ब्लैक फंगस को ब्लैक आउट करने के लिए तैयार है सरकार?

रिपोर्ट- भारती बघेल

हमारा देश भारत चौतरफा परेशानियों से घिर गया है..कहीं कोरोना महामारी से लोगों का गला सूख रहा है तो कहीं ताउते सब तहस नहस कर गया…जहां देखो वहीं समस्या…बात अगर फंगस की करें तो खुद दिन पर दिन कलरफुल हो रहा है मगर लोगों की जिंदगी इसने ब्लैक एंड व्हाइट जैसी कर दी है…कलरफुल मैंने इसलिए बोला क्योंकि पहले ब्लैक फंगस आया…फिर व्हाइट फंगस आया…और अब येलो फंगस आ गया…ये तो वहीं बात हो गई कि सरकारें तो बहुत आईं और गईं मगर समस्या वहीं रही…खैर छोडि़ए हम सीधे आज के मुद्दे पर आते हैं…आज हम आपको ब्लैक फंगस से जुड़ी हर एक जानकारी आपको देंगे…कि ये क्या है? क्या इसके लक्षण हैं?कैसे हम इसका बचाव कर सकते हैं?और क्या सरकार ने अभी तक कदम उठाए हैं?

क्या हैं ब्लैक फंगस के लक्षण?
ब्लैक फंगस से बचने के लिए जरुरी है उससे सतर्क रहना…इसके लिए हमें पता होना चाहिए कि अगर किसी को ब्लैक फंगस हो जाता है तो कैसे इसे पहचानेंगे…क्योंकि जब आपको इसकी पहचान होगी तभी आप समय से डॉक्टर के पास जाकर इसका इलाज करा सकते हैं..इस बीमारी के लक्षण हैं…
—आंखों में लालिमा आना ब्लैक फंगस का लक्षण है…
—आंखों में सूजन आना भी ब्लैक फंगस का ही लक्षण है…
—चेहरे पर एक तरफ सूजन आना…
—पलकों पर सूजन आना…
—मुंह के अंदर भी फंगस का पैच हो सकता है…
—नाक में दिक्कत
—चेहरे के एक हिस्से में सूजन- दर्द
—चेहरे में सुन्नपन
—दांतों का हिलना

अगर ऐसा कोई लक्षण आपको दिख रहा है तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए..इसके साथ ही आप अच्छी डाइट लेकर इम्यूनिटी स्ट्रॉंग करके भी इस लड़ाई से लड़ सकते हैं…और जीत भी सकते हैं..इसलिए इससे घबराने की जरुरत नहीं है…वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये बीमारी पहले भी थी लेकिन लोगों की अच्छी इम्युनिटी के कारण ये असर नहीं कर पाती थी…आज कहीं न कहीं हम अपने खानपान से भटके हैं जिसका असर हमारे शरीर पर साफ दिखने लगा है…इसलिए नेशनल खबर हमेशा आपके स्वास्थ्य को लेकर आपको सचेत करता है…ताकि आप हमेशा स्वस्थ बने रहें…

ब्लैक फंगस ने बरपाया कहर
आज से दो दिन पहले अहमदाबाद से एक केस सामने आया जिसमें एक बच्चा ब्लैक फंगस की चपेट में आ गया…यानी कि इस बीमारी की पकड़ बच्चों पर भी हो गई है…और इसके संक्रमण की वजह और इलाज को लेकर अभी भी कई अस्पताल दुविधा में है…उत्तर प्रदेश से भी ब्लैक फंगस के केस सामने आने लगे हैं..आपको बता दें कि राज्य में 850 एक्टिव केस हैं…90 लोगों की ब्लैक फंगस के चलते मौत भी हो गई है…वहीं राजस्थान सरकार ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है..

क्या कहते हैं रोग विशेषज्ञ?
दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तरप्रदेश, हरियाणा ,तेलंगाना और कर्नाटक खासतौैर पर इस ब्लैक फंगस की मार झेल रहे हैें…ये सिर्फ बड़े लोग तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि बच्चों में भी फैल रहा है…जब हमने इसकी वजह का पता लगाने की कोशिश की तब हमें डॉ. चेतन त्रिवेदी का एक स्टेटमेंट मिला…आपको बता दें कि डॉ. चेतन त्रिवेदी शिशु रोग विशेषज्ञ हैं जिन्होंने एक बड़े चैनल से बात करते हुए कहा कि- आजकल हम देखते हैं कि एडोलेशन एज ग्रुप में जो बच्चे ज्यादा मेजस्वी होते हैं मतलब ओबेस होते हैं..तो वो ज्यादातर 13,14,15,16 साल के बच्चे भी एक एडल्ट की तरह बीहेव करते हैं..तो उनको भी जब कभी कोविड इनफेक्शन होता है उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है…हाई रिस्क जॉन में वो आ जाते हैं..इसी के चलते ये ब्लैक फंगस उनपर अटैक कर देता है..

ब्लैक फंगस से देशभर में सैकड़ों मौते हो रही हैं जिसके चलते लोगों में डर और सरकार की चिंता बढ़ रही है…वहीं देश के प्रधानमंत्री मोदी ने भी ब्लैक फंगस पर चिंता जताई और साथ ही सभी देशवासियों को जागरुक करते हुए कहा कि इससे निपटने के लिए जरुरी सावधानी और व्यवस्था पर ध्यान देना जरुरी है…

ब्लैक फंगस को राज्यों ने घोषित की महामारी
महाराष्ट्र,गुजरात,मध्यप्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है…जिसके बाद ब्लैक फंगस के हर केस को फॉलो किया जा रहा है…लेकिन ब्लैक फंगस की महामारी के बीच सबसे बड़ी चिंता इसके इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन एम्फोटेरिसिन- बी (AMPHOTERICIN- B) की भारी कमी है…ये दुर्लभ बीमारी है जिसकी वजह से अस्पतालों में इसकी दवा की भारी सौटेज है..

दवाइयों की कमी को दूर करने के प्रबंध
केंद्र सरकार ने दवा की कमी के चलते 5 कंपनियों को मंजूरी दी है…आपको बतादें कि देश में 6 दवा कंपनियां पहले से ही एम्फोटेरिसिन- बी इंजेक्शन बना रहीं थीं…जिन्होंने अपना उत्पादन बढ़ाया है..इसके अलावा भारतीय कंपनियों ने एम्फोटेरिसिन- बी इंजेक्शन की 6 लाख डोज के आयात के लिए भी ऑर्डर दिया है…राज्य सरकारों के साथ साथ केंद्र सरकार भी अब ब्लैक फंगल की रोकथाम के लिए एक्शन मोड में आ चुकी है…

ब्लैक फंगस का खतरा किसको ज्यादा है ?
एक्सपर्ट्स सतर्क करते हैं कि…
—-कोरोना के जिन मरीजों को शुरुआत में ही स्टेरॉयड दिए गए उनमें ब्लैक फंगस का संक्रमण हो सकता है…
—-डायबिटीज मरीजों को स्टेरॉयड की बहुत ज्यादा डोज दिए जाने पर भी मरीज को ब्लैक फंगस का संक्रमण हो सकता है..
—अगर एक लंबे समय तक स्टेरॉयड दिए जाएं तो भी ब्लैक फंगस हो सकता है…

ब्लैक फंगस की बीमारी अगर हद से बढ़ जा्ए तो जानलेवा शामिल हो सकती है…इसलिए जरुरी है समय रहते उसका इलाज करवा लें,,,

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