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Somnath स्वाभिमान पर्व : 108 घोड़ों के साथ शौर्य यात्रा में शामिल हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi

Report by :- Sakshi Singh, National Khabar

  • Somnath स्वाभिमान पर्व : प्रधानमंत्री Modi का ऐतिहासिक शौर्य यात्रा में शामिल होना
  • विकास की दिशा में गुजरात
Somnath

Somnath:- शिव भक्ति,वीरता और राष्ट गौरव का अद्भुत संगम बना सोमनाथ

Somnath:- गुजरात के ऐतिहासिक और धार्मिक नगर सोमनाथ में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान शनिवार को एक भव्य और भावनात्मक दृश्य देखने को मिला,जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वय शौर्य यात्रा में शामिल हुए। यह यात्रा उन असंख्य वीर योद्धाओं को समर्पित थी,जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। शिव भक्ति,राष्ट गौरव और वीरता की भावना से ओत-प्रोत यह आयोजन जनमानस के लिए ऐतिहासिक बन गया।

Somnath में शिव भक्तों की उमड़ी भीड़,हाथों में डमरू और जयकारों से गुंजा सोमनाथ

शौर्य यात्रा के दौरान सोमनाथ नगरी हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठी। हज़ारों की संख्या में शिव भक्त हाथों में डमरू केसरिया ध्वज और पांरपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। पूरे मार्ग पर श्रद्धा,भक्ति और उत्साह का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ देश के विभिन हिस्सों से आए श्रद्धांलुओ ने इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनने का सोभाग्य प्राप्तः किया।

Somnath में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस : शौर्य और बलिदान का संदेश

शौर्य यात्रा का मुख्य आकर्षण रहा 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलुस। भारतीय संस्कृति में 108 का विशेष महत्व है और यह संख्या पूर्णता बताया गया। यह जुलुस उन योद्धाओं की स्मिर्ति में निकाला गया,जिन्होंने विदेशी आक्रांताओ के विरुद्ध संघर्ष करते हुए सोमनाथ मंदिर की रक्षा की।

Somnath में प्रधानमंत्री मोदी की सहभागिता ने बढ़ाया आयोजन का गौरव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने गुजरात दौरे के दूसरे दिन इस शौर्य यात्रा में शामिल हुए। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष महत्व प्रदान किया। यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजा किया और भगवान शिव की समृद्धि,शांति और एकता की कामना की।

Somnath मंदिर : आस्था,संघर्ष और पुननिर्माण की गौरवगाथा

सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं,बल्कि भारतीय अस्मिता,आत्मसम्मान और पुनर्जागरण का प्रतिक है। इतिहास साक्षी है कि इस मंदिर पर कई बार विदेशी आक्रांताओं ने आक्रमण किए, लेकिन हर बार भारतीय समाज ने इसे पुनः खड़ा किया। प्रधानमंत्री मोदी अपने संबोधन में इन हमलों, उनके विरुद्ध संघर्ष करने वाले वीरों के बलिदान और राष्ट्र की अडिग आस्था का उल्लेख कर सकते हैं।

Somnath में सरदार वल्लभभाई पटेल का ऐतिहासिक योगदान

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को भी रेखांकित किया। आज़ादी के बाद सरदार पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुननिर्माण की नींव रखी,जो भारत की सांस्कृतिक पुनस्थापना का एक ऐतिहासिक कदम था। यह पुननिर्माण राष्ट के आत्मविश्वाश और स्वाभिमान का प्रतिक बना।

Somnath:- विकास की दिशा में गुजरात : बड़ी घोषणाओं की तैयारी

धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यकर्मो के साथ-साथ प्रधानमंत्री मोदी अपने गुजरात दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दे रहे। कार्येक्रम के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा 14 ग्रीनफ़ील्ड स्मार्ट एस्टेट के विकास की घोषणा किए जाने की संभावना है। यह एस्टेट ऒद्योगिक विकास,रोजगार और आधुनिक बुनियादी को बढ़ावा देंगे।

Somnath:- राजकोर्ट में मेडिकल डिवाइस पार्क का उध्गाटन

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी राजकोर्ट में जीआईडीसी के मेडिकल डिवाइस पार्क का उध्गाटन भी करेंगे। यह पार्क देश को मेडिकल टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल स्थानीय उद्योग को बढ़ावा मिलेगा,बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार और निवेश को भी गति मिलेगी।

Somnath:- महत्मा मंदिर में शाम का कार्येक्रम

अपने व्यस्त कार्येक्रम के तहत प्रधानमंत्री मोदी शाम को महात्मा मंदिर में आयोजित एक अन्य कार्येक्रम में भी शामिल होंगे,जहाँ वे विकास,आत्मनिर्भर भारत और सांस्कृतिक चेतना से जुड़े विषयो पर संबोधन कर सकते है।

Somnath स्वाभिमान पर्व : अतीत से भविष्य तक का सेतु

Somnath स्वाभिमान पर केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारत के गौरवशाली इतिहास,वर्तमान की चेतना और भविष्य की दिशा को जोड़ने वाला सेतु है। शौर्य यात्रा ने यह संदेश दिया कि भारत अपनी आस्था,संस्कृति और वीरता को कभी नहीं भूलता।

प्रधानमंत्री Narendra Modi की सह्भाकिता में आयोजन यह शौर्य यात्रा शिव भक्ति,राष्ट्र स्वाभिमान और विकास का सांस्क्त प्रतिक बनकर उभरी। Somnath की धरती से निकला यह संदेश पूरे देश में गुंजा –
कि भारत न केवल अपने इतिहास पर गर्व करता है,बल्कि उसी गौरव के साथ भविष्य की और से भी अग्रसर है ।

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