Delhi : दिल्ली को कैंसर कैपिटल बना रही है भाजपा सरकार

Report by : Sakshi Singh, National Khabar

Delhi : कूड़े के नए पहाड़ों पर AAP नेता सौरभ भारद्वाज का तीखा हमला

नई दिल्ली

Delhi में कूड़ा प्रबंधन और पर्यावरण संकट को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान तेज़ हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा दिल्ली को धीरे-धीरे भारत की “कैंसर कैपिटल” बना रही है। उनका आरोप है कि भलस्वा लैंडफिल साइट का कूड़ा किराड़ी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में डंप कर गरीब और पूर्वांचली समुदाय को जानलेवा बीमारियों की ओर धकेला जा रहा है।

मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा और कहा कि यह केवल कूड़ा प्रबंधन की विफलता नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय अपराध है।

Delhi : भलस्वा का कूड़ा किराड़ी में डालने का आरोप

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भलस्वा लैंडफिल साइट पर कूड़े की मात्रा कम दिखाने के लिए भाजपा सरकार “फर्जीवाड़ा” कर रही है। इसके तहत वहां से कूड़ा हटाकर किराड़ी इलाके में डाला जा रहा है, जिससे नए कूड़े के पहाड़ खड़े हो रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि किराड़ी क्षेत्र में हजारों ट्रक कूड़ा डंप किया जा चुका है। इस कूड़े में प्लास्टिक, केमिकल और जहरीला अपशिष्ट शामिल है, जो पूरे इलाके की जमीन, हवा और भूजल को बुरी तरह प्रदूषित कर रहा है।

Delhi : “पूरे इलाके की हवा, पानी और जमीन ज़हरीली हो रही है”

AAP नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस कूड़े का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा—
“यह कूड़ा ट्यूबवेल के पानी को जहर बनाने के लिए काफी है। जिस पानी को लोग पी रहे हैं, उसी से बीमारियां फैल रही हैं। यह सिर्फ प्रदूषण नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से लोगों को बीमार करने का काम है।”

सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि किराड़ी और आसपास के इलाकों में सांस संबंधी बीमारियां, त्वचा रोग और कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार आंखें मूंदे बैठी है।

Delhi : गरीब और पूर्वांचली आबादी को बनाया जा रहा निशाना

प्रेस वार्ता में सौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार जानबूझकर गरीब और पूर्वांचली बहुल इलाकों को कूड़ा डंपिंग का केंद्र बना रही है।

उनके मुताबिक—
“जहां अमीर इलाकों में एक पत्ता भी गिर जाए तो हंगामा हो जाता है, वहीं गरीब बस्तियों में हजारों टन जहरीला कूड़ा डाल दिया जाता है। यह सामाजिक अन्याय है।”

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों का खामियाजा वही वर्ग भुगत रहा है, जिसकी आवाज़ सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुंचती।

Delhi : एमसीडी में 15 साल का भाजपा शासन, तीन कूड़े के पहाड़

AAP नेता ने दिल्ली नगर निगम (MCD) में भाजपा के लंबे शासन को भी इस संकट का जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कहा कि—
“करीब 15 साल तक एमसीडी में भाजपा की सरकार रही और नतीजा यह हुआ कि दिल्ली को भलस्वा, गाज़ीपुर और ओखला जैसे तीन विशाल कूड़े के पहाड़ मिले, जो आज शहर के लिए कलंक बन चुके हैं।”

उनका कहना था कि भाजपा ने कभी वैज्ञानिक तरीके से कूड़ा निस्तारण की योजना नहीं बनाई, बल्कि बस कूड़े को एक जगह से दूसरी जगह डालती रही।

Delhi : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर भी साधा निशाना

सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि रेखा गुप्ता लंबे समय तक भाजपा की पार्षद रहीं और उस दौरान—

मेयर भाजपा का था
स्टैंडिंग कमेटी भाजपा के नियंत्रण में थी
एमसीडी के बड़े फैसले भाजपा के हाथ में थे

इसके बावजूद कूड़ा प्रबंधन को लेकर कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई।

Delhi : किराड़ी का हाल: बदबू, धूल और बीमारी

AAP नेता ने हाल ही में किराड़ी इलाके के दौरे का ज़िक्र करते हुए कहा कि वहां हालात बेहद भयावह हैं।

उन्होंने बताया—
“पूरे इलाके में इतनी बदबू और धूल है कि थोड़ी देर रुकना भी मुश्किल हो जाता है। बच्चों, बुज़ुर्गों और महिलाओं की हालत सबसे खराब है।”

उनके अनुसार, लोग सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और लगातार बीमारियों से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से न तो कोई सर्वे कराया गया है और न ही कोई राहत योजना चलाई गई है।

Delhi : भाजपा सरकार पर पर्यावरणीय अपराध का आरोप

सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार की नीतियों को पर्यावरणीय अपराध करार देते हुए कहा कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो दिल्ली को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

उन्होंने मांग की कि—
किराड़ी में कूड़ा डंपिंग तुरंत रोकी जाए
भलस्वा लैंडफिल की सच्चाई सार्वजनिक की जाए
प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएं
वैज्ञानिक तरीके से कूड़ा निस्तारण की योजना बनाई जाए

दिल्ली में कूड़ा प्रबंधन का मुद्दा अब सिर्फ प्रशासनिक विपलता नहीं,बल्कि राजनीतिक और मानवीय संकट बनता जा रहा है। आम आदमी पार्टी के आरोपों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या विकास की कीमत गरीबों की सेहत से चुकाई जा रही है।

अब देखना यह होगा कि भाजपा सरकार इन आरोपों पर क्या जवाब देती है और दिल्ली को “कूड़े के पहाड़ों” और “कैंसर कैपिटल” बनने से बचाने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।

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