Friday, April 12, 2024
HEALTH

कोलेस्ट्रॉल ह्रदय के लिए नहीं है नुकसान दायक, दूध है ह्रदय का दुश्मन,जाने पूरी जानकारी

रिपोर्ट: – प्रज्ञा झा

इंडियन कॉउन्सिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च और रजिस्टर जनरल के स्टडी के मुताबिक विश्व के 60 % हृदय रोगी भारत में पाए जाते हैं ये एक बड़ी संख्या है। भारत में ह्रदय रोग ने पिछले चाँद दिनों में जितने अपने पैर पसारे हैं हो सकता हैं की किसी और बीमारी में इतना विस्तार ना हो। ह्रदय पूरे शरीर को चलाने का काम करता है, खून बनाने और खून की आपूर्ति नहीं होने देता। लेकिन आज हमारा ह्रदय ही बिमारियों के घेरे में आ चुका है। अधिकतर लोगों को यही लगता है की इसके पीछे मुख्य कारण है कोलेस्ट्रॉल लेकिन ऐसा नहीं है। कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर में पहले ही मौजूद होता है। साथ ही अगर आप तेल का सेवन भी करते हैं तो भी कोलेस्ट्रॉल इतना नहीं बढ़ता जितना शक्कर, मांसाहारी भोजन करने से होता है। साथ ही ये भी ध्यान देने वाली बात है की किसी भी ह्रदय के रोगी को दूध पीने से इंकार किया जाता है ऐसे इसीलिए क्यूंकि दूध प्रवृति में अम्ल होता है और हमारा शरीर मात्र क्षारीय पदार्थ को ही पचा सकता है।

जानकारी के लिए आपको बता दें की जब अम्ल भोजन हमारे शरीर में जाता है तो सबसे पहले लिवर पर प्रभाव पड़ता है और इसके साथ ही जेंतिन ऑक्साइड एंजाइम रिलीज़ होता है जो गाय के दूध में बहुत प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। जैसे ही ये एंजाइम बहार आता है तो ह्रदय में प्लास्मो निजन नाम की सेल जो ह्रदय में पाया जाता है उसे पचा लेते है। इससे बाद जो पार्ट खराब होता है उसपर कोलेस्ट्रॉल की एक परत चढ़ जाती है। साथ ही कैल्शियम भी साथ में ही चिपक जाता है इसके बाद आपको एंजियोप्लास्टी की जरुरत पड़ती है। लेकिन इन सभी चीजों को बिना एंजियोप्लास्टी और बिना बाईपास के भी ठीक किया जा सकता है। जानकारी के लिए आपको बता दें की ये सारी चीजों का खुलासा डॉ और शोधकर्ता डॉ एस कुमार ने किया।
आगे की जानकारी के लिए दिए हुए लिंक पर जाएं

आइए जानते हैं एस कुमार के बारे में
डॉ. एस कुमार Appropriate Diet Therapy Centre के संस्थापक हैं । डॉ. एस कुमार पीएचडी होल्डर होने के साथ साथ “डॉक्ट्रेट ऑफ लिटरेचर” की डिग्री रसियन यूनिवर्सिटी से प्राप्त कर चुके हैं साथ ही 3 बार गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे हैं । डायबिटीज की दुनियां में शोध करने के लिए उन्हें फ्रांस की सीनेट में भारत गौरव अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इतना ही नहीं डॉ. एस कुमार को लंदन की 200 साल पुरानी पार्लियामेंट में डायबिटीज पर शोध के लिए बेस्ट साइंटिस्ट के अवार्ड से भी नवाजा गया है।
डॉ. एस कुमार अभी तक कई किताबें भी लिख चुके हैं, जिनमें से एक पुस्तक को राष्ट्रपति भवन के पुस्तकालय में स्थान भी दिया गया है। भारत में Appropriate Diet Therapy Centre की 56 से अधिक शाखाएं संचालित हैं यदि आप भी संपर्क करना चाहते हैं तो दिए गए नंबर कॉल करें : +91 93721 66486

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *