Wednesday, April 17, 2024
EDITORIAL

ज्ञानवापी पर आये फैसले को कुछ पॉइंट्स में समझिए

रिपोर्ट: प्रज्ञा झा

सोमवार को ज्ञानवापी- श्रृंगार गौरी केस में जिला कोर्ट का बड़ा फैसला आने के बाद मुस्लिम पक्ष में आक्रोश की भावना देखने को मिली है। कोर्ट ने आदेश में कहा है की श्रृंगार गौरी परिसर की पूजा से जुड़ी जो भी याचिकाएं है उन्हे सुनने के योग्य माना है। इस फैसले को हिंदुओं के पक्ष में लिया गया फैसला बताया गया है। आगे भी फैसला आना अभी बाकी है सुनवाई अब 22 सितंबर को होने वाली है। नीचे दिए गए पिक्चर में दिल्ली कोर्ट का फैसला

इस पूरी घटना को कुछ पॉइंट्स में समझिए:-

1. मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज कर, हिंदू पक्ष की यशिका को सुनने योग्य मान लिया गया है।

2. फैसले के बाद पूरे इलाके में धारा 144 लगा दिया गया है। जिससे पूरे इलाके में शांति का माहोल बना रहे।

3. 15 अगस्त 1947 से पहले बने किसी भी धार्मिक स्थल को किसी और धर्म के धार्मिक स्थल में परिवर्तित नहीं किया जाएगा।

4. मुस्लिम पक्ष ये साबित करने में असफल रहा है, की ये मामला श्री काशी विश्वनाथ एक्ट 1983 के अंतर्गत नहीं आता इसलिए इस याचिका को खारिज किया गया।

5. मुस्लिम पक्ष के वकील मोहम्मद समीम ने कहा की वो इस फैसले को लेकर हाईकोर्ट जाएंगे।

6. इस केस की मुख्य याचिका कर्ता दिल्ली की रहने वाली रेखा पाठक है जो की कोर्ट में इस वक्त उपस्थित नहीं थी।

अब खबर विस्तार से।ज्ञान वापी मस्जिद केस कहा से शुरू हुआ?18 अगस्त 2021 को 5 महिलाओं द्वारा एक याचिका दर्ज कराई गई जीएम श्रृंगार गौरी, गणेश और हनुमान जी की पूजा की अनुमति मांगी गई थी। इससे पहले भी श्रृंगार गौरी की पूजा की जाती थी पर महज 1 बार , लेकिन याचिका में मांग की गई रोजाना पूजा की जाएगी। जिससे मुस्लिम पक्ष भड़क गया और इस याचिका को खारिज करने की मांग भी की गई। ज्ञानवापी में जिस जगह मंदिर मिला उसे फवारा बताया गया। बेरहाल अभी श्रृंगार गौरी परिषद को लेकर सुनवाई  ‍की अनुमति दे दी गई है। और मुस्लिम पक्ष द्वारा दी गई दलील को खारिज कर दिया गया।  फैसले को जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश की कोर्ट ने सुनाया है।पूरी खबर को कुछ सवालों से समझिए।


1. कब हुई थी ज्ञानवापी की स्थापना?कहा जाता है की ज्ञानवापी मस्जिद को त्रेता युग में भगवान शिव द्वारा खुद निर्मित किया गया था इस मस्जिद के बीच में एक बड़ा सा हुआ है जिसका नाम ज्ञानवापी था ज्ञान का कुआं इसी में के नाम पर इस मस्जिद का नाम पड़ा। कहा जाता है की ये मस्जिद पहले एक मंदिर था और 1193- 94 में मुस्लिम अकर्मणकारियों ने पुराने और भव्य मंदिरों को तोड़कर वहां पर मस्जिद का निर्माण कराया लेकिन सन् 1585 अकबर के नौ रत्नों में से राजा टोडरमल ने इस स्थान पर भव्य शिव मंदिर बनवाया था परंतु सन् 1669 में इस मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण करवा दिया।

2. क्या थी हिंदू पक्ष की याचिका?ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर 5 महिलाओं ने जिला कोर्ट में याचिका दायर कराई थी, कि उन्हें मां शृंगार गौरी, गणेश जी और हनुमान जी की जो प्रतिमाएं मस्जिद के दूसरे दीवार पर बनी हुई है, उनकी पूजा करने की अनुमति दी जाए पूजा करने की अनुमति पहले भी दी गई थी किंतु  वह सिर्फ 1 दिन की थी।

3. क्या है कहना मुस्लिम पक्ष का?सोमवार को इस फैसले पर आदेश आने के बाद मुस्लिम पक्ष के वकील मारेज उद्दीन सिद्दीकी और मुस्लिम पक्ष काफी ज्यादा भड़का हुआ है मर उद्दीन सिद्दीकी ने यह भी कहा है कि वह इस केस को लेकर हाईकोर्ट में जाएंगे और यह भी कहा गया कि सभी लोग बिक चुके हैं अब वह हाईकोर्ट में इस फैसले को चुनौती देंगे। और अभी मुस्लिम पक्ष दिए गए आदेश को लेकर जांच करेगा या समझने की कोशिश करेगा।

4. वारांशी में हुई धारा 144 लागू।जिला अदालत के फैसले के बाद वाराणसी में धारा 144 लगा दी गई है ।क्योंकि इस बात की आशंका लगाई जा रही हैं, कि इस फैसले से भड़के मुस्लिम पक्ष वाराणसी में दंगे कर सकते हैं। इसी कारण से अगर एक जगह 5 लोगों को देखा गया तो उन्हें पुलिस हिरासत में ले सकती है।

5.मुस्लिम पक्ष की याचिका क्यों खारिज कर दी गई?मुस्लिम पक्षी साबित करने में असफल रहा कि ज्ञानवापी मस्जिद Places of Worship act के तहत आता है। और ये भी कारण था की ज्ञानवापी मस्जिद श्री काशी विश्वनाथ एक्ट के तहत नहीं आता है।

6. हिंदू पक्ष के वकीलों का क्या कहना है।फैसले पर हिंदू पक्ष के वकीलों का कहना है ,कि यह फैसला ऐतिहासिक है । हमें एक मौका मिला है, अपने मंदिरों को वापस लेने का जिन्हें मुगल शासन के दौर में तोड़ दिया गया था और मस्जिद बना लिया गया था। यह हमारी बहुत बड़ी जीत है ।और इस फैसले को भविष्य में याद रखा जाएगा।7. इस फैसले को लेकर असदुद्दीन ओवैसी का क्या कहना है।ए आई एम आई एम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस फैसले पर अपनी राय रखते हुए कहा कि इस तरीके के फैसले से भारत में अब और ज्यादा मुश्किलें बढ़ेंगी और अस्थिरता देखने को मिलेगी दोनों पक्षों के बीच में लड़ाई झगड़े जैसी चीजें भी सामने आएंगी।

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