दवा नहीं अच्छा खानपान ही हर बीमारी का इलाज….

रिपोर्ट- भारती बघेल

मनुष्य का शरीर खानपान से बना है …शरीर को स्वस्थ रहने के लिए दवाओं की नहीं बल्कि अच्छे खानपान की जरुरत है…शरीर खुद बीमारियों से लड़ने में सक्षम है..ज्यादा दवाएं शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम कर मर्ज बढ़ा देती हैं..लेकिन वर्तमान में इसके विपरीत हो रहा है..लोग अच्छे भोजन की अपेक्षा दवाओं पर निर्भर हैं इससे पैसे, समय और शरीर तीनों को नुकसान होता है…ये कहना है अप्रेप्रिएट डाइट थेरेपी के संचालक डॉ. एस कुमार का…

—भोजन से हुआ मनुष्य का जन्म
डॉ. कुमार कहते हैं कि मनुष्य का जन्म भोजन से हुआ है…गर्भवती महिला रोजाना सभी तरह के औसतन 3 किलो और 9 माह में करीब 810 किलो खानपान लेती है…इसका 99.8 फीसदी मल-मूत्र के रुप में शरीर के बाहर निकल जाता है…महज 0.2 फीसदी ही ब्लड के जरिए नाड़ी द्वारा शरीर में जाता है..इससे गर्भ विकसित होता, बच्चे के सभी अंग भी विकसित होते हैं…इसका मतलब, शरीर खानपान से बना है, न कि दवाओं से…साइंस ने इनमें 5 पोषक तत्वों जैसे,प्रोटीन, फैट, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, मिनरल्स से पाया है…

—बीमारियों को ठीक करने में सक्षम है शरीर
डॉ. कुमार को हाल में खानपान के संबंध में रिसर्च के लिए गोल्ड मेडल से भी नवाजा गया है..मॉलिक्यूलर एंड सेल थेरेपी विषयक रिसर्च शरीर के मेटाबॉलिक डिसऑर्डर से संबंधित है…इसके लिए डॉ. कुमार ने लोगों के वर्तमान खानपान, न्यूट्रिशियन का अध्ययन किया…उनका कहना है कि भारत में भोजन कल्चरल, इमोशन और परंपरागत है, जबकि शरीर वैज्ञानिक आधार पर काम करता है…लिहाजा डाइट भी वैज्ञानिक ही होनी चाहिए…बॉडी में 3 चीजें जैसे पीएच, तापमान और इम्यूनिटी पहले से निर्धारित है…भोजन के तौर पर हम अधिकांशतौर पर अम्लीय पदार्थ जैसे दूध, नमक, शक्कर, मांस आदि खाते हैं…इससे अंग डैमेज होते है…

—हर समस्या का हल है खानपान
रिसर्च के मुताबिक शरीर की खुद की हीलिंग क्षमता होती है…जिससे शरीर बीमारियों से लड़नें में सक्षम होती है, जिससे शरीर बीमारियों के लड़ने में सक्षम बनता है…किडनी फेल्योर,बीपी, डायबिटीज, कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों का इलाज भी खानपान में छुपा है..यहां तक कि व्यक्ति को घुटने ट्रांसप्लांट की भी जरुरत नहीं है….क्योंकि हमारा आज का खानपान 90 प्रतिशत अम्लीय है…

—-रिसर्च का उद्देश्य
डॉ. कुमार का कहना है, क्या कारण है कि कई दवाएं मौजूद होने के बावजूद एसिडिटी का इलाज नहीं है? भविष्य में भारत डायबिटीज की राजधानी बन जाएगा…अन्य गंभीर बीमारियों से भी ज्यादातर लोग पीड़ित हैं…50 हजार से ज्यादा डॉक्टर मेडिकल प्रोफेशन से हर साल जुड़ते है…अस्पतालों की संख्या भी बढ़ रही है.. बावजूद स्थाई इलाज नहीं मिल सका…दरअसल रिसर्च का उद्देश्य ये बताना है कि हर बीमारी का इलाज शरीर के अंदर मौजूद है…जरुरत सिर्फ खानपान पर ध्यान देने की है..

—-डॉक्टर्स डे पर मिला मेडल
इसी यूनिक रिसर्च के लिए यूनाइटेड नेशन में रजिस्टर्ड अमेरिका के इंटरनेशनल मल्टीडिस्प्लनरी एकेडमिक एंड प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट ने 1 जुलाई 1918 को डॉक्टर्स डे के मौके पर डॉ. कुमार को गोल्ड मेडल प्रदान किया…

—ये है इलाज
डॉ. कुमार के मुताबिक सेल से टिश्यू से आर्गन से सिस्टम और सिस्टम से बॉडी बनती है…अम्लीय पदार्थ के कारण उसमें क्षति होती है…अगर कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त न होने दिया जाए और कोशिकाओं स्तर पर रिपेयर कर दिया जाए, तटो बिना दवा के ठीक हो सकते हैं…

—-देश- दुनिया में 21 शाखाएं
अप्रोप्रिएट खान थेरेपी की नागपुर, मुंबई, बैंगलोर, कोलकाता, नई दिल्ली, गुड़गांव, जयपुर, भोपाल, अमरावती, दुर्ग, कोरबा,चंद्रपुर, रायपुर, अमेरिका के न्यूयॉर्क सहित कुल 21 शाखाएं हैं…यहां बीमारियों से पीड़ितों का खानपान में बदलाव के जरिए शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर इलाज किया जाता है…

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