Delhi विधानसभा में 4 घंटे पहले जबरदस्त हंगामा : प्रदूषण के मुद्दे पर बवाल, AAP विधायक मार्शल आउट

Report by :- Sakshi Singh, National khabar
- Delhi विधानसभा में हंगामा
- सदन में उठे मुद्दे

शुक्रवार को Delhi में विधानसभा सत्र के दौरान बिगड़ा माहौल,कार्यवाही बाधित
Delhi विधानसभा सत्र में शुक्रवार को उस समय जबरदस्त हंगामा देखने को मिला,जब प्रदूषण जैस गंभीर और जनहित से जुड़े मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई। चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने नारेबाजी और शोर-शराबा शुरू कर दिया,जिससे सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। हालात इतने बिगड़ गए कि विधानसभा अध्यक्ष को सख्त कदम उठाना पड़ा और दो AAP विधायकों को सदन से बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा।
प्रदूषण पर चर्चा शुरू होते ही सदन में नारेबाजी
जैसे ही विधानसभा में दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण स्तर पर चर्चा की शुरुआत हुई ,आम आदमी पार्टी के कुछ विधायक अपनी सीटों से खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। शोर-शराबे के कारण सदन में कोई भी सदस्य अपनी बात ठीक से नही रख पा रहा था। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोक भी देखने को मिली।
अध्यक्ष द्वारा कई बार शांति बनाए रखने की अपील के बावजूद हंगामा नहीं थमा,जिससे सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया।
अध्यक्ष का सख्त रुख,दो AAP विधायक मार्शल आउट
लगातार व्यवधान और नियमों की अवहेलना को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार जरनैल सिंह को मार्शल आउट कर सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया। मार्शलों के जरिए दोनों विधायकों को सदन से बाहर ले जाया गया।
अध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध का अधिकार सभी को है,लेकिन सदन कि मर्यादा बनाए रखना भी उतना ही जरुरी है।
प्रदूषण जनहित का मुद्दा,गंभीरता जरुरी : विधानसभा अध्यक्ष

विधायकों को बाहर निकाले जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन के सभी सदस्यों से अपील की कि प्रदूषण एक बेहद गंभीर और जनहित से जुड़ा मुद्दा है। इस पर राजनीति से ऊपर उठकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता प्रदूषण से परेशांन है और सदन का कर्तव्य है कि इस पर ठोस समाधान निकाले जाएं।
अध्यक्ष ने साफ शब्दो में कहा कि हंगामे के जरिए किसी भी समस्या का समाधान नहीं निकल सकता।
विपक्षी नेता विजेंद्र गुप्ता की मौजूदगी में चला सदन
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता सदन में मौजूद रहे। अध्यक्ष ने उनकी मौजूदगी में भी बार-बार सदस्यों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की, ताकि प्रदूषण जैसे बड़े मुद्दे पर सार्थक चर्चा पूरी की जा सके।
हालांकि हंगामे के कारण चर्चा प्रभावित जरूर हुई, लेकिन अध्यक्ष ने कार्यवाही को पटरी पर लाने की पूरी कोशिश की।
बीजेपी विधायक सतीश उपाध्याय ने उठाया गंदे पानी का मुद्दा
सदन की कार्यवाही के दौरान मालवीय नगर से बीजेपी विधायक सतीश उपाध्याय ने अपनी विधानसभा क्षेत्र की गंभीर समस्या को उठाया। उन्होंने कहा कि मालवीय नगर इलाके में लोगों को गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ते जा रहे हैं।
सतीश उपाध्याय ने बताया कि मस्जिद मोठ, खिड़की, हौजरानी और बेगमपुर जैसे इलाकों में लंबे समय से गंदे पानी की शिकायतें मिल रही हैं।
पिछली सरकार की गलत नीतियों का नतीजा: सतीश उपाध्याय
बीजेपी विधायक सतीश उपाध्याय ने आरोप लगाया कि यह समस्या पिछली सरकार की गलत नीतियों और लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने कहा कि समय रहते अगर बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान दिया गया होता, तो आज लोगों को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
उन्होंने मांग की कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए तुरंत ठोस कदम उठाए, ताकि जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
प्रदूषण और पानी—दिल्ली के दो बड़े संकट

दिल्ली पहले से ही प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है। वायु प्रदूषण के साथ-साथ अब पानी की गुणवत्ता भी एक बड़ा सवाल बनती जा रही है। विधानसभा में उठे ये दोनों मुद्दे यह साफ दर्शाते हैं कि राजधानी को बुनियादी सुविधाओं के मोर्चे पर ठोस और त्वरित समाधान की जरूरत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन समस्याओं का समाधान केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि ठोस नीति और जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन से संभव है।
हंगामे से बाधित हुई जनहित की चर्चा
सदन में हुए हंगामे के कारण प्रदूषण जैसे अहम मुद्दे पर होने वाली चर्चा प्रभावित हुई। यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या राजनीतिक टकराव के चलते जनहित के मुद्दे पीछे छूट जाते है।
लोकतंत्र में विरोध जरुरी है,लेकिन सदन की गरिमा बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है।
दिल्ली विद्यानसभा में हुआ यह घटनाक्रम एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि लोकतांत्रिकः संस्थानो में सयम और संवाद कितना जरुरी है। प्रदूषण और स्वव्छ पानी जैसे मुद्दे सीधे जनता के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़े है।
ऐसे में जरुरी है कि सभी राजनीतिक दल आपसी मदभेदों से ऊपर उठकर,शांति और गंभीरता के साथ इन समस्याओं का समाधान तलाशे,ताकि दिल्ली की जनता को वास्तविक राहत मिल सके।







