क्या है नारद स्टिंग ऑपरेशन ? जानिए पूरी रिपोर्ट…

रिपोर्ट- भारती बघेल

आखिर ये खबर पश्चिम बंगाल से क्यों निकल कर आती है…इसके पीछे का तथ्य क्या है क्या पूरी कहानी है आज हम आपको बताने वाले हैं… 2 मई को पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार बन जाती है…पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के परिणाम आ जाते हैं…जिसके ऊपर केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व की नजर थी…चुनाव परिणाम आने के बाद लगता था कि पश्चिम बंगाल का चैप्टर क्लोज़ हो जाएगा अब इसकी चर्चाएं नहीं होंगी…लेकिन चर्चा का दौर फिर शुरु हो जाता है..फिर से वही कहानियां शुरु हो जाती है जहां मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच में बार बार एक दूसरे को लेकर हस्तक्षेप किया जाता है…बार बार एक दूसरे को लेकर प्रश्न खड़े कर दिए जाते हैं…इसी बीच अचानक से नारद स्टिंग ऑपरेशन कैसे निकल कर आता है…क्यों उस दिन की चर्चा हो रही है…

नारद स्टिंग ऑपरेशन क्या है
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले नारद स्टिंग ऑपरेशन में कथित तौर पर टीएमसी के कई नेताओं और एक आईपीएस अधिकारी को धन स्वीकारते दिखाया गया था…अब इस मामले की जांच पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है…कोर्ट ने सीबीआई को अगले 24 घंटों के भीतर स्टिंग ऑपरेशन से संबंधित सभी सामर्ग्री और उपकरण अपने कब्जे में लेने और 72 घंटे में प्राथमिक जांच पूरी करने का निर्देश दिया है…साथ ही प्राथमिक जांच पूरी करने के बाद जरुरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज कर मामले की औपचारिक जांच शुरु करने का निर्देश भी दिया है…अदालत में आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए कहा है…

टेपो की विश्वसनीयता की परीक्षा के बाद इनकी स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए हाई कोर्ट में तीन याचिकाएं दायर की गई थीं…अदालत ने कहा कि जिन लोगों पर आरोप लगे हैं वो मंत्री, सांसद और राज्य के अन्य वरिष्ठ नेता हैं…इसलिए ये उचित होगा कि प्रारंभिक जांच की जिम्मेदारी राज्य की किसी एंजेसी की बजाय सीबीआई को सौंपी जाए…कोर्ट ने कहा कि मामले की स्वतंत्र जांच के लिए सीबीआई सबसे उत्तम एजेंसी है…वहीं कोर्ट के आदेश के बाद ममता के विरोधियों ने उन पर हमला बोल दिया है…

राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वो मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी…2016 के विधानसभा चुनाव से पहले नारद स्टिंग ऑपरेशन के टेप विभिन्न समाचार संगठनों को जारी किए गए थे जिसमें टीएमसी के नेता कथित तौर पर घूस लेते दिखाई दिए थे…हालांकि नेशनल खबर इस टेप की सत्यता की पुष्टि नहीं करता…

बंगाल में सीबीआई का खेला शुरु?
आपको बता दें कि नारद स्टिंग केस में ममता सरकार के दो मंत्रियों फिरहाद हाकिम और सुब्रत मुखर्जी समेत चार टीएमसी नेताओं को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है…इसके बाद ममता बनर्जी ने सीबीआई दफ्तर के बाहर 6 घंटे तक धरना दिया…जहां एक तरफ ममता सीधे सीधे सीबीआई एक्शन को चुनौती दे रही हैं तो वहीं दूसरी ओर कोलकाता में सीबीआई दफ्तर के बाहर टीएमसी के कार्यकर्ता और समर्थक सीबीआई दफ्तर की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय सुरक्षाबलों से भिड़ रहे हैं…दिन में जमकर हंगामा हुआ और हालात पथराव और लाठीचार्ज तक पहुंच गए जिसे लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कानून व्यवस्था को लेकर ममता सरकार को जमकर घेरा है…

टीएमसी का कहना है कि बीजेपी बंगाल की हार को नहीं पचा पा रही है जिसके चलते ये बदले की भावना बीजेपी की तरफ से की गई है…वहीं बीजेपी कह रही है भ्रष्टाचार का मामला है जिस पर एक्शन लिया जाना चाहिए…सीएम ममता बनर्जी को ये शोभा नहीं देता कि वो कोरोना के लॉकडाउन की धज्जियां यूं धरने पर बैठकर उड़ाएं…लेकिन 2016 के केस को लेकर कोरोना काल में इस तरह की कार्यवाही होना एक सवाल खड़ा करता है…इस पर आपकी क्या राय है हमें कमेंट करके जरुर बताएं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *