माइग्रेन से लेकर ब्लड प्रेशर तक सब होगा ठीक…जानिए डॉ. बिस्वरुप रॉय चौधरी की धमाकेदार ट्रिक्स

रिपोर्ट- भारती बघेल

आज हम बात करें माइग्रेन पर कि वो किस तरह से बीपी हाई और लो से जुड़ा है..आपको बता देें कि इस समस्या को लेकर नेशनल खबर की रिपोर्टर सोनिया जी डॉ. बीआरसी के पास पहुंची…औऱ इसका समाधान डॉ. बीआरसी से निकलवाया…तो चलिए अब हम आपको ले चलते हैं इस समस्या के समाधान की तरफ…

—पहला सवाल आता है कि माइग्रेन क्या है और ये किस तरह से बीपी हाई और लो से जुड़ा है?
इस पर डॉ. बीआरसी कहते हैं कि माइग्रेन यानी सिर में दर्द…ऐसे पेशेंट्स जिनके सिर के इनर साइड में माइक्रो घाव होता है..और अगर वो किसी भी तरह से ट्रिगर हो जाए..जैसे ब्लड प्रेशर बढ़ जाएगा तो ट्रिगर हो जाएगा…या कोई स्ट्रेस में आ जाएगा तो ट्रिगर हो जाएगा…या कोई एलर्जी रिएक्शन हुआ तो ट्रिगर हो जाएगा…साथ ही आपको बता दें कि ट्रिगर कई सारी चीजों से हो सकता है..जैसे आप लगातार चार- पांच घंटे भूखे रहते हैं तो भी एसिडिटी बनने से ट्रिगर होता है…तो ट्रिगर होते ही माइग्रेन यानी सिर में दर्द होने लगता है…ये लंबे समय तक रहता है…इतना ही नहीं जैसे जैसे समय बीतता जाता है वो दर्द भी बढ़ता जाता है…कुल मिलाकर माइग्रेन कुछ नहीं है बल्कि हैडेक का एक बड़ा रुप आप इसे बोल सकते हैं…

—अब जो दूसरा सवाल आता है वो ये कि आमतौर पर लोगों के आधे सर में दर्द होता है..ये दर्द लेफ्ट साइड भी हो सकता है और राइट साइड भी तो ऐसा क्यों?
इस पर डॉ. बी आर. सी. ने जवाब दिया..इसमें जहां भी माइक्रो घाव होगा…वो घाव किसी के पूरे सिर में हो सकता है…किसी के वो घाव सिर के एक पार्ट में हो सकता है…तो सिर का जो कमजोर पार्ट होगा वहां पर अटैक होगा..इसलिए किसी किसी के आधे सर में दर्द होता है…

—अब एक सवाल ये भी आता है कि इसके कारण क्या क्या हैं?
डॉ. बी.आर.सी. ने बताया कि इसके बहुत सारे रीजन हैं..सारे रिजन ट्रिगर फेक्टर पर डिपेंड करते हैं जैसे–स्ट्रेस…स्ट्रेस एक ट्रिगर फैक्टर है….हाई ब्लड प्रेशर एक ट्रिगर फैक्टर है…एसिडिटी होना भी एक ट्रिगर फैक्टर है…किसी भी वजह से लोग डिप्रेशन में आ जाते हैं तो वो भी एक ट्रिगर फैक्टर है…नींद पूरी न हो पा रही हो वो भी ट्रिगर फैक्टर है..कोई दवा का साइड इफेक्ट भी ट्रिगर है…कोई एलर्जी रिएक्शन हो वो ट्रिगर है…ट्रिगर इंसान की कोई भी कमजोर कड़ी हो सकता है…जब भी बॉ़डी में किसी भी तरह का अटैक आएगा तो सबसे पहले वो ट्रिगर होगा..

—अब सवाल आता है कि ज्यादातर 18 से 30 साल की उम्र में माइग्रेन देखने को मिलता है..ऐसा क्यों ?
इस पर डॉ. बी.आर.सी. ने कहा कि इसका मुख्य कारण लाइफस्टाइल है…अगर हम आज से 10 साल पीछे जाएं और तब की लाइफस्टाइल पर गौर करें तो ये सवाल उठता ही नहीं…और वहीं हम और पीछे चले जाएं तो आपको माइग्रेनव वर्ड भी सुनने को न मिलता…माइग्रेन कोई बीमारी नहीं हैं बल्कि ये सब हमारी लाइफस्टाइल पर डिपेंड करता है…

—वहीं अगले सवाल में पूछा गया कि जो भी माइग्रेन के पेशेंट होते हैं नॉरमली उन्हें बीपी हाई की भी प्रॉब्लम होती है..तो क्या ये बीपी हाई से भी जुड़ा हुआ है या लो से भी जुड़ा हुआ है?
डॉ. बीआरसी ने कहा कि हां ये बीपी हाई से जुड़ा हुआ है..क्योंकि जब बीपी हाई होता है मतलब आपकी बॉडी में ज्यादा स्ट्रेस आ गया..और वहीं जो सबसे कमजोर ऑर्गन होगा वो हार्ट हो सकता है या स्कल हो सकता है या कोई भी पार्ट हो सकता है तो वो ज्यादा इफेक्टेड होगा..तो अगर आपको बीपी हाई है तो आपको माइग्रेन अटैक आ सकता है…वहीं बीपी लो के पेशेंट को भी माइग्रेन अटैक आ सकता है…

—अब सवाल आता है कि इसके बचाव के हमारी डाइट कैसी होनी चाहिए?
डॉ. बीआरसी ने बाताया कि हमारे पूरे दिन की डाइट में 80 परसेंट डाइट फ्रूट्स एंड वेजीटेबल्स की होनी चाहिए..

—अगर किसी माइग्रेन पेशेंट को अटैक का पहला सिमटम आता है तो क्या कोई घरेलू उपाय है?
जैसा कि आप वीडियो में देख पा रहे हैं…डॉ बीआरसी के हाथ में एक छोटी सी कटोरी या बाउल जो भी आप बोलें..तो जैसे ही माइग्रेन अटैक का पहला सिमटम आए..तो जैसा आप वीडियो में देख पा रहे है इतना ही छोटा अदरक का टुकड़ा..3-4 काली मिर्च..दो लौंग..और इतना छोटा दालचीनी का टुकड़ा..इन सबको अच्छी तरह कूटिए…और फिर इसे 100ml पानी में उबालिए…और फिर उस पानी को शिप कर के पीजिए…और ऐसा आप तीन से चार बार कीजिए..आधे आधे घंटे के गैप में …तो ये है घरेलू उपाय जिसका प्रयोग आप कर सकते हैं…

और दूसरी बात जो ध्यान देने की है वो ये कि अगर अगर माइग्रेन के साथ ब्लड प्रेशर है और ब्लड प्रेशर अगर ज्यादा है तो वो क्या करें…जैसा कि विडियो में देख पा रहे हैं…ऐसी एक बाल्टी लीजिए…और इसमें पानी गर्म कीजिए और इतना गर्म कीजिए…जिसमें आफकी स्किन बस जले न और उस पानी में अपने दोनों पैर डालिए…जिस तरह से डॉ. बीआरसी ने दोनों पैर डाले हुए हैं…और करीब 20 मिनट तक उस पैर ऐसे ही रखे रहिए…और जैसे जैसे पानी ठंडा होता जाए..आप क्या कीजिए वो ठंडा पानी एक एक मग करके निकालते जाइए और उसकी जगह एक एक मग गर्म पानी उस बाल्टी में एड करते जाइए…ताकि जो बाल्टी में पानी का टेम्परेचर है वो एक लेवल से नीचे न जाए…वहीं ऐसा 20 मिनट तक करने से आपका 10 यूनिट बीपी डाउन हो जाएगा…

जो बीपी लो के पेशेन्ट्स हैं अगर उनको माइग्रेन अटैक आता है…और अगर वो पेशेंट लॉस ऑफ एनर्जी दिख रहा है साथ में डिप्रेशन में भी दिख रहा है…और बीपी भी लो इंडिकेट कर रहा है…ऐसे में उन्हें क्या करना है…जैसा कि आप वीडियो में देख पा रहे हैं…रॉ कॉफी बीन्स लीजिए…इसको कूटिए..और उसके बाद इसे एक कप पानी में उबाल लीजिए…उबालकर आप इसे शिप कर करके पीना है…ध्यान रखिए इसे बिना छाने पीना है…इसे चाय की तरह पीजिए…ऐसा करने से आपका 10 यूनिट बीपी बढ़ जाएगा…और अगर नहीं बढ़ता है तो यही प्रक्रिया एक घंटे में दोबारा रिपीट कर दीजिए…

तो दोस्तों सबसे पहले तो आप हमें कमेंट करके बताएं कि आपको ये लेख कैसा लगा…इसके साथ ही अगर आप इस लेख की वीडियो देखना चाहते हैं तो आप हमारे यूट्यूब चैनल नेशनल खबर पर जाकर देख सकते हैं…हमारे यूट्यूब चैनल National khabar पर हम भारत के जानेमाने डॉक्टर्स के साथ चर्चा करके आपके लिए सफल और सस्ता इलाज लेकर आते हैं…इसलिए आप भी हमारे नेशनल खबर के परिवार के साथ जुड़िए और खुद को स्वस्थ बनाइए…

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