BJP अध्यक्ष Nitin Nabeen का पहला संबोधन – ‘राजनीति भोग नहीं, त्याग है’

Report by : Sakshi Singh, National Khabar

BJP पार्टी मुख्यालय में पदभार ग्रहण, कार्यकर्ता भावनाओं से जुड़ने पर दिया जोर

BJP:- भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है। नितिन नबीन ने आज पार्टी मुख्यालय में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने पहले संबोधन में स्पष्ट शब्दो में कहा कि राजनीति उनके लिए भोग का साधन नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और सेवा का मार्ग है। अपने भाषण में उन्होंने खुद को एक साधारण कार्यकर्ता बताते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, वरिष्ठ नेताओं और करोड़ो कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

नितिन नबीन का यह संबोधन न सिर्फ भावनात्मक था, बल्कि संगठनात्मक दृष्टि से भी दिशा देने वाला माना जा रहा है। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर, प्रेरणाओं और नेतृत्व से जुड़े अनुभवों को साझा करते हुए यह संदेश दिया कि भारतीय जनता पार्टी की असली ताकत उसका कार्यकर्ता है।

BJP:- ‘मैं एक साधारण कार्यकर्ता हूं- विनम्रता के साथ शुरुआत

अपने संबोधन की शुरुआत मैं नितिन नबीन ने कहा,”आज सबसे पहले मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।आपने मुझ जैसे एक साधारण कार्यकर्ता को पार्टी के इस सर्वोच्च पद तक पहुंचने का अवसर दिया है। इसके लिए मैं आप सभी को नमन करता हूं। “

उन्होंने कहा कि बीजेपी का हर पद सेवा और जिम्मेदारी का प्रतिक है, न कि सत्ता या विशेषाधिकार का। उनके अनुसार,पार्टी की परंपरा रही है कि नेतृत्व जमीन से जुड़ा हो और कार्यकर्ता की भावना को समझे।

BJP:- प्रधानमंत्री मोदी के प्रति कृतज्ञता

नितिन नबीन ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योगदान और नेतृत्व की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हम जैसे साधारण कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

उन्होंने कहा,
“प्रधानमंत्री जी, मैं आपका भी हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। हम जैसे कार्यकर्ताओं ने हमेशा दूर से देखा है कि आप किस तरह राष्ट्र सेवा में निरंतर समर्पित रहते हैं। आपका जीवन हम सबके लिए प्रेरणा है।”

नबीन ने पीएम मोदी के नेतृत्व को सेवा, अनुशासन और जनता से जुड़ाव का आदर्श उदाहरण बताया।

BJP:- सद्भावना मिशन कार्यक्रम का स्मरण

अपने संबोधन के दौरान नितिन नबीन ने गुजरात के आनंद में आयोजित सद्भावना मिशन कार्यक्रम का उल्लेख किया, जिसे उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण अनुभव बताया।

उन्होंने कहा कि जब वह पहली बार राष्ट्रीय महासचिव के रूप में गुजरात गए थे, तब उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को बेहद करीब से देखा।
“मुझे याद है, सद्भावना मिशन कार्यक्रम के दौरान आपने हर व्यक्ति की बात बेहद ध्यान से सुनी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद ग्रीन रूम में आपने भावुक होकर बताया कि इतनी दूर-दूर से लोग क्यों आए थे।”

उन्होंने आगे कहा कि उसी दिन उन्हें यह समझ आया कि एक नेता तभी महान बनता है, जब वह जनता की भावनाओं से सच्चे अर्थों में जुड़ता है।

BJP:- ‘राजनीति भोग नहीं, त्याग और तपस्या है’

अपने भाषण का केंद्रीय संदेश देते हुए नितिन नबीन ने कहा कि राजनीति को सुविधाओं और लाभ का माध्यम समझना गलत है।
“राजनीति भोग नहीं, त्याग और तपस्या का मार्ग है। यहां हर दिन खुद को साबित करना होता है, जनता के विश्वास पर खरा उतरना होता है।”

उन्होंने कहा कि बीजेपी की विचारधारा सत्ता केंद्रित नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज केंद्रित है। यही वजह है कि पार्टी कार्यकर्ता हर परिस्थिति में संगठन के साथ मजबूती से खड़े रहते हैं।

BJP:- वरिष्ठ नेताओं के योगदान का उल्लेख

नितिन नबीन ने अपने संबोधन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं—राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और अमित शाह—के योगदान का विशेष उल्लेख किया।

उन्होंने कहा,
“2006 में जब मैं पहली बार विधायक बना, तब से मैंने देखा है कि राजनाथ सिंह जी किस तरह हर कार्यकर्ता से जुड़ने का प्रयास करते हैं। उनका सादगीपूर्ण नेतृत्व हम सबके लिए सीख है।”

नितिन गडकरी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने संगठन के हर मोर्चे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
“गडकरी जी ने संगठन को आधुनिक सोच और व्यावहारिक दृष्टि दी, जिससे पार्टी और अधिक सशक्त हुई।”

BJP:- अमित शाह के संदर्भ में नबीन ने कहा,

“अमित शाह जी ने हर कार्यकर्ता की चिंता की है। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही है।”

संगठन को मजबूत करने का संकल्प

अपने भाषण के अंतिम हिस्से में नितिन नबीन ने संगठन को और अधिक मजबूत करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पार्टी का फोकस युवाओं, महिलाओं और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचने पर रहेगा।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे आपसी मतभेद भुलाकर संगठन और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें।
“हम सबका लक्ष्य एक है—मजबूत भारत, सशक्त समाज और आत्मनिर्भर राष्ट्र।”

BJP:- नया अध्याय, नई उम्मीदें

नितिन नबीन का यह पहला संबोधन बताता है कि वह नेतृत्व को जिम्मेदारी और सेवा के रूप में देखते हैं। उनके शब्दो में विनम्रता, अनुभव और संगठन के प्रति समर्पण स्पष्ट रूप से झलकता हैं।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल किस दिशा में जाएगा, यह आने वाला समय बताएगा। लेकिन उनके पहले भाषण ने यह संकेत जरूर दे दिया हैं कि पार्टी की परंपराओं, कार्यकर्ता संस्कृति और विचारधारा को केंद्र में रखकर वे आगे बढ़ने का इरादा रखते हैं।

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