कोरोना से देश की इस बदहाली का कौन है जिम्मेदार?

न जानें कितने घरों के दीये बुझ गए कोरोना की इस आंधी में,
न जानें कितने हाथ कट गए कोरोना की इस आंधी में…
न जानें कितने दिल टूट गए कोरोना की इस आंधी में,
न जानें कितने घर उजड़ गए कोरोना की इस आंधी में…

क्या कुछ नहीं दिखाया इस कोरोना काल ने…आज भारत उस स्थिति में है जिस स्थिति में सन् 2020 में इटली था…2020 में कोरोना को नियंत्रित करने में विश्वभर में भारत ने वाहवाही लूटी थी…और आज वहीं भारत सन् 2021 में कोरोना के चंगुल में इतना कैसे फंस गया? ये सवाल तो जहन में आना लाज़मी है…शुरु में संभल के चलने वाले भारत के कदम इस कदर डगमगा जाएंगे इसकी तो किसी ने कल्पना तक नहीं की थी…लेकिन आज हालत, महज़ कल्पना ही नहीं बल्कि पूरी तस्वीर दिखा रहे हैं…अब आपके जहन में भी एक सवाल आ रहा होगा कि इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं? हां ये तो साफ है कि सरकार है लेकिन क्या एक ही सरकार है….जैसा कि आप जानते हैं कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार यानी आम आदमी पार्टी की सरकार है…बंगाल में ममता सरकार यानी टीएमसी की सरकार है…छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल यानी कांग्रेस की सरकार है…यानी अलग अलग राज्यों में अलग अलग सरकारें है…लेकिन आज ऐसा कोई भी राज्य नहीं है जिस पर कोरोना की मार पड़ती न दिख रही हो…इसका मतलब कि कोई भी सरकार ऐसी नहीं बची जो गिरते हालातों को संभालने में कामयाब रही हो…सबने कोरोना महामारी को मानो राम भरोसे छोड़ दिया था और आज उसका खामियाजा हर भारतीय भुगत रहा है…

कोरोना महामारी की शुरुआती दशा
आज से करीब एक साल पहले वैज्ञानिकों को कोरोना वायरस के बारे में तब पता चला जब दिसंबर 2020 से चीन के वुहान से कुछ लोगों के संक्रमित होने की खबर सामने आई…उसके बाद एक के बाद एक दुनिया भर के देशों से लोगों के संक्रमित होने की खबर सामने आने लगी…दुनिया में आर्थिक दृष्टि से सबसे मजबूत देश अमेरिका में Sars-cov-2 का पहला मामला 21 जनवरी 2020 को दर्ज किया गया था…और इटली में तो बंजर होने में कोई कसर बाकी रही ही नहीं…धीरे धीरे 2020 के अंतिम महीनों में हालात काबू में आ गए…लेकिन ये तय था कि कोरोना की दूसरी लहर भी आएगी…और आज जो कोरोना का कहर विश्वभर में बरस रहा है और खासतौर से भारत में जो स्थिति चल रही है उसने सरकार की खोखली तैयारी का पूरा कच्चा चिट्ठा खोल कर रख दिया है….बात अगर कोरोना के शुरुआती आंकड़ों की करें तो दुनिया भर में कोरोना से करीब 2.57 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमित थे और 8.57 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी..वहीं भारत में 37.6 लाख लोग कोरोना वायरस की चपेट में आए थे और करीब 66.3 हजार लोगों की मौत हुई थी…

भारत में कोरोना वायरस की वर्तमान स्थिति
आपको जानकर हैरानी होगी कि हर दिन कोरोना के 3.52 लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं…2020 में कोरोना पर नियंत्रण पाने से दुनियाभर में गदगद होने वाला भारत आज दुनिया से मदद की आस लगाए बैठा है..मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल रहा…और अब तो हालत वो है कि हॉस्पीटल में एक बैड तक भी किसी किसी मरीज को नसीब नहीं हो रहा…सरकार से लोग सांसे मांग रहे हैं…कहीं लॉकडाउन तो कहीं रोजगार से बेबस दिख रहे हैं…मजदूर वर्ग की हालत तो उस पुरानी कहावत के जैसी हो गई हैे कि एक तरफ कुंआ और दूसरी तरफ खाई…लॉकडाउन लगने से रोजगार गया तो भुखमरी से मौत,और सावधानी में चूंक हुई तो कोरोना सें मौत…

दुनिया ने बढ़ाया भारत की मदद के लिए हाथ
इस कड़ी में सबसे पहला नाम रुस का है जिसने भारत में कोविड संक्रमित मरीजों के इलाज में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए मेडिकल ऑक्सीजन और रेमडेसिवीर की आपूर्ति करने की पेशकश की है…लद्दाख को लेकर विवाद के बीच चीन ने भारत को आवश्यक समर्थन और सहायता उपलब्ध कराने की पेशकश की है…इसके अलावा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत में कोरोना के कहर को लेकर दुख व्यक्त करते हुए मदद की पेशकश की है…इजरायल ने भी कोरोना से पीड़ित भारत के प्रति गहरी संवेदना जताई है और हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है..वहीं अमेरिका भी पीछे नहीं रहा हालांकि शुरुआत में अमेरिका ने मुंह मोड़ लिया था लेकिन बाद में अपने इस रवैये के चलते दुनियाभर में थू-थू होने के बाद अमेरिका ने नरम रुख अपनाया और भारत को मदद की पेशकश की…

आज जिस स्थिति से देश गुजर रहा है..वो वाकई में चिंता का विषय है…वहीं नेशनल खबर का सभी देशवासियों से यही निवेदन है कि घर से बाहर मास्क लगाकर निकलें ताकि खुद के साथ साथ दूसरे भी सुरक्षित रहें…वहीं स्वास्थ्य से जुड़ी हर बीमारी का उपाय जानने के लिए आप हमारे यूट्यूब चैनल नेशनल खबर पर जा सकते हैं जहां हम अलग अलग बीमारियोें को लेकर देश के जाने माने डॉक्टर्स के साथ चर्चा करते हैं…

रिपोर्ट- भारती बघेल

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