फोर्टिस हॉस्पीटल में कोविड-19 का ये है उपचार

कोविड -19 का उपचार बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करता है…एसिम्पटोमेटिक या मामूली लक्षण होने पर व्यक्ति को अन्य लोगों से अलग रहना होता है जिसे क्वेरेंटाइन कहा जाता है…ऐसे रोग को फैलने से रोकने के लिए जरुरी है….साथ ही मरीज का लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है…

मध्यम या गंभीर मामलों (सांस लेने में कठिनाई, अधिक बुखार, अधिक जोखिम या स्ट्रोक जैसी माध्यमिक जटिलताएं) में मरीज को सुविधाओं से युक्त अस्पताल में भर्ती कराने की जरुरत होती है…अस्पताल में उन्हें ऑक्सीजन थेरेपी, नेबुलाइजेशन, नस के जरिए तरल देने की दवाईयां दी जाती हैं…साथ ही नाड़ी, रक्तचाप,ऑक्सीजन के स्तर, श्वसन दर और बुखार पर लगातार निगरानी रखी जाती है और मरीज को नियमित रुप से छाती के सीटी स्कैन एवं एक्स-रे किए जाते हैं तथा रक्त की जांच की जाती है…

मरीज की हालत बिगड़ने पर वेंटिलेटर से मरीज को ऑक्सीजन दी जाती है…मरीज के इलाज के दौरान कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए डॉक्टर एवं स्वासथ्य कर्मचारी पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्युपमेंट) पहनते हैं जिससे अंगूठे से लेकर सिर तक पूरा शरीर ढका रहता है…

मरीज को अस्पताल में जो दवाइयां दी जाती हैं वे इस प्रकार है

हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन
आईवरमेक्सिटीन
आरंभिक दस दिनों के लिए रेमडेसिविर इंट्रावेनस या ओरल फैविपिराविर जैसे एंटी वायरल दवाइयां
आरंभिक दस दिनों के लिए प्लाज्मा थिरेपी
मिथाइलप्रेडनिसोलोनया डेक्सामीथासोन जैसे स्टेरॉयड
टॉसिलाजुमाब जैसे इम्यून मॉडुलेटर
हेपरिन या एस्प्रीन जैसी रक्त को पतला करने वाली दवाइयां
ऑक्सीजन थिरेपी के साथ प्रोन वेंटिलेशन
कुछ मरीजों को नॉन इंवैसिव या इनवैसिव वेंटिलेशन की जरुरत हो सकती है

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