डायबिटीज होने पर 90% लोग इन जांचों के बारे में नहीं जानते हैं !

Written By: – Pragya Jha, National Khabar

जब भी ‘डायबिटीज’ शब्द सामने आता है तो ज्यादातर लोग डर जाते हैं। आम आदमी के लिए यह सिर्फ एक बीमारी नहीं बल्कि एक ऐसी स्थिति है जिसे वह जीवनभर ढोने के लिए मजबूर समझता है। मधुमेह के मरीजों के दिमाग में हमेशा यही सवाल घूमता रहता है – क्या खाएँ, क्या न खाएँ? दवा कब तक लेनी होगी? जीवनशैली में क्या-क्या बदलना पड़ेगा? और जब डॉक्टर की सलाह मानने के बावजूद भी सही परिणाम नहीं मिलता तो चिंता और बढ़ जाती है।
लेकिन इन्हीं सोच और धारणाओं के बीच खड़े हैं शोधकर्ता डॉ. एस. कुमार, जिनके पास 45 साल से ज्यादा का अनुभव है। उनका दावा है कि भारत में 90% लोग जिनको डायबिटीज बताया जाता है, वास्तव में उन्हें डायबिटीज होती ही नहीं। उनकी जाँच अधूरी या गलत तरीके से की जाती है। सुनकर हैरानी होती है, पर यही डॉ. कुमार का कहना है – “लोग गलत टेस्ट करवाते हैं और फिर खुद को लाइफटाइम मरीज मान बैठते हैं।”
आख़िर सच क्या है? इसका जवाब आपको डॉ. कुमार के रिसर्च और उनकी पद्धति से मिलता है।
इस रिपोर्ट में हमने एक ऐसे केस को शामिल किया है जो अपने आप में मिसाल है। यह कहानी है एक टाइप-1 डायबिटीज मरीज की। बच्चा इन्सुलिन भी ले रहा था और दवाइयाँ भी, लेकिन हालत जस की तस रही। कोई सुधार न देखकर वह इतना टूट चुका था कि उसने सुसाइड करने तक की कोशिश की।
यहीं से उसकी ज़िंदगी ने करवट बदली। जब उसका इलाज डॉ. एस. कुमार ने शुरू किया तो धीरे-धीरे चमत्कारिक नतीजे सामने आने लगे। वही बच्चा, जो कभी पूरी तरह निराश हो चुका था, आज बिल्कुल सामान्य ज़िंदगी जी रहा है। डॉ. कुमार का मानना है कि डायबिटीज को जिस रूप में आमतौर पर प्रस्तुत किया जाता है, वैसा सच नहीं है। “न तो यह सबको होती है, न यह हमेशा बनी रहती है, और न ही यह असाध्य है। पूरी रिपोर्ट और टेस्ट से जुड़ी असली जानकारी जानने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें

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आइए जानते हैं एस कुमार के बारे में
डॉ. एस कुमार
Appropriate Diet Therapy Centre के संस्थापक हैं।। डॉ. एस कुमार पीएचडी होल्डर होने के साथ-साथसाथ “डॉक्ट्रेट ऑफ लिटरेचर” की डिग्री रसियन यूनिवर्सिटी से प्राप्त कर चुके हैं, साथ ही 3 बार गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे हैं।। डायबिटीज की दुनिया में शोध करने के लिए उन्हें फ्रांस की सीनेट में भारत गौरव अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इतना ही नहीं, डॉ. एस कुमार को लंदन की 200 साल पुरानी पार्लियामेंट में डायबिटीज पर शोध के लिए बेस्ट साइंटिस्ट के अवार्ड से भी नवाजा गया है।

डॉ. एस कुमार अभी तक कई किताबें भी लिख चुके हैं, जिनमें से एक पुस्तक को राष्ट्रपति भवन के पुस्तकालय में स्थान भी दिया गया है। भारत में Appropriate Diet Therapy Centre की 56 से अधिक शाखाएं संचालित हैं। यदि आप भी संपर्क करना चाहते हैं तो दिए गए नंबर पर कॉल करें:: ‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪+91 9372166486‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬

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