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Vivek Vihaar : Delhi की हवा में ज़हर : Vivek Vihaar बना सबसे प्रदूषित इलाका, AQI 300 के पार

Report by : Sakshi Singh, National Khabar

  • Delhi की हवा में ज़हर: AQI 300 के पार
  • राजधानी में बढ़ता वायु प्रदूषण, सेहत पर खतरा
Vivek Vihaar

Vivek Vihaar : राजधानी में बढ़ता वायु प्रदुषण,सेहत पर गहराता खतरा

Delhi NCR में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गया है। राजधानी के कई इलाको में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार पहुंच गया है,जो ‘बहुत ख़राब’ श्रेणी में आता है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही हवा में प्रदूषण तत्वों की मात्रा बढ़ गई है और सुबह के समय कई इलाको में धुंध की चादर देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर का प्रदूषण बच्चों,बुजर्गो और सांस संबधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद खतरनाक है।

Vivek Vihaar में सबसे ज्यादा प्रदूषण, AQI 333 दर्ज

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में सबसे अधिक प्रदूषित हवा पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार इलाके में दर्ज की गई है। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 333 तक पहुंच गया,जो ‘बहुत ख़राब’ श्रेणी में आता है। इसके अलावा पूसा में AQI 329, नेहरू नगर में 323, आनंद विहार में 320 और जहांगीरपुरी में 317 AQI रिकॉर्ड किया गया है। इन इलाको में सांस लेना तक मुश्किल होता जा रहा है और लोगों को आंखों में जलन, खांसी और सांस फूलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

Vivek Vihaar : कहा है सबसे राहत भरी हवा ?

जहां एक ओर कई प्रदूषण की मार झेल रहे हैं,वहीं कुछ स्थानों पर स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर भी रही। CPCB के अनुसार दिल्ली में सबसे कम AQI लोधी रोड पर दर्ज किया गया, जहां AQI 161 रहा। इसके बाद आईजीआई एयरपोर्ट पर AQI 187 और आईएचबीएएस, दिलशाद गार्डन में AQI 188 रिकॉर्ड किया गया है। हालांकि ये आंकड़े भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माने जाते, लेकिन बाकी इलाकों की तुलना में यहां हवा थोड़ी बेहतर स्थिति में है।

Vivek Vihaar : सुबह-सुबह छाई धुंध, विजिबिलिटी पर असर

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का असर सुबह के समय साफ तौर पर देखा जा रहा है। कई इलाकों में धुंध की वजह से दृश्यता कम हो गई है, जिससे सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक ठंडी हवाओं की कमी और वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण प्रदूषक कण हवा में लंबे समय तक टिके रहते हैं। यही वजह है कि सुबह और देर शाम के समय प्रदूषण का स्तर अधिक महसूस होता है।

Vivek Vihaar : नोएडा में भी बिगड़े हालात, सेक्टर-125 सबसे आगे

दिल्ली के साथ-साथ नोएडा की वायु गुणवत्ता भी चिंताजनक बनी हुई है। CPCB के आंकड़ों के अनुसार नोएडा के सेक्टर-125 में AQI 302 दर्ज किया गया है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं सेक्टर-62 में AQI 233, सेक्टर-1 में 280 और सेक्टर-116 में 276 AQI रिकॉर्ड किया गया। नोएडा के कई इलाकों में भी लोगों को प्रदूषण से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

Vivek Vihaar : AQI क्या कहता है? जानिए मानकों का मतलब

एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) हवा की गुणवत्ता को मापने का एक पैमाना है, जिससे यह पता चलता है कि हवा सांस लेने के लिए कितनी सुरक्षित है। इसके मानक इस प्रकार हैं:

0–50 : अच्छा
51–100 : संतोषजनक
101–200 : मध्यम
201–300 : खराब
301–400 : बहुत खराब
401–500 : गंभीर

दिल्ली और नोएडा के कई इलाकों में AQI 300 से ऊपर पहुंचना इस बात का संकेत है कि स्थिति बेहद गंभीर होती जा रही है।

Vivek Vihaar : स्वास्थ्य पर क्या पड़ रहा है असर?

डॉक्टरों का कहना है कि ‘बहुत खराब’ श्रेणी की हवा लंबे समय तक सांस में जाने से फेफड़ों पर गहरा असर डाल सकती है। बच्चों में अस्थमा, बुजुर्गों में सांस की दिक्कत और आम लोगों में आंखों में जलन, सिरदर्द और थकान जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जब AQI इस स्तर पर हो, तो अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें और मास्क का इस्तेमाल करें।

Vivek Vihaar : प्रदूषण बढ़ने के कारण क्या हैं?

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के पीछे कई कारण हैं। वाहनों की बढ़ती संख्या, निर्माण कार्यों से उड़ती धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां मुख्य वजह मानी जा रही हैं। इसके अलावा ठंडी हवाओं की कमी और नमी की अधिकता से प्रदूषक तत्व हवा में फंसे रहते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है।

सरकार और प्रशासन की तैयारी

प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत कई इलाकों में निर्माण कार्यों पर रोक, धूल नियंत्रण के उपाय और ट्रैफिक प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक नीतियों की जरूरत है।

Vivek Vihaar : आम लोगों के लिए क्या है सलाह?

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण के इस दौर में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। सुबह की सैर या व्यायाम से बचें, घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और बच्चों व बुजुर्गों का खास ख्याल रखें। साथ ही, सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग कर वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में भी सहयोग करें।

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