हार्ट ब्लॉकेज और हार्ट अटैक की बाईपास सर्जरी कितनी सफल? देखिए ये स्पेशल रिपोर्ट

रिपोर्ट- भारती बघेल

नमस्कार….आज हम हार्ट से जुड़ी सभी परेशानियों पर चर्चा करेंगे…और इस पर विस्तार से जानकारी के लिए हमारे चैनल की संवाददाता मीनाक्षी चौहान…डॉ. बिस्वरुप रॉय चौधरी के पास पहुंची और उनसे इस समस्या का समाधान जाना…

—तो अब सबसे पहला सवाल ही ये आता है कि किसी को कैसे पता चले कि उसे दिल की बीमारी है?
इसका जवाब देते हुए डॉ. बिस्वरुप बोले कि इसे छोटी छोटी बातों से समझा जा सकता है जैसे आप सीढ़ियां चढ़ोगे तो आप महसूस करोगे कि आपको हल्का सा डिस्कंफर्ट हो रहा है…या आप जब भी सामान लेकर चलते होगे तो आप महसूस करोगे कि आपको हार्ट में दर्द हो रहा है….वहीं बिना सामान लिए चलोगे तो दर्द नहीं होगा…इसका मतलब हार्ट में दिक्कत है…

—अब सवाल आता है कि क्या किसी भी हार्ट के पेसेंट को एंजियोग्राफी करानी चाहिए?
इसे लेकर डॉ. बीआरसी ने कहा कि हम एंजियोग्राफी हार्ट की प्रॉब्लम को जानने के लिए कराते हैं…कि कितना बलॉकेज है? लेकिन हमें याद रखना चाहिए कि एंजियोग्राफी सुनने में जितना सरल है करवाने में उतना ही खतरनाक है….कई बार इस प्रोसेस के दौरान लोगों की मौत हो जाती है…

—अगला सवाल है कि जैसे किसी मरीज की एंजियोग्राफी हो जाती है तो डॉ. रिकमेंट करते हैं एन्जोप्लास्टी…तो इसे लेकर आप क्या सोचते हैं?
इस पर डॉ. ने राय देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति एंजियोग्राफी कराने जाएगा तो डॉक्टर उसे ले देकर 2-4 ब्लॉकेज दिखा ही देगा…डिपेंड करता है कि वो मरीज कितना अमीर है और डॉ. के हॉस्पीटल को उससे कितने की जरुरत है…these are biswaroop roy chaudhary own views, rest you understand better. what is right and what is wrong for u.national khabar has no role in this? वहीं एंजोप्लास्टी और बाईपास सर्जरी दोनों से बचने की सलाह डॉ. बिस्वरुप रॉय चौधरी जी ने दी….

बचने की सलाह इसलिए दी क्योंकि ये सभी खतरनाक प्रोसेस हैं जहां पर हार्ट को रोककर प्रोसेस पूरा करना पड़ता है…हार्ट को रोककर करना पड़ता है ऐसे में क्या होगा कि हार्ट और ब्रेन का जो बैलेंस होगा वो बिगड़ जाता है…और ऐसे में ब्रेन के कुछ सैल्स जो होते हैं वो मर जाते हैं…और ब्रेन के शैल जब मर जाते हैं तो वो व्यक्ति जब सर्जरी रुम से बाहर आता है तो कई महीनों तक वो एक बुध्दू की तरह दिखता है…यहां पर उन्होंने बिल क्लिंटन का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उनकी बाईपास सर्जरी हुई थी तब की वीडियो देखिए आप उनकी बोलचाल उनके फिजिकल अपीयरेंस में वो एकदम बुध्दू की तरह दिख रहे थे…तो इसी तरह से जिसकी भी बाईपास सर्जरी हुई होगी जिसको आप जानते हों तो आप देखेंगे कि उनका इंटेक्चुअल लेवल कम हो जाता है…

कुल मिलाकर आपके हार्ट की कोई भी स्थिति क्यों न हो आपको इन सर्जरी से बचना चाहिए….

—अब सवाल आता है कि तो ठीक कैसे हों बिना बाईपास सर्जरी के
इस पर डॉ. ने कहा कि बाईपास सर्जरी और एंजोप्लास्टी के बिना ब्लॉकेज हटाने का जो आसान तरीका है जिसे साइंस भी मानता है वो ये है कि अगर बॉडी में नाइट्रिक ऑक्साइड का प्रोडक्शन अगर बढ़ जाए तो एक से तीन महीने के अंदर ही ब्लॉकेज आसानी से खुल सकते हैं… अब सवाल आता है कि नाइट्रिक ऑक्साइड को कैसे बढ़ाया जाए….तो इसका एकमात्र उपाय है डीआईपी डाइट…जिसका जिक्र हमने कई बार नेशनल खबर में किया है…जहां आपको अपनी बॉडी वेट के मुताबिक 12 बजे तक फल खाने हैं…जैसे किसी व्यक्ति का वजन 70 किलोग्राम है तो उसे 700 ग्राम फल खाना है…वहीं लंच और डिनर से पहले आपको कच्ची सब्जियों का सलाद खाना है…अगर कोई 70 किलोग्राम का व्यक्ति है तो उसे 350 ग्राम कच्ची सब्जियों का सलाद लंच में और 350 ग्राम ही कच्ची सब्जियों का सलाद डिनर में खा लेना है…

वहीं डेरी प्रोडक्ट और पैक्ड फूड को आपको छोड़ना होगा…वहीं रोजाना कम से कम 15 मिनट आपको धूप में बैठना होगा…
इतना अगर आप कर लेते हैं तो एक महीने के भीतर ही आपको रिजल्ट दिखने लग जाएगा…आपका अगला सवाल हो सकता है कि आपको पता कैसे चलेगा कि आप ठीक हो रहे हैं तो सिंपल है आप सीढ़ी चढ़िए…सामान उठाकर चलिए…अगर दर्द नहीं हो रहा या किसी भी तरह का डिसकंफर्ट महसूस नहीं हो रहा इसका मतलब आपका ब्लॉकेज खुल गया है…

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