डायबिटीज: सच जानें और अपनी आदतें बदलें

Written By: – Pragya Jha, National Khabar
डायबिटीज: सच जानें और अपनी आदतें बदलें
डायबिटीज, जिसे लोग अक्सर “मीठा रोग” कहते हैं, आज के समय की सबसे बड़ी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों में से एक बन चुकी है। बदलते खान-पान, तनाव, और शारीरिक गतिविधियों की कमी ने न सिर्फ इसके मरीजों की संख्या बढ़ाई है, बल्कि इसकी गंभीरता भी बढ़ा दी है।
अक्सर लोग मानते हैं कि डायबिटीज होने का मतलब है जिंदगीभर दवाइयों या इंसुलिन पर निर्भर रहना। कई मरीज तो सालों तक रोजाना 40–50 यूनिट इंसुलिन लेते रहते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति को समझदारी से मैनेज कर, और सही समय पर बदलाव करके, कई मामलों में दवाइयों की निर्भरता कम की जा सकती है।
गलतफहमियों के कारण बढ़ती समस्या
एप्रोप्रियेट डाइट थेरेपी सेंटर के संस्थापक, डॉ. एस कुमार, जो 45 वर्षों से डायबिटीज पर काम कर रहे हैं, का कहना है कि भारत में करीब 90% लोग बिना पूरी जांच के ही दवाइयां या इंसुलिन लेना शुरू कर देते हैं। कई मामलों में, मरीज को यह तक पता नहीं होता कि वास्तव में उसे डायबिटीज है या नहीं। अधूरी जांच और गलत खान-पान इसे और जटिल बना देते हैं।
क्या खाएं, क्या नहीं
डायबिटीज के मरीजों को गेहूं, सफेद चावल, चीनी, तले-भुने और प्रोसेस्ड फूड के सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए। इन चीजों में मौजूद ग्लूकोज़ शरीर में जाकर ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाता है। जब शरीर इस ग्लूकोज़ का उपयोग नहीं कर पाता, तो इंसुलिन रेजिस्टेंस की स्थिति पैदा होती है। इसका कारण है कोशिकाओं के छिद्रों का बंद हो जाना, जिससे शुगर कोशिकाओं के अंदर जाने के बजाय खून में जमा हो जाती है।
समाधान की कुंजी — डाइट और जीवनशैली
दवाओं और इंसुलिन के साथ-साथ, डायबिटीज के नियंत्रण में सबसे बड़ी भूमिका आपकी डाइट और दिनचर्या निभाती है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, और तनाव पर नियंत्रण न सिर्फ ब्लड शुगर को काबू में रखते हैं, बल्कि डायबिटीज से जुड़ी हार्ट, किडनी और नर्व डैमेज जैसी जटिलताओं से भी बचाते हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि सही जानकारी, पूरी जांच, और अनुशासित जीवनशैली अपनाकर डायबिटीज को केवल कंट्रोल ही नहीं, बल्कि कई मामलों में रिवर्स भी किया जा सकता है। इस पूरी रिपोर्ट के बारे में जानने के लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें
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आइए जानते हैं एस कुमार के बारे में
डॉ. एस कुमार Appropriate Diet Therapy Centre के संस्थापक हैं।। डॉ. एस कुमार पीएचडी होल्डर होने के साथ-साथसाथ “डॉक्ट्रेट ऑफ लिटरेचर” की डिग्री रसियन यूनिवर्सिटी से प्राप्त कर चुके हैं, साथ ही 3 बार गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे हैं।। डायबिटीज की दुनिया में शोध करने के लिए उन्हें फ्रांस की सीनेट में भारत गौरव अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इतना ही नहीं, डॉ. एस कुमार को लंदन की 200 साल पुरानी पार्लियामेंट में डायबिटीज पर शोध के लिए बेस्ट साइंटिस्ट के अवार्ड से भी नवाजा गया है।
डॉ. एस कुमार अभी तक कई किताबें भी लिख चुके हैं, जिनमें से एक पुस्तक को राष्ट्रपति भवन के पुस्तकालय में स्थान भी दिया गया है। भारत में Appropriate Diet Therapy Centre की 56 से अधिक शाखाएं संचालित हैं। यदि आप भी संपर्क करना चाहते हैं तो दिए गए नंबर पर कॉल करें:: +91 9372166486