Thursday, April 18, 2024
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संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक हुई, संसद की कार्यवाही स्थगित, 6 लोगों के शामिल होने का अंदेशा

संसद की 22वी पुण्य तिथि दौरान एक बार फिर से लोकसभा की सुरक्षा में काफी बड़ी चूक हुई है। संसद में कुछ भी हो सकता था। दो युवक जीरो hour के दौरान दर्शक दीर्घा से सदन में कूद गए।

written by: Pragya Jha

6 लोगों के शामिल होने का अंदेशा


संसद की सुरक्षा व्यवस्था में काफी बड़ी चूक हुई है। दो युवक दर्शक दीर्घा से कूदकर सदन में पहुंचे। दोनों ने अपने जुटे से कुछ निकला जिससे पीले रंग का धुआं भी आ रहा था।इसे देखकर संसद में अफरा-तफरी का माहौल फैल गया। साथ ही संसद की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। दोनों ही युवकों को सांसदों द्वारा पकड़ लिया गया और जमकर पिटाई की गई। इसके बाद उन्हें सुरक्षा कर्मियों के सुपुर्द कर दिया गया। दोनों युवकों की पहचान मनोरंजन और सागर के तौर पर की गई है। इतना ही नहीं इस पूरे मामले में 6 लोगों के शामिल होने की बात निकल कर आई है। पांच युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन एक युवक अभी फरार हैं। पुलिस अभी उसकी खोज कर रही है।


22 साल पहले हुई यही घटना


संसद की सुरक्षा में पहली बार चूक नहीं हुई है। आज से 22 साल पहले भी कुछ ऐसी ही घटना हुई थी। 22 साल पहले संसद में आतंकवादी हमला हुआ था जिसमें 5 आतंकवादी शामिल थे। इस दौरान 5 जवानों सहित 9 लोगों की मौत हो गई थी। ये आतंकवादी हमला 13 दिसंबर 2001 को हुआ था।


गुरुग्राम में ठहरने की हुई थी व्यवस्था


पुलिस कर्मी और सुरक्षा एजेंसियां इन सभी की तलाश में जुटी हुई हैं। जानकारी के मुताबिक ये सभी गुरुग्राम में रुके हुए थे। इनके ठहरने की व्यवस्था ललित झा नाम के एक व्यक्ति ने की थी। ये 6 लोग एक दूसरे को किसी भी तरह से नहीं जानते थे। लेकिन ये सभी सोशल मीडिया के जरिए मिले थे। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनके मुताबिक वो किसी भी गिरोह या ग्रुप से ताल्लुक नहीं रखते हैं। वो सब गुरुग्राम में मिले और फिर सभी चीजों की साजिश की गई। साथ ही तय दिन पर कौन संसद के अंदर होगा और कौन बहार ये सारा प्लान करने के बाद इसे धरातल पर लेन की कोशिश की गया। इस साजिश में वो सफल भी हो चुके थे लेकिन उन सभी लॉगऑन को गिरफ्तार कर लिया गया है।


जानकारी के बावजूद भी क्यों नहीं लिया गया एक्शन


संसद की सुरक्षा में तो चूक हुई ही है। लेकिन इस बीच में सबसे बड़ा सवाल ये उठता है की आखिर IB (Information Bureau) ने जब दिल्ली पुलिस और तमाम एजेंसियों को इख़्तिलाह किया था फिर भी संसद की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।


कोई रिक्शा चलता है तो कोई करता है सिविल सर्विसेज की तैयारी

जिन दो युवकों को संसद ले अंदर से गिरफ्तार किया है उनकी पहचान मनोरंजन और सागर के तौर पर की गई है। सागर मैसूर से बीजेपी संसद प्रताप सिम्हा के अतिथि के तौर पर आया था। गिरफ़्तारी के बाद पुलिस सागर के घर पहुंची है।सागर का परिवार लखनऊ के आलमबाग में रहता है। सागर की माँ का कहना है की वो गहरा से धरना देने की बात कहकर गया था। सागर इ -रिक्शा चलता है और उसे पीटा कारपेंटर हैं।


वहीँ अगर बात करे नीलम की तो वो हरियाणा की रहने वाली है। साथ ही वो एक सोशल एक्टिविस्ट बताई जा रही है। उसकी सोशल मीडिया प्रोफाइल से इस बात का पता चलता है। उसके भी के मुताबिक वो किसान आंदोलन में भी धरना देने के लिए जाया करती थी। उसकी रुचि राजनीती में काफी है। कुछ समय पहले तक नीलम सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही थी। कुछ दिन पहले वो घर बोलकर वो हॉस्टल से निकल गईं थी।

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