक्सीजन उत्पादन का संयंत्र मुहैया कराएंगे…इसकी मदद से काफी लोगों को ऑक्सीजन मिलेगी…उम्मीद है कि जल्द ही ये संयंत्र भारत आ जाएगा..विदेश मंत्रालय से इस मसले पर लगातार संपर्क में हैं…

सिंगापुर ने भा जारी रखी है हर तरह की मदद
कोरोना महामारी से जूझ रहे भारत की मदद के लिए सिंगापुर ने भी अपना हाथ बढ़ाया है…सिंगापुर ने ऑक्सीजन के कंटेनर और सिलिंडर भेजे हैं…सिंगापुर ने अपनी वायुसेना की मदद से पश्चिम बंगाल में ऑक्सीजन के सिलेंडर पहुंचाए…ये काम सिंगापुर के दो सी-30 विमानों ने किया…ये दोनों विमान ऑक्सीजन सिलिंडर से भरे हुए थे…इस महामारी में सिंगापुर की इस मदद के लिए भारत सरकार ने उसे शुक्रिया भी कहा है…

न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया और कनाड़ा ने भी बढ़ाया हाथ
कनाड़ा के प्रधानमंत्री ने कहा है कि हम अपने देश की तरफ से भारत को एक करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद करेंगे…साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि हमारे विदेश मंत्री ने भारत के विदेशमंत्री एस, जयशंकर से बात भी की है…वहीं हम बात करें दक्षिण कोरिया की तो वो भारत की मदद के लिए ऑक्सीजन कंसेंट्रटर, कोरोना में काम आने वाली किट,और अन्य चिकित्सा से जुड़ा सामान देगा…वहीं न्यूजीलैंड भी भारत कोे एक बड़ी राशि देकर आर्थिक मदद मुहैया कराएगा..

अमेरिका भी है हर तरह की मदद के लिए तैयार
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हम भारत को हर तरह की मदद भेज रहे हैं…जिसकी जरुरत उसे कोरोना के खिलाफ जंग में पड़ेगी…उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले साल अमेरिका की बहुत मदद की थी इस कोरोना महामारी से निपटने के लिए और अब बारी हमारी है…समाचार एंजेसी पीटीआई की मानें तो अमेरिका रेमडेसिविर नाम की मेडिसन लगातार भेज रहा है…इसके साथ ही अन्य दवाईयां और कोरोना वैक्सीन बनाने वाली सामग्रा भी मदद में शामिल हैं…

यूएन ने भी दिया साथ और ब्रिटेन ने भी की मदद
यूएन भारत को हर संभव मदद दे रहा है…इसके साथ ही यूएन के अधिकारी लगातार भारत के संपर्क में बने हुए हैं…वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन 100 वेंटिलेटर के साथ साथ 95 संकेंद्रक ऑक्सीजन के खेप भारत भेज चुका है..ब्रिटेन ने कहा है कि हम भारत को इस हफ्ते 120 नॉन इनवेसिव,495 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर और 20 मेनुअल वेंटिलेटर के साथ साथ जरुरी सामान दे चुके हैं…

ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस ने भी बढ़ाया हाथ
ऑस्ट्रेलिया ने 10 लाख सर्जिकल मास्क, सुरक्षात्मक दृष्टि वाले 5 लाख मास्क, 500 वेंटिलेटर चश्मे और फेस शील्ड भेजने की बात कही है…वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति के कार्यालय की तरफ से जानकारी दी गई है कि जरुरी सामान की एक खेप इस हफ्ते भारत पहुंच जाएगी…इसमें आठ ऑक्सीजन जेनरेटर भी हमने शामिल किए हैं…और सबसे बड़ी विशेषता इसकी ये है कि हर जेनरेटर एक अस़्पताल में 250 बेड के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति करने की क्षमता रखता है…फ्रास ने कहा कि वो इस महामारी में हर पल भारत के साथ खड़ा है…

रुस से भी जल्दी आएगी मदद
अमेरिका और रुस की पहली खेप इस हफ्ते पहुंतने की उम्मीद जताई जा रही है…समाचार एजेंसी पीटीआई के सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी विमान के इस हफ्ते पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है…इसी बीच पीएम मोदी ने रुस के राष्ट्रपति को फोन करके शुक्रिया कहा है…इससे पहले पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से भी फोन किया था…

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