उत्तर प्रदेश

Magh Mela 2026 : मकर संक्राति पर शुभ स्नान का महासयोग,जानिए शुभ समय,महत्व और धार्मिक मान्यताए

Report by :- Sakshi Singh, National Khabar

माघ मेला 2026 : आस्था,तप और पुण्य का महापर्व

Magh Mela 2026:- प्रयागराज में आयोजित होने माघ मेला 2026 भारतीय सनातन परंपरा का एक अत्यंत पावन और आध्यात्मिक आयोजन है। यह मेला न केवल गंगा,यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर आस्था की डुबकी लगाने का अवसर देता है बल्कि साधना,त्याग,दान और तप के माध्यम से आत्मिक शुद्धि का मार्ग भी प्रशस्त करता है। इस वर्ष माघ मेला करीब 45 दिनों तक चलेगा,जिसमें लाखों-करोड़ो श्रदालु देश-विदेश से प्रयागराज पहुंचेंगे।

माघ मेले का सबसे प्रमुख और पुण्यदायी अक्सर मकर सक्रांति स्नान माना जाता है,जो इस बार 14 जनवरी 2026 को पड़ रहा हैं।

मकर संक्रांति 2026 : क्यों हैं सबसे खास स्नान पर्व

माघ मेले के दौरान होने वाले सभी स्नानो में मकर संक्रांति स्नान का विशेष महत्व होता हैं। शास्त्रों के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्ये उत्तरायण होते हैं,जिस देवताओं का समय कहा गया हैं। यह काल अत्यंत शुभ,मंगलकारी और पुण्यदायक माना जाता हैं।

वर्ष 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी,और इसी दिन माघ मेले का दूसरा प्रमुख स्नान होगा।

सूर्ये उत्तरायण और देवताओं का समय

धार्मिक मानयेताओ के अनुसार जब सूर्ये उत्तरायण होते हैं,तब पृथ्वी पर सकारात्मक ऊर्जा का सचार होता हैं। इस अविधि में किया गया स्नान ,दान,जप और तप कई गुना फलदायी होता हैं। इसी कारण मकर संक्रांति को सभी सक्रंतियो में श्रेष्ठ माना गया हैं।

गंगा स्नान का आध्यात्मिक महत्व

प्रयागराज के संगम में मकर संक्रांति के दिन स्नान करने को हज़ारो यज्ञो के समान फलदायी बताया गया हैं। मानयता हैं कि इस दिन गंगा स्नान करने से :

पापों का नाश होता हैं
जन्म-जन्मांतर के कर्मो से मुक्ति मिलती हैं
मोक्ष के मार्ग प्रशस्त होता हैं

दान,त्याग और साधना का विशेष फल

मकर संक्रांति के दिन केवल स्नान ही नहीं,बल्कि दान और त्याग का भी विशेष महत्व हैं। शास्त्रों के अनुसार,इस दिन किए गए दान का फल कई गुना बढ़ जाता हैं। तिल,वस्त्र,घी और गर्म कपड़ो का दान विशेष पुण्य प्रदान करता हैं।

षटतिला एकादशी का दुर्लभ सयोग

इस वर्ष मकर संक्रांति के दिन षटतिला एकादशी भी पड़ रही हैं। इस दुर्लभ सयोग के कारण स्नान और दान का पुण्य दोगुना हो जाता हैं। धार्मिक दृष्टि से यह योग अत्यंत शुभ माना जा रहा हैं,जिससे श्रदालुओ में विशेष उत्साह देखने को मिलेगा।

ब्रह्मा मुहूर्त में स्नान का महत्व

शास्त्रों के अनुसार माघ मेले के दौरान ब्रह्मा मुहूर्त में किया गया गंगा स्नान सबसे अधिक पुण्य प्रदान करता हैं।
मकर संक्रांति 2026 पर ब्रह्मा मुहूर्त सुबह 4:51 बजे से 5:44 बजे तक रहेगा। यह समय स्नान,ध्यान और मंत्र जाप के लिए सर्वोत्तम माना गया हैं ।

मकर संक्रांति 2026 का महापुण्य काल

धार्मिक पचांग के अनुसार इस वर्ष मकर संक्रांति पर विशेष महापुण्य काल :

दोपहर 3:13 बजे से शाम 5:20 बजे तक रहेगा

इसी दौरान किए गए धार्मिक कार्य जैसे स्नान,दान,हवन और जप का विशेष फल प्राप्तः होता हैं।

श्रदालुओ की भारी भीड़ का अनुमान

रिपोर्ट्स के अनुसार :

पौष पूर्णिमा पर संगम में 31 लाख से अधिक श्रदालुओ ने स्नान किया
मकर संक्रांति पर लगभग 1 करोड़ो श्रदालुओ के स्नान करने का अनुमान हैं

इसी को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओ को लेकर व्यापक इंतज़ाम किए जा रहे हैं।

माघ मेला 2026 : आस्था,संस्कृति और परंपरा का संगम

माघ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं,बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परम्पराओ को जीवत उदाहरण हैं। यहां कल्पवास,संत-महात्माओं के प्रवचन,आखाड़ो की परपराए और धार्मिक अनुष्ठान श्रदालुओ को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देते हैं।

माघ मेला 2026 में मकर संक्रांति स्नान श्रदालुओ के लिए एक दुर्लभ और अत्यंत पुण्यकारी अवसर हैं। जो भी श्रद्वालु इस दिन संगम में स्नान,दान और साधना करता हैं,उसे अक्षय पुण्य के प्राप्ति होती हैं।

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