Jammu-Kashmir के डोडा में दर्दनाक हादसा

Report by : Sakshi Singh, National Khabar

Jammu-Kashmir :- पहाड़ी सड़क से फिसला सेना का बख्तरबंद वाहन, 10 जवान शहीद, 11घायल

जम्मू :

Jammu-Kashmir के डोडा जिले में गुरुवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में भारतीय सेना के 10 जवान शहीद हो गए,जबकि 11 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब सेना का एक बख्तरबंद ट्रूप करियर पहाड़ी सड़क पर फिसलकर करीब 200 फ़ीट गहरी खाई में जा गिरा। घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी हैं और सेना के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन में भी हड़कंप मच गया।

Jammu-Kashmir:- काउंटर टेरर ऑपरेशन के लिए जा रहा था वाहन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह छह पहियों वाला बख्तरबंद सैन्य वाहन डोडा जिले के ऊपरी इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियान (Counter Terrorism Operation) के लिए जा रहा था। यह इलाका जम्मू क्षेत्र का एक दूरदराज और घने जंगलों वाला क्षेत्र माना जाता है, जहां सुरक्षा बलों की नियमित तैनाती रहती है। वाहन में सवार जवानों को एक विशेष ऑपरेशन के तहत अग्रिम मोर्चे पर भेजा जा रहा था।

Jammu-Kashmir:- खन्नी टॉप के पास हुआ हादसा

हादसा खन्नी टॉप के पास हुआ, जो करीब 9,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित एक पहाड़ी दर्रा है। यह दर्रा भद्रवाह–चंबा अंतरराज्यीय सड़क पर पड़ता है, जो जम्मू-कश्मीर को हिमाचल प्रदेश से जोड़ता है। यह सड़क बेहद संकरी, घुमावदार और जोखिम भरी मानी जाती है, खासकर खराब मौसम के दौरान।

Jammu-Kashmir:- खराब मौसम और फिसलन बनी हादसे की वजह

अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के समय इलाके में मौसम खराब था। तेज़ हवाएं, ठंड और फिसलन भरी सड़क ने हालात को और मुश्किल बना दिया। पहाड़ी रास्ते पर वाहन अचानक अपना संतुलन खो बैठा और सड़क से फिसलते हुए सीधा गहरी खाई में जा गिरा। यह खाई लगभग 200 फीट गहरी बताई जा रही है।

Jammu-Kashmir:- मौके पर ही चार जवानों की मौत

हादसे की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि चार जवानों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बाकी घायल जवानों को तत्काल बचाने की कोशिश की गई, लेकिन गंभीर चोटों के कारण कई जवानों की मौत इलाज के दौरान हो गई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ जवानों ने अस्पताल ले जाते समय और कुछ ने इलाज के दौरान अंतिम सांस ली।

Jammu-Kashmir:- सेना और पुलिस ने तुरंत शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे की सूचना मिलते ही भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। दुर्गम पहाड़ी इलाका और खराब मौसम रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी चुनौती बने। इसके बावजूद जवानों और स्थानीय प्रशासन की मदद से राहत एवं बचाव कार्य तेज़ी से शुरू किया गया।

Jammu-Kashmir:- घायल जवानों को एयरलिफ्ट किया गया

गंभीर रूप से घायल जवानों को तुरंत एयरलिफ्ट कर सेना के नॉर्दर्न कमांड अस्पताल, उधमपुर भेजा गया। अधिकारियों के अनुसार, कम से कम 10 घायल जवानों को हेलिकॉप्टर के जरिए उधमपुर लाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। एक घायल जवान को भद्रवाह कस्बे के उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

Jammu-Kashmir:- व्हाइट नाइट कोर ने दी जानकारी

सेना की व्हाइट नाइट कोर (White Knight Corps) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए हादसे की पुष्टि की। पोस्ट में कहा गया,

“खराब मौसम और बेहद जोखिम भरे पहाड़ी रास्ते पर चलते समय आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन के लिए जा रहा सेना का वाहन फिसल गया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सेना और पुलिस द्वारा तुरंत संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया गया।”

Jammu-Kashmir:- पूरे देश में शोक की लहर

इस हादसे की खबर सामने आते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने का सिलसिला शुरू हो गया है। राजनीतिक नेताओं, रक्षा विशेषज्ञों और आम नागरिकों ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है।

Jammu-Kashmir:- पहाड़ी इलाकों में तैनाती की चुनौतियां

यह हादसा एक बार फिर यह दिखाता है कि जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में सेना की तैनाती कितनी चुनौतीपूर्ण होती है। आतंकवाद विरोधी अभियानों के साथ-साथ जवानों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम की मार का भी सामना करना पड़ता है। संकरी सड़कों, ऊंचे दर्रों और अचानक बदलते मौसम के कारण ऐसे हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है।

जांच के आदेश,कारणों का पता लगाया जाएगा

सेना की ओर से हादसे की अतिरिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि वाहन तकनीकी रूप से ठीक था या नहीं,चालक को पर्याप्त दृश्यता मिल रही थी या नहीं,और क्या सड़क की स्थिति पहले से जोखिमपूर्ण थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शहीदों को सलाम

देश की रक्षा के लिए कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए जवानों को पूरा देश नमन करता हैं। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। यह हादसा दुखद जरूर हैं,लेकिन यह उन जवानों के साहस और समर्पण को भी दर्शाता है, जो हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा के लिए डटे रहते हैं।

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