स्वास्थ्य

डायबिटीज पर बड़ा शोध: 90% मरीज असली डायबिटीज के शिकार नहीं!

Written By: – Pragya Jha, National Khabar

डायबिटीज पर बड़ा शोध: 90% मरीज असली डायबिटीज के शिकार नहीं!

मधुमेह यानी डायबिटीज को लेकर एक बड़ा शोध सामने आया है जिसने चिकित्सा जगत को हिला दिया है। इस शोध के मुताबिक, भारत में 90% डायबिटीज के मरीज वास्तव में डायबिटीज से पीड़ित नहीं हैं। जी हाँ, हैरानी की बात है कि जिन लोगों को सालों से डायबिटीज का मरीज समझा जा रहा है, वे महज़ बढ़ी हुई शुगर के शिकार थे।
इन मरीजों ने डॉक्टरों की सलाह पर सालों तक दवाइयाँ और इंसुलिन लीं, लेकिन असलियत ये है कि उनकी जांचें अधूरी थीं। अमूमन तीन टेस्ट— फास्टिंग ब्लड शुगर, पोस्टमील शुगर और HbA1C—के आधार पर ही मरीज को डायबिटीज का टैग दे दिया जाता है। लेकिन ये टेस्ट पूरी सच्चाई नहीं बताते।
विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज का सही पता तभी चलता है जब C-Peptide, इंसुलिन सेंस्टिविटी, और अन्य एडवांस टेस्ट्स भी किए जाएँ। इन जांचों से साफ हो सकता है कि शरीर में इंसुलिन बन ही नहीं रही या फिर इंसुलिन बनने के बावजूद उसका उपयोग सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। अधिकांश मामलों में लोग केवल बढ़ी हुई शुगर के कारण डायबिटीज की दवाइयाँ लेते रहते हैं, जबकि असलियत में उन्हें इन दवाओं की ज़रूरत ही नहीं होती।

Fake Diabetes Experts से सावधान
डायबिटीज से जुड़ा एक और बड़ा सच यह है कि सोशल मीडिया और डिजिटल दुनिया में लोग अधूरी और गलत जानकारियाँ बांट रहे हैं। आजकल हर कोई ऑनलाइन डाइट और हेल्थ टिप्स देने लगा है, लेकिन ये लोग कितने क्वालिफाइड हैं, ये कोई नहीं जानता।
नतीजा ये होता है कि लोग सोशल मीडिया पर पढ़े गए तथाकथित “डायबिटीज डाइट प्लान्स” को फॉलो कर सालों तक नुकसान उठाते रहते हैं। किसी भी डाइट को अपनाने से पहले यह समझना ज़रूरी है कि वह आपकी बॉडी के लिए उपयुक्त है या नहीं। बिना विशेषज्ञ की सलाह के अपनाई गई डाइट से आपकी सेहत और बिगड़ सकती है।
40 साल से अधिक अनुभव रखने वाले शोधकर्ता डॉ. एस. कुमार का कहना है कि सबसे पहले लोगों को अपने खाने के तेल में बदलाव करना चाहिए और ऐसा तेल चुनना चाहिए जिसका स्मोक पॉइंट अधिक हो यानी पकाते समय धुआँ न निकले। साथ ही डायबिटीज मरीजों को फल, दूध और कुछ अन्य खाद्य पदार्थों से परहेज़ करना चाहिए, क्योंकि ये शुगर लेवल को प्रभावित करते हैं।

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आइए जानते हैं एस कुमार के बारे में
डॉ. एस कुमार Appropriate Diet Therapy Centre के संस्थापक हैं।। डॉ. एस कुमार पीएचडी होल्डर होने के साथ-साथसाथ “डॉक्ट्रेट ऑफ लिटरेचर” की डिग्री रसियन यूनिवर्सिटी से प्राप्त कर चुके हैं, साथ ही 3 बार गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे हैं।। डायबिटीज की दुनिया में शोध करने के लिए उन्हें फ्रांस की सीनेट में भारत गौरव अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इतना ही नहीं, डॉ. एस कुमार को लंदन की 200 साल पुरानी पार्लियामेंट में डायबिटीज पर शोध के लिए बेस्ट साइंटिस्ट के अवार्ड से भी नवाजा गया है।

डॉ. एस कुमार अभी तक कई किताबें भी लिख चुके हैं, जिनमें से एक पुस्तक को राष्ट्रपति भवन के पुस्तकालय में स्थान भी दिया गया है। भारत में Appropriate Diet Therapy Centre की 56 से अधिक शाखाएं संचालित हैं। यदि आप भी संपर्क करना चाहते हैं तो दिए गए नंबर पर कॉल करें:: ‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪+91 9372166486‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬

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