घुटना बदलवाने से कैसे बचें? डॉ. बिस्वरुप रॉय चौधरी ने बताया एक खास डाइट प्लान..

रिपोर्ट- भारती बघेल

नमस्कार…आज हम बात करेंगे कि घुटना बदलवाने से कैसे बचें और इसी सवाल के साथ हमारे चैनल नेशनल खबर की संवाददाता माही झंवर पहुंची डॉ. बिस्वरुप रॉय चौधरी जी के पास…. तो क्या कहा उन्होंने चलिए हम आपको बताते हैं….

—अब पहला सवाल आता है कि ज्वाइंट पेन क्यों होता है?
इसके जवाब में डॉ. बीआरसी ने समझाते हुए कहा कि जहां भी ज्वाइंट है उसके अंदर अगर हम देखेंगे तो एक घाव मिलेगा जिसे इन्फ्लामेशन कहते हैं…तो घाव जहां पर भी होगा चाहे स्किन के बाहर की बात करें या अंदर की वहां दर्द ही होगा…और जहां ज्वाइंट होता है वहां नॉर्मल सी बात है कि जब आप चलोगे फिरोगे तो वो मुडेगा या कोई भी फिजिकल एक्टिविटी करोगे तो ज्वाइंट पर असर पड़ेगा ही पड़ेगा….इसलिए ज्वाइंट में घाव होते हैं….

—अब सवाल आता है कि घाव क्यों होता है?
तो इसका जवाब ये है कि जो भी फूड आप खाते हैं, वो आपके ब्लड प्रेशर में ट्रेवल करते हैं…वहीं कुछ ऐसे फूड हम खाते है जो जब वो हमारी ब्लड प्रेशर में ट्रेवल करती हुई जाती है तो वो वहां घाव देती जाती है…उदाहरण के लिए जो हमारे देश की सड़के हैं अगर उनपर आर्मी के टैंक चला दिये जाए तो निशान आ जाएंगे…क्यों? क्योंकि वो सड़को के हिसाब से नहीं है…ठीक वैसे ही हमारी बॉडी है जो एक पर्टिकूलर फूड लेने पर ही ठीक रह सकती है…अगर हम कुछ खाएंंगे जो बॉडी के लिए हैवी है तो फिर ये घाव बनने लगते हैं…

—एक सवाल ये भी है कि ये दर्द बाकी मौसमों के मुकाबले सर्दियों में ज्यादा क्यों होता है?
तो इसकी वजह ये है कि सर्दियों में हमारी बॉडी का सुगर 10 से 20 प्रतिशत बढ़ जाता है और जिनका ऑलरेडी बढ़ा हुआ है उनका थोड़ा और बढ़ जाएगा…तो एक बात यहां पर ध्यान देने वाली जो है वो ये है कि जब शुगर की मात्रा एक लेवल से ज्यादा बढ जाएगी तो वो इन्फ्लामेशन को ट्रिगर करने की कोशिश करेगी…तो यही रिजन है सर्दियों में इसका ज्यादा होने का… वहीं बात अगर उम्र की करें तो अब ये हर उम्र में देखने को मिल जाता है और इसकी वजह है हमारा आज का खानपान…वहीं नी रिपलेस्मेंट को बिल्कुल अवोइड कीजिए क्योंकि बाद में जो उसके साइड इफेक्ट्स हैं वो आपको देखने को मिल सकते हैं…तो इससे थोड़ा होशियार रहिए…

—अब सवाल आता है कि क्या इसके लिए कोई डाइट प्लान है?
तो बिल्कुल है….आप डीआईपी डाइट को फॉलो कीजिए…
—DIP डाइट में तीन स्टेप हैं…

स्टेप1—12 बजे तक आपको फल खाना है पेट भरकर…अगर आपको इसकी मात्रा पूंछनी है तो अगर कोई व्यक्ति 70 किलो का है तो 700 ग्राम फल खा ले…वहीं अगर कोई व्यक्ति 60 किलो का है तो वो 600 ग्राम फल खा लें यानी आपका बॉडी वेट मल्टीप्लाई 10

स्टेप 2—लंच और डिनर में आप जब भी बैठेंगे 2 प्लेट लेकर बैठेंगे…प्लेट 1 और प्लेट 2 …प्लेट 1 में आपको कच्ची सब्जियां खानी हैं जैसे टमाटर मूली खीरा गाजर और कितनी मात्रा में लेनी हैं आपका बॉडी वेट मल्टीप्लाई 5 और प्लेट 2 में रोटी सब्जी दाल चावल जो भी खाना आप खाते हों…वहीं जानवरों से निकलने वाली चीजें जैसे अंडा है दूध है दही है और पैक्ड फूड इन दो चीजों को आपको छोड़ना होगा…

स्टेप3– आप रोजाना धूप में बैठिए और जब भी धूप में बैठें तो अपने घुटनों को धूप जरुर दिखाइए…और साथ में एलोवेरा का जैल लगाइए..दुकान से नहीं सीधे पौधे से काटकर निकालिए…

ये सभी स्टेप अगर आप लगातार तीन महीने तक फॉलो करते रहेंगे तो 70 प्रतिशत परेशानी आपकी खत्म हो जाएगी…

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