दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस; संतों ने दी राष्ट्र को सलामी!

Written By: – National Khabar, Desk News

दिल्ली, 15 अगस्त 2025 — आज प्रातः दिल्ली के भव्य अक्षरधाम मंदिर में स्वतंत्रता दिवस बड़े हर्षोल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सद्गुरु ईश्वर चरण स्वामी जी की पावन उपस्थिति रही, जिनके मार्गदर्शन में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु वंदना और राष्ट्रध्वज के पूजन से हुई। BAPS संस्था (अक्षरधाम संस्थान) के अंतरराष्ट्रीय संयोजक सद्गुरु पूज्य ईश्वरचरण स्वामी जी ने राष्ट्रध्वज फहराकर ध्वज को सलामी दी। इसके साथ ही उपस्थित सभी राष्ट्रगान में सभी सम्मिलित हुए। इसी क्रम में देशभक्ति गीतों और प्रेरणादायी वक्तव्यों ने वातावरण को देशप्रेम से ओत-प्रोत कर दिया। 

आज की विशेष स्वतंत्रता दिवस परेड में सुरक्षा विभाग के स्वयंसेवकों और परिसर में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने भी भाग लिया।  सभी ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।  आज इस विशेष पर्व पर  सद्गुरु ईश्वरचरण स्वामी जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि “आज हम भारत का 79वाँ स्वतंत्रता दिन मना रहे हैं। आज के दिन हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि भारत का हर क्षेत्र में पूर्ण विकास हो। वर्तमान में देश में जो समस्याएँ हैं, उनका शीघ्र निराकरण हो। सभी भारतवासी सुखी रहें। आज के दिन देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देनेवाले अनगिनत देशभक्तों को भी याद करते हैं। आज के दिन हम गुरु योगीजी महाराज को कैसे भूल सकते हैं? वे अपने गुरु शास्त्रीजी महाराज की आज्ञा से भारत की स्वतंत्रता के लिए रोज 25 मालाओं का जाप करते थे । उनकी यह भक्ति और तपश्चर्या भी भारत की स्वतंत्रता के मूल में हैं । इस प्रकार अनेक लोगों के पुरुषार्थ से प्राप्त इस स्वतंत्रता का हम यत्नपूर्वक रक्षण करें ऐसी बुद्धि, शक्ति सभी को प्राप्त हो यही अभ्यर्थना !”

88 वर्ष की आयु में भी स्वामीजी ने देश की सेवा और सम्मान का पर्व ह्रदय से मनाकर सभी को देश की सेवा, नैतिक मूल्यों के पालन और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

आज के इस शुभ अवसर पर अक्षरधाम परिसर में बालकों, युवाओं और महिलाओं, तथा सभी आगंतुकों व श्रद्धालुओं ने तिरंगे के सम्मान में भाग लिया और भारत की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत पर गर्व व्यक्त किया। अंत में प्रार्थना और शांति संदेश के साथ समारोह सम्पन्न हुआ।

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