उत्तराखंड

“(Ankita Bhandari)Beti के लिए जान भी चली जाए तो गम नहीं” -Ankita Bhandari की माँ की दर्दभरी गुहार,सरकार से इंसाफ की मांग

Report by :- Sakshi Singh, National Khabar

  • अंकिता भंडारी की माँ की दर्दभरी गुहार
  • अंकिता की कहानी

Ankita Bhandari के लिए देहरादून में छलका माँ का दर्द

Ankita Bhandari:- उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक बेहद भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है,जिसमें अंकिता भंडारी की माँ सोनी देवी अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाती नज़र आ रही है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान और मीडिया से बातचीत में उन्होंने जो कहा,उसने हर किसी की आंखे नम कर दीं। कापती आवाज़ और आंसुओ के बीच उन्होंने साफ शब्दो में कहा कि माता-पिता के लिए सतान से बड़ा इस दुनिया में कुछ भी नहीं होता। अगर बेटी के लिए न्याय की इस लड़ाई में उनकी जान भी चली जाए,तो उन्हें कोई अफसोस नहीं होगा,बस उनकी बेटी को इंसाफ मिलना चाहिए।

“इंसाफ के बिना चैन नहीं”-माँ की दो टूक बात

सोनी देवी ने बेहद मजबूती और साहस के साथ कहा कि यह लड़ाई सिर्फ उनकी बेटी को नहीं,बल्कि हर उस बेटी की है जो सपने देखती है और मेहनत के बल पर आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा की सरकार और प्रसाशन से उनकी एक ही मांग है निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त करवाई। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक उनक बेटी को पूरा न्याय नहीं मिल जाता,तब तक वे चुप नहीं बैठेंगी।

संघर्षो में बीता अंकिता का बचपन

Ankita Bhandari का जीवन आसान नहीं था। उनकी माँ ने बताया कि बचपन से ही अंकिता ने गरीबी और कठिन हालात का सामना किया। परिवार सीमित संसाधनों में जी रहा था, लेकिन इसके बावजूद अंकिता ने कभी हार नहीं मानी। वह पढ़ाई और काम दोनों को लेकर गंभीर थी और अपने परिवार के लिए कुछ करना चाहती थी। कठिन परिस्थितियों में भी उसने मेहनत और ईमानदारी का रास्ता नहीं छोड़ा।

अपने दम पर आगे बढ़ने का सपना

सोनी देवी ने बताया कि उनकी बेटी बहुत मेहनती और आत्मनिर्भर बनने की चाह रखने वाली थी। वह किसी पर बोझ नहीं बनना चाहती थी, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होकर अपने सपनों को साकार करना चाहती थी। वह एक बेहतर भविष्य देख रही थी—अपने लिए भी और अपने परिवार के लिए भी। मां ने कहा कि जब उनकी बेटी की जिंदगी में अच्छे दिन आने वाले थे, जब वह अपने संघर्ष का फल पाने ही वाली थी, तभी उसके साथ यह दर्दनाक घटना हो गई।

अधूरे रह गए सपने

मां की बातों में सबसे ज्यादा दर्द उन अधूरे सपनों का था, जो अंकिता अपने साथ लेकर चली गई। सोनी देवी ने कहा कि उनकी बेटी के कई सपने थे—एक अच्छी नौकरी, परिवार को खुश रखना और समाज में सम्मान के साथ जीना। लेकिन किसे पता था कि उसकी जिंदगी इतनी बेरहमी से छीन ली जाएगी। उन्होंने कहा कि आज उनकी बेटी भले ही इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसके सपनों को न्याय के जरिए जिंदा रखना उनकी जिम्मेदारी है।

माँ की आँखों में आंसू,आवाज़ में हिम्मत

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सोनी देवी की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे, लेकिन उनकी आवाज में कमजोरी नहीं, बल्कि हिम्मत और दृढ़ संकल्प झलक रहा था। उन्होंने कहा कि एक मां के लिए इससे बड़ा दर्द कुछ नहीं हो सकता, लेकिन वह टूटने के बजाय और मजबूत होकर इस लड़ाई को लड़ेंगी। उनकी बातों ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।

सरकार और प्रशासन से बड़ी उम्मीद

सोनी देवी ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार से उम्मीद जताई कि वे इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि सरकार सच के साथ खड़ी होगी और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। उनका कहना था कि न्याय में देरी भी अन्याय के बराबर होती है, इसलिए इस मामले में तेज और पारदर्शी कार्रवाई जरूरी है।

सिर्फ एक परिवार की नहीं,पूरे समाज की लड़ाई

Ankita Bhandari की माँ ने यह भी कहा कि यह मामला सिर्फ उनके परिवार का नहीं है,बल्कि पूरे समाज का है। अगर आज दोषियों को सजा नहीं मिली,तो कल किसी और बेटी के साथ भी ऐसा हो सकता है। उन्होंने समाज से भी अपील की वे इस लड़ाई में उनके साथ खड़े रहें और आवाज़ उठाते रहे,ताकि किसी और माँ को यह दर्द न सहना पड़े।

न्याय ही असली श्रद्वांजलि

सोनी देवी के अनुसार,उनकी बेटी को सच्ची श्रद्वांजलि तभी मिलेगी,जब उसे पूरा न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि मोमबत्तियां जलाना और बातें करना काफी नहीं है,बल्कि सिस्टम को मजबूत करना और अपराधियों को सजा देना जरुरी है। यही Ankita की याद में सबसे बड़ा कदम होगा।

देहरादून में सामने आया यह भावुक वीडियो सिर्फ एक माँ के दर्द की कहानी नहीं है,बल्कि यह सवाल भी उठता है कि क्या हमारी व्यवस्था बेटियों को सुरक्षित और न्याय देने में सक्षम है। अंकिता भंडारी की माँ सोनी देवी की गुहार ने पूरे देश को झकझोर दिया है।

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