सोने की सही पोजीशन सेहत के लिए क्यों जरूरी है? जानिए फायदे और नुकसान

क्या आप जानते हैं कि आपकी सोने की पोजीशन (Sleeping Position) का सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है? गलत पोजीशन में सोने से शरीर में दर्द, थकान और झुर्रियों जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सही पोजीशन में सोना बेहद जरूरी है। तो चलिए जानते हैं कि कौन-सी पोजीशन बेहतर है — करवट लेकर, पेट के बल या सीधा?
Written by Himanshi Prakash, National Khabar
नींद हमारे अच्छे स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन उतनी ही अहमियत सही सोने की पोजीशन की भी है। गलत तरीके से सोने से कई तरह की शारीरिक परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में अक्सर लोग उलझन में रहते हैं कि कौन-सी पोजीशन सबसे बेहतर है — सीधा, पेट के बल या करवट लेकर? आइए जानते हैं कि कौन-सी पोजीशन सबसे सही मानी जाती है और अलग-अलग पोजीशन के फायदे और नुकसान क्या हैं।
करवट लेकर सोना
करवट लेकर सोना सबसे आम और सेहतमंद पोजीशन मानी जाती है। इसके कई फायदे हैं:
- पीठ दर्द से राहत— यह पोजीशन रीढ़ की हड्डी को सही सपोर्ट देती है और पीठ के निचले हिस्से पर दबाव को कम करती है।
- खर्राटों और स्लीप एप्निया में मददगार — जिन लोगों को खर्राटों या स्लीप एप्निया की समस्या होती है, उनके लिए यह पोजीशन बेहतर है क्योंकि इससे एयरवे खुला रहता है।
- प्रेग्नेंसी में फायदेमंद — डॉक्टर गर्भवती महिलाओं को खासतौर पर बाईं करवट सोने की सलाह देते हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और बच्चे तक पोषण आसानी से पहुंचता है।
- पाचन में सुधार — बाईं करवट सोने से पाचन तंत्र को आराम मिलता है और एसिड रिफ्लक्स की समस्या भी कम होती है।
हालांकि, करवट लेकर सोने के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जैसे—
- कंधे और कूल्हे में दर्द— लंबे समय तक एक ही करवट पर सोने से उस तरफ के कंधे और कूल्हे पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है, जिससे दर्द होने लगता है।
- चेहरे पर झुर्रियां— एक ही तरफ सोने से चेहरे की त्वचा पर लगातार दबाव पड़ता है, जिससे झुर्रियां बनने का खतरा बढ़ जाता है। सीधा सोना
सीधा यानी पीठ के बल सोना कई लोगों के लिए आरामदायक होता है। इसके फायदे और नुकसान इस तरह हैं— - रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद — रीढ़ को सीधी और सपोर्टेड पोजीशन में रखता है, जिससे पीठ और गर्दन दर्द कम हो सकता है।
- चेहरे की त्वचा के लिए बेहतर — चेहरा तकिए से नहीं टकराता, जिससे झुर्रियां और पिंपल्स का खतरा घटता है।
- एसिड रिफ्लक्स में राहत — सिर थोड़ा ऊंचा रखकर सोने से एसिडिटी कम हो सकती है।
- खर्राटे और स्लीप एप्निया — जीभ पीछे की ओर खिसक सकती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है।
- प्रेग्नेंसी में नुकसानदेह — पीठ के बल ज्यादा देर तक सोने से ब्लड सर्कुलेशन में दिक्कत आ सकती है।
पेट के बल सोना
यह पोजीशन सबसे कम सलाह दी जाती है, भले ही कुछ लोगों को इसमें आराम मिले। इसके नुकसान ज़्यादा हैं—
- गर्दन और पीठ पर दबाव — गर्दन मुड़ी रहती है और रीढ़ की प्राकृतिक शेप बिगड़ती है, जिससे दर्द हो सकता है।
- त्वचा के लिए हानिकारक — चेहरा तकिए में दबने से झुर्रियां और दाने हो सकते हैं। सबसे अच्छी पोजीशन कौन-सी है?
- आमतौर पर करवट लेकर (खासकर बाईं ओर) सोना सबसे अच्छा माना जाता है।
- यह पोजीशन पीठ दर्द, प्रेग्नेंसी और स्लीप एप्निया जैसी समस्याओं में भी मददगार होती है।
- अगर आप सीधा सोते हैं, तो सिर के नीचे तकिया रखकर एसिडिटी और खर्राटों से बच सकते हैं।
- पेट के बल सोने से जितना हो सके बचें।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या या उपचार से पहले कृपया अपने चिकित्सक या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। नेशनल खबर इस जानकारी की पूर्ण सत्यता, सटीकता या प्रभाव के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं लेता है।