पंजाब विधानसभा चुनाव 2022: पंजाब में इस बार झाडू का राज?

रिपोर्ट- भारती बघेल

भारत में पांच राज्यों में 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं जिनमें से पंजाब भी एक है। इस बार ऐसे आसार नहीं दिख रहे कि पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह एक बार फिर पंजाब के कैप्टन बन सकते हैं या वर्तमान मुख्यमंत्री एक बार फिर पंजाब की सियासत पर अपना नाम लिख सकते हैं ।अब आप सोच रहे होंगे कि हम ऐसा क्यों कह रहे हैं? तो चलिए हम आपको इसकी वजह भी बता देते हैं दरअसल इसकी वजह है आम आदमी पार्टी।पंजाब में इस सत्तारुढ़ दल को आम आदमी पार्टी कड़ी टक्कर दे रही है ।

कांग्रेस के हाथ से फिसलता पंजाब?

पंजाब वो राज्य है जहां किसान आंदोलन का असर सबसे ज्यादा है। पंजाब वो राज्य भी बन गया है जहां पर आपसी लड़ाई सब पर भारी है। और पंजाब अब वो राज्य भी बन गया है जहां पर विपक्ष कम अपने ज्यादा बेगाने लगते हैं। इन सभी बातों को देखते हुए ये साफ कहा जा सकता है कि कांग्रेस के लिए 2022 में आने वाला चुनाव भारी पड़ सकता है। लेकिन आपने सुना ही होगा कि जब भी किसी एक को नुकसान होता है तो दूसरे को उसका फायदा होता है और इस बार ये फायदा आम आदमी की पार्टी कोे होगा।

किसानों के मुद्दे पर अकालियों ने बीजेपी से नाता तोड़ लिया लेकिन हाल ही के कुछ सर्वों पर गौर करें तो इसका फायदा अकालियों को मिलता नज़र नहीं आ रहा बल्कि किसानों के खुले समर्थन का फायदा दिल्ली में सरकार चला रही आम आदमी की पार्टी को मिलता दिख रहा है।

पंजाब की जनता को पसंद आ रहा है दिल्ली मॉडल?

कई मीडिया चैनल्स ने पंजाब की जनता से बातचीत की जिसमें लोगों ने साफतौर पर कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में बहुत अच्छा काम किया है। पंजाब की जनता दिल्ली मॉडल को पसंद कर रही है। लोगों का विश्वास है कि जैसे अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली मॉडल बनाया है वैसे ही पंजाब मॉडल बना देंगे। खासतौर पर दिल्ली के शिक्षा और स्वास्थ्य मॉडल से लोग बहुत प्रभावित होते दिख रहे हैं।

पंजाब में आम आदमी पार्टी के वादे पर वादे

पंजाब की सत्ता हांसिल करने के लिए आम आदमी पार्टी एड़ी चोटी का जोर लगाती दिख रही है। आपको बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि अगर पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है तो पंजाब की जनता को 300 युनिट तक मुफ्त बिजली देंगे। साथ ही पंजाब में पूरे 24 घंटे बिजली रहेगी। सरकारी अस्तपाल बनवाए जाएंगे जिसमें मुफ्त इलाज, मुफ्त दवाई लोगों को मिलेगी। छोटी सी बीमारी से लेकर बड़े – बड़े ऑपरेशन तक में भी किसी से एक पैसा नहीं लिया जाएगा।

इतना ही नहीं केजरीवाल इस बात का भी दावा कर चुके हैं कि पंजाब का शिक्षा मॉडल बिल्कुल दिल्ली के शिक्षा मॉडल की तरह बनाएंगे। यानी कि पंजाब के बच्चों को भी बेहतरीन शिक्षा दी जा सकेगी। इसके अलावा पंजाब में 16 हजार मोहल्ला क्लीनिक बनवाने की बात भी केजरीवाल कर चुके हैं। वहीं ऑटो रिक्शा वाले लोगों के साथ भी केजरीवाल ने अलग से मीटिंग की जिसमें सभी ऑटो रिक्शा वालों की समस्याओं को उन्होंने सुना और भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार आते ही सभी की समस्याएं दूर हो जाएंगी।

पंजाब में नकली केजरीवाल से हो जाएं सावधान

अरविंद केजरीवाल ज्यादातर पंजाब के वर्तमान मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर निशाना साधते हुए दिख जाते हैं। असल में इसकी भी एक वजह है और वो वजह ये है कि जो भी वादा अरविंद केजरीवाल करते हैं उसके दो दिन बाद चरणजीत सिंह चन्नी उन्हीं के वादे को दोहराते हुए नज़र आ जाते हैं। जिसके बाद आखिरकार अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की जनता को सावधान करते हुए कहा कि पंजाब मेें एक नकली केजरीवाल घूम रहा है जो सिर्फ मेरे किए वादों को दोहराता है लेकिन करता कुछ नहीं है।

आखिरी में अगर हम निष्कर्ष निकालें तो ये माना जा सकता है कि इस बार आम आदमी पार्टी का पलड़ा पंजाब में भारी है। क्योंकि जब अकाली दल भाजपा से अलग हुआ था तो लोगों का झुकाव एक बार को अकाली दल की तरफ हो गया था लेकिन जिस गति से अकाली दल के नेता भाजपा और कांग्रेस में जा रहे हैं। अभी हाल ही की बात करें तो मनजिंदर सिंह सिरसा भाजपा में शामिल हो गए हैं जो अकाली दल के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे कहीं न कहीं पंजाब की जनता का भरोसा अकाली दल से डगमगाता दिख रहा है। और ये पूरा का पूरा विश्वास आम आदमी पार्टी के खाते में जाता दिख रहा है।

हमेशा से दबदबा बनाये रखने वाली कांग्रेस की पकड़ दिन पर दिन ढीली होती दिख रही है, उसकी वजह पार्टी में पड़ रही फूट है साथ ही यहां अपना ही अपने को गिराने पर तुला हुआ है। और रही बात बीजेपी की तो बीजेपी के सामने पूरा पंजाब का किसान खड़ा है। हालांकि बीजेपी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेकर सत्ता की कुर्सी की राह साफ करने की कोशिश तो की लेकिन एमएसपी पर गारंटी नाम के पत्थर ने उसकी राह पर फुलस्टॉप लगा दिया है।

इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए कहा जा सकता है कि आम आदमी पार्टी के लिए इस बार पूरा मौका है पंजाब की सत्ता को पाने का। बस जरुरत है तो जल्द से जल्द अपना सीएम चेहरा उतारने की। अगर आज भी पंजाब की जनता कांग्रेस को रेस में देख रही है तो सिर्फ इसलिए क्योंकि कांग्रेस के पास चन्नी जैसा सीएम चेहरा है। ग्राउंड जीरो की रिपोर्ट के आधार पर अगर देंखे तो पंजाब की जनता चन्नी को पसंद कर रही है ऐसे में आम आदमी पार्टी को जरुरत है तो चन्नी की टक्कर में जल्द से जल्द एक सीएम चेहरा उतारने की ताकि पंजाब की जनता को चन्नी के अलावा भी एक नए ऑप्शन के बारे में सोचने का वक्त मिल सके।

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