डॉ. बिस्वरुप रॉय चौधरी ने बताईं मानसिक तनाव को कम करने की जबरदस्त ट्रिक्स ?

रिपोर्ट- भारती बघेल

आजकल की भागदौड़ भरी जो जिंदगी है उसमें स्ट्रेस हो जाना एक आम बात बन गई है, तो आज हम यहीं जानेंगे कि स्ट्रेस को कैसे दूर किया जाए…और इस पर विस्तार से जानकारी के लिए हम डॉ. बिस्वरुप रॉय चौधरी जी के पास पहुंचे और स्ट्रेस से जुड़ी सभी जानकारियां ली…तो क्या कहा डॉ. बिस्वरुप रॉय चौधरी ने चलिए हम आपको बताते हैं…

—तो अब पहला सवाल ही ये आता है कि स्ट्रेस क्या है और इसके होने के मुख्य कारण क्या हैं?
इस जवाब में डॉ. बिस्वरुप रॉय चौधरी जी ने कहा कि स्ट्रेस को आप ऐसे समझ सकते हैं जैसे अकेले लगना, डिप्रेशन में जाना,दुखी होना, थकान लगना, कुछ भी करने का मन नहीं करना….इस तरह की चीजें अगर किसी व्यक्ति में दिख रही हैं या आप में दिख रहीं हैं तो कह सकते हैं कि कहीं न कहीं स्ट्रेस का रोल है….आगे उन्होंने कहा कि स्ट्रेस का मतलब अगर हम देखें तो खिंचाव होता है…यानी फिजिकली बॉडी में खिंचाव होता है….उसके बाद डॉ. ने उदाहरण देते हुए समझाया कि मान लो आपके पास कोई पाइप है, उसको अगर हम खिचेंगे तो जो पाइप का डाइमीटर है वो कम होता जाएगा…वहीं ये कंडीशन अगर बॉडी के साथ हो रही है तो इसी को स्ट्रेस कहते हैं…आगे उन्होंने अपनी बात को समझाते हुए कहा कि जैसे मान लो आप किसी को स्ट्रेस में डालना चाहते हैं, तो सबसे आसान तरीका है कि उसे पूरी दुनिया से अलग कर दो….कोई जानवर हो या कोई इंसान हो आप उसे एक कमरे में बंद कर दीजिए..और उसे कुछ देर के लिए कोई भी लिविंग थिंग न दिखे, तो वो एकदम से स्ट्रेस में आ जाएगा…वहीं ये एक्सपेरीमेंट आप खुद पर भी कर सकते हैं …इसके लिए आप खुद को एक रुम में बंद कर लीजिए…जहां से न आपको कोई इंसान दिखाई दे न किसी इंसान की आवाज आपको सुनाई दे…टीवी बगैरा हो कमरे तो कोई बात नहीं लेकिन कोई लाइव इंसान आपको छुए न आपसे बात न करे…कोई दिखे भी न तो आप देखेंगे कि कुछ एक घंटे बाद आपके मन में डिप्रेशन आने लगेगा…जबकि आपको ये पता है कि आपने जानबूझ के खुद को आइसोलेट किया है…

आइसोलेशन चाहें फिजिकली हो जब लोग दूर हैं…या मेंटली हो यानी सबके बीच में रहते हुए भी हम आइसोलेटेड फील कर रहे हैं..उससे बॉडी में खिंचाव होने लगता है…इसी खिंचाव के चलते आपका ब्लड प्रेशर बढ़ने लगेगा…या कुछ कैमिकल चैंजेस आपकी बॉडी में होने लगते हैं जैसे- नाइट्रिक ऑक्साइड का प्रोडक्शन कम हो जाएगा…हिट शोक प्रोटीन उसका प्रोडक्शन कम होने लगेगा…या वैसोप्रेसिन का प्रोडक्शन बढ़ जाएगा…तो कुछ कैमिकल का प्रोडक्शन बढ़ेगा कुछ का घटेगा…इसलिए आपकी जो सोच है उसका फिजियोलॉजिकल ये असर होता है….और जब ब्लड प्रेशर ज्यादा बढ़ा रहता है तो वो हार्ट डिसीज है या किडनी फेलियर जैसी तमाम बीमारियां होने लगती हैं…

—-चलिए अब जानते हैं कि इसका इलाज क्या है?


इसके जवाब देते हुए डॉ. ने कहा कि जो जो इसके कारण हैं अगर उनको हम हटा दें तो उसे इलाज कह देंगे…जैसे कोई आइसोलेशन में है यानी अकेलेपन में…जैसे बूढ़े होने के बाद बच्चे छोड़ कर चले गए…या कोई बात ही नहीं कर रहा है या परिवार में बहुत कम लोग हैं तो जैसे ही उसका अकेलापन…चाहें वो फिजिकल अकेलापन हो या मेंटल अकेलापन हो उसे दूर कर देंगे…डॉ. ने बताया कि हम अपने सेंटर्स में ऐसे पेशेंट को हैंडल भी करते हैं…उनको वो माहौल देते हैं जो उनके स्ट्रेस को दूर करने का काम करता है…वहीं अगर आप ये जानना चाहते हैं कि डॉ. बिस्वरुप अपने सेंटर में पेशेंट्स को कैसे हैंडल करते हैं

—-अब सवाल आता है कि अगर हमें घर पर रहकर ही अगर स्ट्रैस फ्री होना है तो उसके लिए क्या करें ?


इसका जवाब ये मिला कि जो लोग आपके आस-पास हैं, उनको हम बदल नहीं सकते लेकिन अपनी बॉडी के कैमिकल स्ट्रक्चर को हम बदल सकते हैं…इसे बदलने के लिए आपको क्या करना होगा…आप एक बाल्टी लीजिए….उसमें 42 डिग्री सेल्सियस से 45 डिग्री सेल्सियस तक का गर्म पानी रखिए…और उस बाल्टी में अपने दोनों पैरों को डाल दीजिए…और 20 से मिनट तक आप यूंही बैठे रहिए…तो उससे जो वहां के ब्लड वैसल हैं वो फैलने लगेंगे और इससे बॉडी में बहुत सारे कैमिकल बदलाव आएंगे…फिर आप देखेंगे कि बेशक आपके आसपास का माहौल नहीं बदला होगा लेकिन आपको फिर भी अच्छा लग रहा होगा….ये प्रक्रिया आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगी …चाहें आप इसे ब्लड प्रेशर घटाने के लिए कर रहे हों या थकान हटाने के लिए कर रहे हों या स्ट्रेस को भगाने के लिए कर रहे हों…अगर आप ये प्रक्रिया रात में अपनाते हैं तो नींद भी अच्छी आती है…तो इसे आप कीजिए, रिजल्ट आपको खुद दिखेगा…वहीं इस तरह की और टैकनिक भी आप सीख सकते हैं…अब आप पूछेंगे कैसे तो उसके लिए ये विडियो देखिए…
वहीं अगर आप बेस्ट रिजल्ट चाहते हैं तो इस टैक्निक के साथ साथ डीआईपी डाइट भी फॉलो करें वहीं ये डाइट क्या है इसे हम अनगिनत बार नेशनल खबर पर दिखा चुके हैं तो आप वहां से जान सकते हैं….

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