कोविड- 19 के दौरान मस्तिष्क और स्पाइन की गंभीर समस्या हो तो क्या करें ?

Dr. Rahul Gupta, Sr. Neurosurgeon, Fortis Hospital, Noida

रिपोर्ट- भारती बघेल

कोविड-19 की महामारी के दौरान कोरोनावायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोग ज्यादा समय घर में ही बिता रहे हैं…आप या आपके प्रियजन घर पर भी न्यूरो या रीढ़ से जुडी ऐसी परेसानी के शिकार हो सकते हैं जिसके चलते इमरजेंसी हालत में किसी हॉस्पिटल में भर्ती होने की जरुरत पड़ सकती है…Brain Strock ब्रेन ट्यूमर और brain hemorrhage जैसी समस्याओं में मरीज को तत्काल अस्पताल में आपात स्थिति में भर्ती करान की आवश्यक्ता होती है….लेकिन कुछ ऐसी समस्याएं हैं जिनमें टेलीमेडिसन की मदद ली जा सकती है…यहां उन गंभीर समस्याओं का जिक्र किया जा रहा है जिनमें मरीज को तत्काल सभी सुविधाओं से सुसज्जित अस्पताल में भर्ती कराना जरुरी होता है…

1—अचानक तेज सिरदर्द
यह ब्रेन हेमरेज का लक्षण हो सकता है…दवाइयों से इसमें फायदा नहीं होता…इसके होने पर उल्टी, अंगों में कमजोरी या बेहोशी हो सकती है…यह अक्सर रक्तचाप बढ़ने पर या किसी एक कमजोर रक्त वाहिका फटने के कारण होता है…अचानक सिर दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं और सही कारण का पता लगाने के लिए एंजियोग्राफी आवश्यक है….अगर रक्त नालिका फट गई हो या मस्तिष्क में रक्त का क्लॉट बन गया हो तो सर्जरी की आवश्यक्ता हो सकती है..ऐसे में समय गंवाए बगैर मरीज को आधुनिक सुविधाओं से युक्त अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए…

2—लगातार सिर दर्द होना
यह माइग्रेन, तनाव वाले सिरदर्द, ब्रेन ट्यूमर, ब्रेन हेमरेज या मस्तिष्क का संक्रमण हो सकता है….माइग्रेन में, सिरदर्द आमतौर पर एक तरफ होता है…एसमें मतली और चक्कर आने जैसे लक्षण भी हो सकते हैं…माइग्रेन होने पर उसकी जांच एवं उपचार जरुरी है…तनाव के कारण होने वाला सिरदर्द आमतौर पर शाम को होता है और इसमें एनाल्जेसिक और नींद लेने पर राहत मिलती है…सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर के कारण भी हो सकता है जिसमें उल्टी, देखने या सुनने में दिक्कत, नींद नहीं आने, व्यवहार में बदलाव, अंगों में कमजोरी,चेहरे में सुनन्पन आने जैसी समस्या भी हो सकती है…संक्रमण के कारण होने वाले सिर दर्द में गर्दन में अकड़न, बुखार,अस्वस्थता या उनींदापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं…इन समस्याों के होने पर आप किसी योग्य न्यूरो सर्जन से टेलीफोन या वीडियो कॉन्फ्रेंसिस से परामर्श लेकर उनके निर्देश के अनुसार आगे का उपचार कर सकते हैं…इसमें एमआरआई,सीटी स्कैन या एंजियोग्राफी की आवश्यक्ता हो सकती है…

3—-बेहोशी या दौरा पड़ना
कोई भी व्यक्ति किसी भी उम्र में दौरे या मिर्गी का शिकार हो सकता है…यह बुखार,ब्रेन ट्यूमर, ब्रेन हेमरेज, मस्तिष्क संक्रमण,सिस्टमेटिक बीमारी या किसी अज्ञात कारण से हो सकता है…इसमें रक्त जांच,ईईजी और मस्तिष्क के एमआइआर सहित कई जांच की आवश्यक्ता होती है….दौरे बेहोशी या मिर्गी जैसी स्थिति आमतौर पर 10 से 20 मिनट में खत्म हो जाती है और पीड़ित नार्मल हो जाता है…दौरा पड़ने पर पीड़ित को जमीन पर या बिस्तर पर इस तरह से लिटाना चाहिए कि उसका मुख नीचे की तरफ हो…उसके वस्त्र ढीले कर देने चाहिए और आसपास भीड़ नहीं लगानी चाहिए…और ये कोशिश करनी चाहिए कि उसे चोट नहीं पहुंचे…हालांकि 99 प्रतिशत मामलों में दौरा अपने आप ठीक हो जाता है…जब व्यक्ति सामान्य हो जाए तो उसे परामर्श के लिए अस्पताल ले जाया जा सकता है…अगर बार बार अनियंत्रित दौेरे पड़ते हों तो तुरंत एम्बुलेंस बुलवाकर मरीज को अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए…कुछ रिफैक्ट्ररी बीमारी में डॉक्टर एंटी-एपिलेपटिक स्प्रे का प्रयोग करने का सुझाव दे सकते हैं…किसी भी तरह का अटैक हो तो डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है…

4—चेहरे या शरीर के किसी अंग या शरीर के आधे हिस्से में अचानक कमजोरी, या देखने एवं बोलने में बाधा पहुंचना
स्ट्रोक मेडिकल इमरजेंसी है और तत्काल चिकित्सकीय सहायता से इसे ठीक किया जा सकता है…आमतौर पर स्ट्रोक होने से सिरदर्द, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण नहीं होते हैं…चलते समय लड़खड़ाकर गिर जाना भी स्ट्रोक के कारण हो सकता है…यह किसी भा उम्र में हो सकता है..मधुमेह ,उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी पुरानी बीमारियों जैसे प्रिडिस्पोजिंग कारणों से भी यह हो सकता है…रोगी को तुरंत न्यूरो कैेथलैब में भर्ती कराना चाहिए …

5—अचानक बेहोशी
यह बड़े पैमाने पर स्ट्रोक या रक्तस्त्राव के कारण हो सकता है…मस्तिष्क में रक्त प्रवाह में कमी आने के कारण व्यक्ति अपनी चतना खो सकता है…यह दौरे मस्तिष्क के भीतर दवाब बढ़ने या अचानक मामसिक आज्ञात पड़ने का संकेत हो सकता है…ऐसे में रोगी को आराम से लिटा देना चाहिए…वहां भीड़ जमा नहीं होने देनी चाहिए, मरीज के कपड़ों को ढीला कर देना चाहिए..उसे करवट के बल लिटाना चाहिए तथा उसे होश में लाने की कोशिश करनी चाहिए….इसके साथ ही रोगी को सुसज्जित अस्पताल में भर्ती कराने के लिए तत्काल एंबुलेंस मंगानी चाहिए..

6—गंभीर पीठ दर्द
घरेलू कार्य करते समय अचानक झुकना या वजनदार वस्तु उठाना गंभीर पीठ दर्द का कारण है…घर में फिसल कर गिरना, गलत तरीके से बैठना, पूर्व से कमर दर्द में तत्काल राहत पाने के लिए बेड रेस्ट एंव एनाल्जेसिक जेल या फिजियोथेरेपी आदि की मदद ली जा सकती है..आमतौर पर कमर दर्द 2-3 दिनों में कम हो जाता है…यदि दर्द से राहत नहीं मिली है और साथ ही साथ अंग की कमजोरी, सुन्नपन या पेशाब में समस्या भी हो तो तत्काल चिकित्सिक से परामर्श करें…यह दर्द मामूली फ्रैक्चर, तीव्र डिस्क प्रोलैप्स के लिए उठने -बैठने के सही तौर तरीके अपनाएं, नियमित रुप से करें व्यायाम करें तथा स्वस्थ आहार लें…

7—अंगों की कमजोरी या तंत्रिका संबंधी दिक्कत
अंगों या मूत्राशय में संवेदना में कमी या आंत संबंधी दिक्कतें नर्व या स्पाइनल कार्ड में कम्प्रेशन आने के कारण हो सकती है…यह मेडिकल इमरजेंसी है और मरीज को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए…इसमें तत्काल चिकित्सकीय सहायता से मरीज को होने वाले नुकसान की भरपाई हो सकती है…

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