
Report by : Sakshi Singh, National Khabar
- दिल्ली में कानून-व्यवस्था पर सवाल : बीच बाजार डिलीवरी बॉय की हत्या
- पूर्वी दिल्ली में दिल दहला देने वाली वारदात
Delhi : पूर्वी दिल्ली में दिल दहला देने वाली वारदात
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर अपराध की भयावह तस्वीरें से रूबरू हुई हैं। पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार स्थित आचार्य निकेतन इलाके में रविवार रात एक डिलीवरी बॉय की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात न सिर्फ क्रूरता की हदें पार करती है, बल्कि राजधानी की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी नाबालिग बताए जा रहे हैं।
Delhi : मृतक की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि
मृतक की पहचान 22 वर्षीय अरुण राज के रूप में हुई है। अरुण पेशे से एक डिलीवरी एक्ज़ीक्यूटिव था और पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज इलाके का रहने वाला था। वह अपने परिवार की आर्थिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करता था। परिजनों के मुताबिक अरुण बेहद शांत स्वभाव का था और किसी भी तरह के विवाद से दूर रहता था।
Delhi : घटना की समयरेखा: कैसे हुआ हमला
दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह घटना 2 फरवरी की रात करीब 8:15 बजे की है। पांडव नगर थाना क्षेत्र में पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) को एक कॉल मिली, जिसमें आचार्य निकेतन इलाके में चाकूबाजी की सूचना दी गई। कॉल मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल अरुण राज को तुरंत लाल बहादुर शास्त्री (LBS) अस्पताल ले जाया गया।
Delhi : अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने अरुण को मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शुरुआती जांच में सामने आया कि अरुण के गर्दन और सीने पर कई गहरे चाकू के घाव थे, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी मौके पर ही हालत नाज़ुक हो गई थी।
Delhi : नाबालिगों पर हत्या का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि तीन युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके पर पहुंचे थे। किसी बात को लेकर पहले उनकी अरुण राज से कहासुनी हुई। बहस कुछ ही पलों में हिंसा में बदल गई और आरोपियों ने तेज़ धारदार हथियार से अरुण पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जांच में सामने आया है कि इस हमले में शामिल आरोपी नाबालिग हैं।
Delhi : एक आरोपी हिरासत में, बाकी फरार
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में तेज़ी से कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सटीक जानकारी जुटाई जा सके।
बीच बाजार हुई वारदात से फैली दहशत
यह हत्या किसी सुनसान गली में नहीं, बल्कि रिहायशी और बाजार वाले इलाके में हुई, जिससे स्थानीय लोगों में डर और आक्रोश दोनों है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमला इतना अचानक और खौफनाक था कि लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी फरार हो गए।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने दिल्ली में बढ़ते अपराध, खासकर नाबालिगों में हिंसक प्रवृत्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी कम उम्र में बच्चे चाकू लेकर सड़कों पर कैसे घूम रहे हैं? क्या परिवार, समाज और सिस्टम कहीं न कहीं अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में असफल हो रहे हैं?
डिलीवरी बॉय की सुरक्षा पर बहस
अरुण की हत्या ने डिलीवरी एक्ज़ीक्यूटिव्स की सुरक्षा को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है। देर रात तक काम करने वाले ये युवा अक्सर असुरक्षित हालात में काम करने को मजबूर हैं। न उनके पास सुरक्षा साधन होते हैं और न ही किसी आपात स्थिति में तत्काल मदद की गारंटी।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
अरुण की मौत के बाद उसके परिवार में मातम पसरा हुआ है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है और सरकार से न्याय की गुहार लगाई है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। नाबालिग होने के कारण मामले में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं,बल्कि समाज के लिए एक चेतवानी हैं। बढ़ती बेरोज़गारी,नशा,गलत संगत और सोशल मीडिया का दुरूपयोग युवाओं को हिंसा की ओर धकेल रहा है। अगर समय रहते इस पर निंयत्रण नहीं किया गया,तो ऐसे मामले और बढ़ सकते है।
पूर्वी दिल्ली में डिलीवरी बॉय अरुण राज की हत्या ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि राजधानी में आम आदमी की जिंदगी कितनी असुरक्षित होती जा रही है। जरुरत है सख्त कानून,तेज न्याय और सामजिक जागरूकता की,ताकि भविष्य में किसी और अरुण को अपनी जान न गवानी पड़े।