
Report by : Sakshi Singh, National Khabar
- सुनेत्रा पवार के उप मुख्यमंत्री बनने पर शरद पवार की प्रतिक्रिया
- अजित पवार का आकस्मिक निधन: घटना और उसका प्रभाव
Sunetra Pawar : अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद बदले हालात, एनसीपी विलय पर विराम,शोकग्रस्त परिवारों के साथ खड़े होने की अपील
Sunetra Pawar : महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गहरे शोक और बड़े बदलाव के दौर से गुज़र रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के संस्थापक शरद पवार ने सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री बनने पर संतोष और खुशी जताई है। यह खुशी व्यक्तिगत होने के साथ-साथ राजनीतिक भी है,लेकिन शरद पवार ने स्पष्ट किया कि इस समय राजनीति उनकी प्राथमिकता नहीं है। उनका कहना है कि सबसे अहम जिम्मेदारी उन परिवारों और लोगों के साथ खड़े होने की है जो इस दुखद घटना से गहरे सदमे में है।
Sunetra Pawar : दरअसल,28 जनवरी की सुबह महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार की पुणे जिले के बारामती एयरपोर्ट पर एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे में मौत हो गयी थी। यह खबर न सिर्फ पवार परिवार बल्कि पूरे राज्य और देश की राजनीति के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई। अजित पवार लंबे समय से महाराष्ट्र राजनीति का एक सशक्त और प्रभावशाली चेहरा रहे है। उनके अचानक चले जानें से जो राजनीतिक और भावनात्मक खालीपन पैदा हुआ,उसे भरना आसान नहीं था।
Sunetra Pawar : इसी पुष्टिभूमि में उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह फैसला कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है—एक ओर यह परिवार के लिए भावनात्मक सहारा है, तो दूसरी ओर राज्य में राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने की कोशिश भी। शरद पवार ने इस मौके पर कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि सुनेत्रा पवार ने जिम्मेदारी संभाली और उस खाली जगह को भरने का साहसिक कदम उठाया, जो अजित पवार के जाने से बनी थी।
Sunetra Pawar : शरद पवार ने अपने बयान में साफ शब्दों में कहा कि इस समय किसी भी तरह की राजनीतिक चर्चा या रणनीति उनकी प्राथमिकता नहीं है। उन्होंने कहा, “फिलहाल, हमारा पूरा ध्यान शोकग्रस्त परिवारों का ख्याल रखने और दुख में डूबे लोगों के साथ मिलकर आगे बढ़ने पर है। अभी किसी भी राजनीतिक फैसले के बारे में कोई बात नहीं हो रही है।” उनके इस बयान को राजनीति से ऊपर मानवीय संवेदना को रखने के रूप में देखा जा रहा है।
Sunetra Pawar : एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चल रही अटकलों पर भी शरद पवार ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि इस विषय पर अजित पवार और जयंत पाटिल के बीच बातचीत जरूर हुई थी, लेकिन यह बातचीत सीमित दायरे में थी। उन्होंने यह भी साफ किया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन चर्चाओं का हिस्सा नहीं थे और उनके साथ इस विषय पर कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई थी।
Sunetra Pawar : शरद पवार ने कहा कि मौजूदा हालात में इस तरह की चर्चाओं को आगे बढ़ाना उचित नहीं है। उनका मानना है कि जब पूरा परिवार और राज्य शोक में डूबा हो, तब राजनीतिक गणनाओं पर चर्चा करना संवेदनशीलता के खिलाफ है। यह बयान यह भी संकेत देता है कि एनसीपी के भीतर किसी भी बड़े राजनीतिक फैसले के लिए अभी समय नहीं चुना गया है।
Sunetra Pawar का उप मुख्यमंत्री बनना केवल एक राजनीतिक नियुक्ति नहीं है, बल्कि इसे एक प्रतीकात्मक कदम के रूप में भी देखा जा रहा है। यह कदम दिखाता है कि पवार परिवार न सिर्फ निजी दुख से जूझ रहा है, बल्कि राज्य की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए भी तैयार है। सुनेत्रा पवार के सामने अब दोहरी चुनौती है—एक ओर व्यक्तिगत शोक, दूसरी ओर राज्य के प्रशासन और राजनीति की जिम्मेदारी।
Sunetra Pawar : राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शरद पवार का यह संतुलित और संवेदनशील रुख उनकी राजनीतिक परिपक्वता को दर्शाता है। उन्होंने न तो जल्दबाजी में किसी विलय या भविष्य की रणनीति पर बयान दिया और न ही सत्ता की राजनीति को प्राथमिकता दी। इसके बजाय, उन्होंने मानवीय मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी को केंद्र में रखा।
महाराष्ट्र की जनता भी इस पूरे घटनाक्रम को भावुक नजरों से देख रही है। अजित पवार का राजनीतिक जीवन संघर्ष, विवाद और उपलब्धियों से भरा रहा। उनके अचानक निधन ने एक ऐसा खालीपन छोड़ा है, जिसे भरने में समय लगेगा। ऐसे में सुनेत्रा पवार का आगे आना न केवल परिवार के लिए, बल्कि उनके समर्थकों के लिए भी एक भावनात्मक सहारा है।
भविष्य को लेकर शरद पवार ने कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है, लेकिन उनके शब्दों से यह साफ है कि आने वाले समय में जब हालात सामान्य होंगे, तब राजनीतिक फैसलों पर विचार किया जाएगा। फिलहाल, संवेदना, एकजुटता और जिम्मेदारी ही उनका मुख्य संदेश है।