
Report by : Sakshi Singh, National Khabar
- दिल्ली पुलिस की स्वाट कमांडो काजल चौधरी की दर्दनाक मौत
- घरेलू विवाद बना जानलेवा: पति के हमले से 5 दिन बाद तोड़ा दम
Kajal Chaudhary : घरेलू विवाद बना जानलेवा,पति के हमले से 5 दिन बाद तोड़ा दम
Kajal Chaudhary : नई दिल्ली।देश की राजधानी दिल्ली से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई हैं,जिसने न सिर्फ पुलिस महकमे बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल वेपन्स एंड टैक्टिक्स (SWAT) यूनिट में तैनात 27 वर्षीय महिला कमांडो काजल चौधरी की गंभीर चोटों के चलते मौत हो गई। काजल पर उनके ही पति ने घरेलू विवाद के दौरान बेरहमी से हमला किया था। सिर पर भारी डंबल से किए गए इस हमले के बाद वह पिछले पांच दिनों से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही थीं, लेकिन आखिरकार 27 जनवरी 2026 को उन्होंने दम तोड़ दिया।
Kajal Chaudhary : घर में हुआ हमला, ड्यूटी पर नहीं लौट सकीं काजल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना पश्चिमी दिल्ली के मोहन गार्डन इलाके में स्थित काजल चौधरी के घर में हुई। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। इसी दौरान काजल के पति ने गुस्से में आकर घर में रखे एक भारी डंबल से उनके सिर पर वार कर दिया। वार इतना जोरदार था कि काजल वहीं गिर पड़ीं और बेहोश हो गईं।
परिजन और पड़ोसियों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत को बेहद नाजुक बताया। सिर में गंभीर अंदरूनी चोटें और ब्रेन हेमरेज के चलते उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया।
Kajal Chaudhary : 5 दिन तक जिंदगी से जूझती रहीं, नहीं बच सकी जान
डॉक्टरों की टीम ने काजल को बचाने की हर संभव कोशिश की। कई सर्जिकल प्रक्रियाएं की गईं, लेकिन सिर पर लगी गंभीर चोटें जानलेवा साबित हुईं। आखिरकार 27 जनवरी 2026 को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। काजल की मौत की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।
Kajal Chaudhary : स्वाट कमांडो के रूप में बनाई थी खास पहचान
काजल चौधरी दिल्ली पुलिस की उन चुनिंदा महिला अधिकारियों में शामिल थीं, जो स्वाट कमांडो जैसी विशेष और जोखिम भरी यूनिट में तैनात थीं। उनकी पहचान एक बहादुर, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में थी। सहकर्मियों के मुताबिक, काजल हमेशा मुश्किल हालात में भी डटकर खड़ी रहती थीं और कई अहम ऑपरेशनों में उन्होंने अपनी भूमिका बखूबी निभाई थी।
विडंबना यह है कि जो महिला अपराधियों से मुकाबला करने के लिए प्रशिक्षित थी, वही अपने ही घर में हिंसा का शिकार हो गई।
Kajal Chaudhary : पति हिरासत में, हत्या का मामला दर्ज
काजल की मौत के बाद दिल्ली पुलिस ने उनके पति के खिलाफ हत्या (IPC की धारा 302) का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में घरेलू कलह और निजी विवाद की बात सामने आ रही है, हालांकि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Kajal Chaudhary : महिला सुरक्षा पर फिर खड़े हुए सवाल
यह घटना एक बार फिर महिला सुरक्षा और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों पर सवाल खड़े करती है। खास बात यह है कि पीड़िता कोई आम महिला नहीं, बल्कि खुद कानून की रक्षक थी। अगर एक प्रशिक्षित पुलिस कमांडो अपने ही घर में सुरक्षित नहीं है, तो आम महिलाओं की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े भी बताते हैं कि भारत में घरेलू हिंसा के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में महिलाएं सामाजिक दबाव और डर के कारण शिकायत दर्ज नहीं करातीं।
Kajal Chaudhary : पुलिस विभाग और समाज में शोक की लहर
काजल चौधरी की असमय मौत पर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने गहरा दुख जताया है। विभाग की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, काजल के परिवार को विभागीय सहायता और मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना को लेकर गुस्सा और दुख जाहिर कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे सिस्टम और समाज दोनों की विफलता” बताया है।
Kajal Chaudhary : एक सवाल जो रह गया
काजल चौधरी की मौत सिर्फ एक अपराध की कहानी नहीं है,बल्कि यह हमारे समाज के उस कड़वे सच को उजागर करती है,जहां घरेलू हिंसा अब भी कई ज़िंदगिया लील रही है। यही घटना हमें सोचने पर मजबूर करती हैं कि आखिर कब तक घर की चारदीवारी के भीतर होने वाली हिंसा को नज़रअंदाज़ किया जाता रहेगा।
एक बहादुर स्वाट कमांडो की यह दर्दनाक मौत आने वाले समय में कानून,समाज और परिवार-तीनों के लिए एक चेतावनी हैं कि हिंसा चाहे कहीं भी हो,उसे रोकना अब विकल्प नहीं,बल्कि जरुरत हैं।