Wednesday, May 29, 2024
HEALTH

डायबिटीज टाइप- 1 के मरीजों को नहीं लेनी होगी इन्सुलिन !

रिपोर्ट: – प्रज्ञा झा, संवाददाता, नेशनल खबर

मधुमेह जिसे समझाना तो आसान है लेकिन इससे निजात पाना मुश्किल है। ऐसा कहना है लोगों का क्यूंकि उनका मानना है की जिसे एक बार मधुमेह हो गयी वो व्यक्ति इससे कभी निजात नहीं सकता है। मधुमेह में सिर्फ दवाइयां और इन्सुलिन ही नहीं लेनी होती हैं बल्कि अगर इन्सुलिन की मात्रा अधिक होने लगे तो ये आपके जान के लिए भी खतरनाक हो सकता है। डायबिटीज से लोग इसलिए भी डरते हैं की ये बीमारी जब होती है तो ये अपने साथ में कई अन्य बिमारियों को भो लाती है जो आपके शरीर के विभिन्न अंगों को भी अपनी चपेट में लेना शुरुर कर देते है। दरसल जिस व्यक्ति को डायबिटीज है उसमें अंधेपन कि शिकायत और किडनी की समस्या साथ ही स्ट्रोक भी उत्त्पन हो जाती है। डायबिटीज न सिर्फ बुजुर्गों में बल्कि युवाओं में भी तेजी से फेल रही है और कुछ रिपोर्ट के मुताबिक हर साल तकरीबन 2 5 लाख बच्चे डायबिटीज टाइप 1 से ग्रसित हो रहे हैं। इनका इलाज हो पाना मुश्किल सा महसूस होता है क्यूंकि किसी भी डॉक्टर के लिए एक वयस को समझा पाना आसान है लेकिन किसी बच्चे को समझा पाना बहुत ज्यादा मुश्किल है। बच्चों में बढ़ रही डायबिटीज मरीजों कि संख्या के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए विगत दिनों नेशनल खबर कि टीम ने बात कि शोधकर्ता डॉ एस कुमार से और जानने के कोशिश की कि आखिर बच्चों में डायबिटीज कि समस्या क्यों बढ़ रही है ? साथ ही इससे कैसे निकला जा सकता है। डॉ कुमार के मुताबिक डायबिटीज में होने वाले सभी टेस्ट डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स नहीं करा रहे हैं इसकी वजह से डायबिटीज मरीजों कि संख्या का डाटा बढ़ रहा है। डायबिटीज वयस्कों के लिए ही नहीं बच्चों और उनके माता पिता के लिए चुनौती है और इसे सिर्फ तभी हराया जा सकता है जब हम सभी जाँच करें और ऐसा अभी तो फ़िलहाल नहीं होता। डॉ कुमार के दावों और उनके सुझाए गए उपायों को सुनने के लिए दिए हुए लिंक पर जाएं।

आइए जानते हैं एस कुमार के बारे में
डॉ. एस कुमार Appropriate Diet Therapy Centre के संस्थापक हैं । डॉ. एस कुमार पीएचडी होल्डर होने के साथ साथ “डॉक्ट्रेट ऑफ लिटरेचर” की डिग्री रसियन यूनिवर्सिटी से प्राप्त कर चुके हैं साथ ही 3 बार गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे हैं । डायबिटीज की दुनियां में शोध करने के लिए उन्हें फ्रांस की सीनेट में भारत गौरव अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इतना ही नहीं डॉ. एस कुमार को लंदन की 200 साल पुरानी पार्लियामेंट में डायबिटीज पर शोध के लिए बेस्ट साइंटिस्ट के अवार्ड से भी नवाजा गया है।
डॉ. एस कुमार अभी तक कई किताबें भी लिख चुके हैं, जिनमें से एक पुस्तक को राष्ट्रपति भवन के पुस्तकालय में स्थान भी दिया गया है। भारत में Appropriate Diet Therapy Centre की 56 से अधिक शाखाएं संचालित हैं यदि आप भी संपर्क करना चाहते हैं तो दिए गए नंबर कॉल करें : +91 9372166486

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *