Bhopal में MBBS छात्रा की रहस्यमयी मौत : हॉस्टल के बाथरूम में मिला शव, पास पड़ी थी एसिड की बोतल

Report by : Sakshi Singh, National Khabar

Bhopal : मेडिकल छात्रों की मानसिक सेहत पर फिर उठे सवाल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर मेडिकल छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। भोपाल के प्रतिष्ठित गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) की एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा रोशनी का शव एक निजी पीजी हॉस्टल के बाथरूम में बरामद हुआ है। इस घटना के बाद न सिर्फ कॉलेज परिसर बल्कि पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई है।

Bhopal : कहां और कैसे मिला शव

घटना भोपाल के एक निजी पीजी हॉस्टल की हैं,जहां रोशनी रह रही थी। बताया जा रहा हैं कि वह हाल ही में पढाई के लिए भोपाल आई थी और कुछ दिनों से उसी पीजी में रह रही थी। मंगलवार सुबह जब काफी देर तक वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकली,तो साथ रहने वाली अन्य छात्राओं को शक हुआ।

छात्राओं ने पहले रोशनी को आवाज़ दी और फिर उसके मोबाइल फ़ोन पर कॉल किया,लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद पीजी के गार्ड को सूचना दी गई।

Bhopal : दरवाजा तोड़ते ही सामने आया दिल दहला देने वाला दृश्य

पीजी के गार्ड ने पहले कमरे का दरवाजा तोड़ा और फिर बाथरूम का दरवाजा खोला। जैसे ही दरवाजा खुला,वहां मौजूद सभी लोग सत्र रह गए। रोशनी बाथरूम के फर्श पर बेसुध अवस्था में पड़ी हुई थी।

तुरंत उसे नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया,लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

Bhopal : एसिड की बोतल ने बढ़ाई रहस्यमयता

मामला उस समय और गंभीर हो गया जब पुलिस को बाथरूम में रोशनी के शव के पास ही एसिड की एक बोतल मिली। इस तथ्य ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—

क्या यह आत्महत्या का मामला है?
क्या किसी तरह का दबाव या मानसिक प्रताड़ना थी?
या फिर इसके पीछे कोई और कारण छिपा है?

फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर पहलू की जांच कर रही है।

Bhopal : कौन थी रोशनी?

रोशनी मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले की रहने वाली थी। उसने पिछले साल अक्टूबर 2024 में गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर में दाखिला लिया था। जानकारी के अनुसार, वह मूल रूप से डे-स्कॉलर थी, लेकिन पढ़ाई के दबाव और सुविधा के चलते हाल ही में भोपाल आकर निजी पीजी में रहने लगी थी।

परिवार वालों के मुताबिक, रोशनी पढ़ाई में होनहार थी और डॉक्टर बनने का सपना लेकर मेडिकल कॉलेज में दाखिल हुई थी।

Bhopal : पढ़ाई का दबाव या कुछ और?

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि रोशनी पढ़ाई के तनाव से जूझ रही थी। मेडिकल शिक्षा को देश की सबसे कठिन पढ़ाई में गिना जाता है, जहां पहले ही साल से छात्रों पर भारी मानसिक दबाव रहता है।

हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी यह केवल एक संभावित कारण है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।

Bhopal : पुलिस जांच में क्या-क्या बिंदु शामिल?

भोपाल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। पुलिस निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है—

पोस्टमार्टम रिपोर्ट
एसिड की बोतल कहां से आई
रोशनी के मोबाइल और लैपटॉप की जांच
दोस्तों और सहपाठियों से पूछताछ
हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

Bhopal : परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

रोशनी की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। अलीराजपुर से परिजन भोपाल पहुंचे हैं। परिवार वालों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि वे सच जानना चाहते हैं कि आखिर उनकी बेटी के साथ क्या हुआ।

परिवार का कहना है कि रोशनी ने कभी किसी गंभीर परेशानी का जिक्र नहीं किया था।

मेडिकल छात्रों की मानसिक स्थिति पर बहस तेज

इस घटना के बाद एक बार फिर मेडिकल छात्रों की मेंटल हेल्थ को लेकर बहस शुरू हो गई है। बीते कुछ वर्षों में देशभर से मेडिकल छात्रों की आत्महत्या या संदिग्ध मौतों के कई मामले सामने आ चुके हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि—

मेडिकल कॉलेजों में काउंसलिंग सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत है
छात्रों पर अकादमिक दबाव कम किया जाना चाहिए
हॉस्टल और पीजी में रहने वाले छात्रों की नियमित निगरानी जरूरी है

कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया

गांधी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे और यदि जरूरत पड़ी तो छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता कार्यक्रम को और मजबूत किया जाएगा।

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