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Faridabad : गिनती न लिख पाने की सज़ा मौत: फरीदाबाद में पिता की हैवानियत से चार साल की बच्ची की दर्दनाक मौत

Report by : Sakshi Singh, National Khabar

  • गिनती न लिख पाने की सज़ा मौत
  • मासूम पर टूटा बाप का कहर
Faridabad

Faridabad : मासूम पर टूटा बाप का कहर

Faridabad : हरियाणा के फरीदाबाद से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। महज़ चार साल की एक मासूम बच्ची, जो अभी ठीक से अक्षर और अंक सीखने की उम्र में थी, उसे सिर्फ इसलिए अपनी जान गंवानी पड़ी क्योंकि वह 50 तक गिनती नहीं लिख पाई। बच्ची का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपने पिता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। गुस्से में अंधे पिता ने उसे इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

Faridabad : झाड़सेंतली गांव की दिल दहला देने वाली घटना

यह भयावह मामला फरीदाबाद के झाड़सेंतली गांव का है। यहां किराए के मकान में रहने वाले कृष्णा नामक व्यक्ति ने अपनी ही चार साल की बेटी को मौत के घाट उतार दिया। घटना 21 जनवरी की बताई जा रही है। कृष्णा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के खरंटिया गांव का रहने वाला है और अपनी पत्नी के साथ कई वर्षों से फरीदाबाद में रह रहा था। पति-पत्नी दोनों एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे।

Faridabad : नाइट शिफ्ट, दिन में बच्चों की जिम्मेदारी

कृष्णा नाइट शिफ्ट में काम करता था, जबकि उसकी पत्नी दिन में नौकरी पर जाती थी। इस कारण दिन के समय घर और बच्चों की जिम्मेदारी कृष्णा के ही ऊपर थी। दंपति के तीन बच्चे हैं—एक सात साल का बेटा, चार साल की बेटी (जिसकी मौत हो चुकी है) और दो साल की सबसे छोटी बेटी।

Faridabad : घर बना यातना स्थल

21 जनवरी को कृष्णा घर पर अपनी चार साल की बेटी को पढ़ा रहा था। उसने बच्ची से 50 तक गिनती लिखने के लिए कहा। लेकिन उम्र और समझ के अनुसार बच्ची यह नहीं कर पाई। इसी बात पर कृष्णा आपा खो बैठा। उसने बच्ची को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। मासूम की चीखें भी उसके दिल को नहीं पिघला सकीं। गुस्से में की गई यह पिटाई इतनी क्रूर थी कि बच्ची ने दम तोड़ दिया।

Faridabad : सच्चाई छुपाने की कोशिश

घटना के बाद कृष्णा घबरा गया। उसने अपनी पत्नी को फोन कर बताया कि बच्ची खेलते हुए सीढ़ियों से गिर गई है। इसके बाद वह बच्ची को लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से सूचना मिलने पर पत्नी भी वहां पहुंची।

Faridabad : शरीर पर निशानों ने खोली पोल

जब बच्ची की मां ने उसके शरीर को देखा तो वह सन्न रह गई। बच्ची के शरीर पर चोटों और मारपीट के साफ निशान थे, जो किसी हादसे की बजाय पिटाई की ओर इशारा कर रहे थे। मां को अपने पति की कहानी पर शक हुआ। उसने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी।

Faridabad : पुलिस जांच में सामने आई खौफनाक सच्चाई

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने जब पिता कृष्णा से सख्ती से पूछताछ की तो वह ज्यादा देर तक सच छुपा नहीं सका। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि गुस्से में उसने बच्ची को बहुत ज्यादा पीट दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई।

Faridabad : थाना प्रभारी का बयान

फरीदाबाद सेक्टर-58 थाना प्रभारी आजाद सिंह ने बताया कि आरोपी कृष्णा के खिलाफ मृतक बच्ची की मां की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है।

Faridabad : ‘स्कूल नहीं जाती थी, इसलिए घर पर पढ़ाता था’

पुलिस के सामने आरोपी ने यह भी कहा कि उसकी बेटी स्कूल नहीं जाती थी, इसलिए वह खुद ही घर पर उसे पढ़ाने की कोशिश करता था। लेकिन जब बच्ची गिनती नहीं लिख पाई तो वह गुस्से पर काबू नहीं रख सका। यह बयान अपने आप में आरोपी की मानसिकता और बच्चों पर डाले जा रहे अनावश्यक दबाव को उजागर करता है।

Faridabad : समाज के लिए चेतावनी

यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। छोटे बच्चों पर पढ़ाई का दबाव, गुस्से में की गई हिंसा और पालन-पोषण में संवेदनशीलता की कमी किस तरह जानलेवा बन सकती है, यह मामला उसका भयावह उदाहरण है।

Faridabad : कानून अपना काम करेगा,पर क्या लौटेगी मासूम की जान ?

पुलिस कार्रवाई और ,कानूनी प्रक्रिया अपनी जगह हैं,लेकिन सवाल यह हैं कि क्या इससे उस मासूम की जान लौट सकती हैं ?चार साल की बच्ची,जिसने दुनिया को ठीक से देखा भी नहीं था,पिता की हैवानियत का शिकार बन गई।

Faridabad : जरुरत हैं सोच बदलने की

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया हैं कि बच्चों के साथ धैर्य,प्रेम और समझदारी बेहद जरुरी हैं। पढ़ाई सिखाई जा सकती हैं,लेकिन जान वापस नही लाई जा सकती हैं,लेकिन जान वापस नहीं लाई जा सकती। गुस्से का एक पल,पूरी जिंदगी का पछतावा बन जाता हैं।

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