
Report by : Sakshi Singh, National Khabar
- DPDP एक्ट के तहत आयु सत्यापन की जरूरत
- बिना डेटा ओवरशेयरिंग के उम्र की डिजिटल पुष्टि
UIDAI : DPDP एक्ट के तहत आयु सत्यापन की बड़ी पहल,बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा
नई दिल्ली।
UIDAI : डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और अहम कदम उठाते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक नया आधार मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप की सबसे बड़ी खाशियत यह है कि इसके जरिए डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP Act) के तहत उम्र की पुष्टि (Age Verification) की जा सकती हैं,वो भी बिना किसी अतिरिक्त निजी जानकारी का साझा किए। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एव सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने ऐप लॉन्च के मौके पर दी।
DPDP एक्ट और आयु सत्यापन की चुनौती
DPDP एक्ट के लागू होने के बाद सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक यह थी कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की उम्र की पुष्टि कैसे की जाए, ताकि बच्चों को आयु-अनुपयुक्त कंटेंट और उत्पादों से दूर रखा जा सके। सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग, ई-कॉमर्स और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर लंबे समय से यह बहस चल रही थी कि उम्र सत्यापन के नाम पर यूजर्स से जरूरत से ज्यादा डेटा मांगा जाता है।
आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि नया आधार ऐप इस समस्या का समाधान पेश करता है।
उनके अनुसार,
“अब आधार ऐप के जरिए आयु-आधारित गेटिंग (Age Gating) बिना डेटा ओवरशेयरिंग के सहज रूप से लागू की जा सकती है।”
UIDAI : स्वीक (Swik) नियमों में संशोधन
सरकार ने इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए आधार ऑथेंटिकेशन फॉर गुड गवर्नेंस (Social Welfare, Innovation, Knowledge) Rules, 2020, जिन्हें स्वीक नियम कहा जाता है, उनमें संशोधन किया है।
इन संशोधनों के बाद अब निजी संस्थाएं भी सुरक्षित आधार प्रमाणीकरण के जरिए सेवाएं प्रदान कर सकेंगी।
इसका मतलब यह है कि होटल, सिनेमा हॉल, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स कंपनियां और अन्य सेवा प्रदाता अब आधार ऐप के जरिए केवल जरूरी जानकारी की पुष्टि कर पाएंगे, बिना आधार नंबर या अन्य संवेदनशील डेटा को संग्रहित किए।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को होगा सीधा फायदा
नया आधार ऐप विशेष रूप से उन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के लिए उपयोगी साबित होगा जो उम्र-आधारित सेवाएं प्रदान करते हैं, जैसे—
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स
ई-कॉमर्स वेबसाइट्स
डिजिटल कंटेंट और स्ट्रीमिंग सेवाएं
इन प्लेटफॉर्म्स को अब बच्चों को उम्र के हिसाब से अनुपयुक्त कंटेंट या उत्पादों से दूर रखने में आसानी होगी। इससे डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा को एक मजबूत आधार मिलेगा।
पेपर आधार की जरूरत होगी कम
UIDAI द्वारा लॉन्च किया गया यह ऐप पेपर या फोटोकॉपी आधार के उपयोग को भी हतोत्साहित करेगा।
अक्सर देखा गया है कि होटल, सरकारी दफ्तर और निजी संस्थाएं पहचान सत्यापन के लिए आधार की फोटोकॉपी मांगती हैं, जो आधार एक्ट के तहत प्रतिबंधित है।
नया ऐप डिजिटल तरीके से पहचान सत्यापन की सुविधा देता है, जिससे—
फोटोकॉपी के दुरुपयोग पर रोक लगेगी
आधार डेटा की सुरक्षा बढ़ेगी
पहचान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी
UIDAI CEO ने गिनाईं ऐप की खास सुविधाएं
UIDAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भुवनेश कुमार ने बताया कि यह ऐप सिर्फ उम्र सत्यापन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आधार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सेवाएं भी शामिल की गई हैं।
ऐप की प्रमुख विशेषताएं
मोबाइल नंबर अपडेट
अब आधार से जुड़े मोबाइल नंबर को अपडेट कराने के लिए आधार केंद्र जाने की जरूरत नहीं होगी। यह सुविधा सीधे ऐप पर उपलब्ध है।
पता अपडेट सुविधा
पता अपडेट की सुविधा पहले से मौजूद थी, जिसे अब और बेहतर बनाकर ऐप में शामिल किया गया है।
डिजिटल पहचान सत्यापन
होटल, सिनेमा हॉल, एयरपोर्ट, इवेंट्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर डिजिटल तरीके से पहचान सत्यापन संभव होगा।
कॉन्टैक्ट कार्ड फीचर
ऐप में एक डिजिटल कॉन्टैक्ट कार्ड दिया गया है, जिससे यूजर्स पेपर विजिटिंग कार्ड की बजाय डिजिटल रूप से संपर्क जानकारी साझा कर सकते हैं।
एक ऐप में पांच प्रोफाइल जोड़ने की सुविधा
नए आधार ऐप की एक और खास सुविधा यह है कि एक ही ऐप में पांच प्रोफाइल जोड़ी जा सकती हैं।
इसका फायदा खासतौर पर—
बच्चों
बुजुर्ग माता-पिता
ऐसे परिवार के सदस्यों को मिलेगा जिनके पास अलग मोबाइल नंबर नहीं है
अब एयरपोर्ट, सिनेमा हॉल या किसी कार्यक्रम में बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए अलग-अलग दस्तावेज ले जाने की जरूरत नहीं होगी।
आधार डेटा स्टोरेज पर सख्त प्रतिबंध
UIDAI ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि आधार एक्ट के तहत किसी भी निजी संस्था को आधार डेटा को किसी भी रूप में संग्रहित करने की अनुमति नहीं है, चाहे वह फोटोकॉपी हो या डिजिटल स्टोरेज।
नया ऐप इस नियम का पूरी तरह पालन करता है और केवल उतनी ही जानकारी साझा करता है जितनी सेवा के लिए जरूरी हो।
डिजिटल इंडिया की ओर एक मजबूत कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि नया आधार ऐप—
डेटा प्राइवेसी को मजबूत करेगा
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करेगा
डिजिटल पहचान सत्यापन को सरल और सुरक्षित बनाएगा
DPDP एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन में यह ऐप एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और आने वाले समय में डिजिटल सेवाओं को और भरोसेमंद बनाएगा।O
UIDAI का नया आधार ऐप न सिर्फ तकनीकी नवाचार है,बल्कि यह डिजिटल अधिकारों,डेटा सुरक्षा और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिहाज़ से भी एक बड़ी पहल है। बिना अतरिक्त डेटा साझा किए उम्र सत्यापन की सुविधा भारत को वैश्विक स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस का एक मजबूत उदाहरण बना सकती है। आने वाले समय में यह ऐप आम नागरिकों से लेकर निजी संस्थाओं तक, सभी के लिए डिजिटल पहचान का भरोसेमंद माध्यम बनने की क्षमता रखता है।