‘परीक्षा पे चर्चा’ मिला ऐतिहासिक रेस्पॉन्स,3 करोड़ से अधिक लोगों ने कराया पंजीकरण

Report by : Sakshi Singh
नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय वार्षिक संवाद कार्येकर्म ‘परीक्षा पे चर्चा’ को इस वर्ष भी अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिल रही हैं।कार्येक्रम के नौवें संस्करण के लिए अब तक 3 करोड़ से अधिक छात्र, शिक्षक और अभिभावक पंजीकरण करा चुके है,जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड माना जा रहा है। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार,यह आंकड़ा छात्रों और अभिभावकों के बीच इस पहल कि बढ़ती लोकप्रियता और विश्वास को दर्शाता है।
छात्रों के तनाव को कम करने की पहल
‘परीक्षा पे चर्चा’ का उद्देश्य बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के मन में होने वाले तनाव को कम करना और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा की तयारी के लिए प्रेरित करना हैं। इस कार्येक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी छात्रों से सीधे संवाद करते हैं और पढ़ाई समय प्रबंधन,मानसिक स्वस्थ्य और जीवन मूल्यों से जुड़े विषयो पर मार्गदर्शन देते हैं। यही कारण है कि हर साल इस कार्येक्रम में भाग लेने की होड़ देखने को मिलती है।
तीन करोड़ से ज्यादा रजिस्ट्रेशन
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई की मुताबिक,शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष अब तक तीन करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके है।यह संख्या पिछले सभी संस्करणों की तुलना में अधिक है। अधिकारी के अनुसार,”परीक्षा पे चर्चा छात्रों,शिक्षकों और अभिवाको के लिए सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं,बल्कि एक प्रेरणादायक मंच बन चूका है,जहां वे प्रधानमंत्री से सीधे जुड़ने का अवसर पाते है।”
प्रतिभागियों के चयन के लिए ऑनलाइन प्रतियोगता
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार,कार्यक्रम में प्रतिभागियों के चयन के 1 दिसंबर से 11 जनवरी तक MyGov पोर्टल पर एक ऑनलाइन प्रतियोगता आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगता बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) शामिल है,जिनका उदेश्य छात्रों की सोच,दृष्टिकोण और समझ को परखना है। इस प्रतियोगता के माध्यम से चुने गए प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री से सीधे संवाद करने का अवसर मिलेगा।
कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों का मौका
इस ऑनलाइन प्रतियोगता में कक्षा 6 से 12 तक के छात्र,साथ ही शिक्षक और अभिभावक भी भाग ले सकते है। शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों और माता-पिता की भागीदारी से शिक्षा से जुड़े सभी पक्षों की सोच और अनुभव सामने आते है,जिससे कार्यक्रम और अधिक सार्थक बनता है।
इस महीने के अंत में होगा कार्यक्रम
मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार,’परीक्षा पे चर्चा’का आयोजन इस महीने के अंत में किया जाएगा।कार्यक्रम को देशभर के छात्र टीवी,रेडियो और डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से भी देख सकेंगे। हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री छात्रों को परीक्षा को जीवन का एक पड़ाव मानने और असफलता से डरने के बजाय उससे सीखने का संदेश देंगे।
शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ जैसे कार्यक्रमों से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आया है। छात्रों में परीक्षा को लेकर भय कम हुआ है और वे मानसिक रूप से अधिक मजबूत महसूस कर रहे है। अभिभावकों को भी यह समझने का मौका मिलता है कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उन्हें सहयोग और प्रेरणा की जरुरत होती है।







