Noida हादसे पर CM Yogi सख्त : 3 सदस्यीय SIT गठित,5 दिन में सौंपेगी रिपोर्ट

Report by : Sakshi Singh, National Khabar
- CM योगी का सख्त रुख
- 3 सदस्यीय SIT का गठन

Noida Sector -150 में दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन हरकत में, नोएडा अथॉरिटी के CEO हटाए गए
Noida के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर शहरी व्यवस्था,निर्माण स्थलों की सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रूख अपनाते हुए तत्काल उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो पूरे प्रकरण की जांच कर पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
Noida:- मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान,कड़ी कार्रवाई के निर्देश
दिल्ली से सटे नोएडा में हुए इस हादसे को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद गंभीरता से लिया हैं। उन्होंने अस्पष्ट किया हैं कि नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने हादसे के कारणों, जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूको की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
सीएम योगी के आदेश के बाद प्रशासनिक स्तर पर तत्काल कार्रवाई शुरू हो गई। सबसे बड़ा कदम उठाते हुए नोएडा अथॉरिटी के सीईओ एम लोकेश को उनके पद से हटा दिया गया हैं। यह फैसला प्रशासन की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक सख्त संदेश माना जा रहा हैं।
Noida:- तीन सदस्यीय SIT का गठन,पांच दिन में रिपोर्ट

मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित SIT में वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया हैं। जानकारी के अनुसार,इस विशेष जांच टीम की अगुवाई मेरठ मंडल के मंडलायुक्त करेंगे। टीम में एडीजी जोन मेरठ और लोक निर्माण विभाग (PWD) के चीफ इंजीनियर को भी सदस्य बनाया गया हैं।
SIT को हादसे के सभी पेहलुओं की जांच का जिम्मा सौंपा गया हैं,जिसमे-
हादसे के वास्तविक कारण
सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
संबंधित विभागों की भूमिका
जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही
जैसे बिंदु शामिल हैं। टीम को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपे।
Noida:- प्रशासनिक कार्रवाई: इंजीनियर बर्खास्त, नोटिस जारी
हादसे के बाद नोएडा प्रशासन ने कई स्तरों पर कार्रवाई की है। नोएडा ट्रैफिक सेल में तैनात जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अलावा सेक्टर-150 और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
नोएडा अथॉरिटी ने साफ किया है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
Noida:- डेवलपर और निर्माण कार्यों की भी जांच
नोएडा अथॉरिटी ने हादसे से जुड़े निर्माण स्थल और डेवलपर की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, डेवलपर ‘लोटस’ के अलॉटमेंट, कंस्ट्रक्शन परमिशन और निर्माण गतिविधियों को लेकर संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
इसके साथ ही साइट पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीर अपराध माना जाएगा।
Noida:- सभी कंस्ट्रक्शन साइट्स पर सुरक्षा ऑडिट के निर्देश

हादसे के बाद नोएडा अथॉरिटी ने पूरे शहर में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सभी विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही कंस्ट्रक्शन साइट्स का दोबारा निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
अथॉरिटी का कहना है कि—
खुले गड्ढों की बैरिकेडिंग
चेतावनी संकेतक (Warning Signs)
रात के समय पर्याप्त लाइटिंग
सुरक्षा कर्मियों की तैनाती
जैसे उपायों का पालन अनिवार्य किया जाएगा।
Noida:- कैसे हुआ हादसा: घने कोहरे में गई जान
यह पूरा मामला शनिवार तड़के का है। मृतक युवराज मेहता, जो गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करते थे, ड्यूटी के बाद अपने घर लौट रहे थे। घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम थी।
सेक्टर-150 में एक अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग के बेसमेंट के लिए खोदे गए 20 फीट से ज्यादा गहरे गड्ढे में बारिश और पानी भर गया था। पर्याप्त बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत न होने के कारण युवराज की कार सीधे उस पानी से भरे गड्ढे में गिर गई।
Noida:- रेस्क्यू ऑपरेशन: कई एजेंसियां रहीं शामिल

हादसे की सूचना मिलते ही फायर डिपार्टमेंट, SDRF, NDRF और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद युवराज मेहता का शव बरामद किया गया।
रेस्क्यू टीमों को गहरे पानी और खराब मौसम के कारण काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस दौरान स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखने को मिला, जिन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
Noida:- सिस्टम पर सवाल, जवाबदेही की मांग
इस हादसे ने एक बार फिर शहरी विकास, ट्रैफिक मैनेजमेंट और निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती से यह संकेत जरूर मिला है कि सरकार इस मामले को हल्के में लेने के मूड में नहीं है।
अब सबकी नज़र SIT की रिपोर्ट पर टिकी है,जो यह तय करेगी कि इस हादसे के लिए आखिर कोण जिम्मेदार है-प्रशासन,डेवलपर या सिस्टम की सामूहिक लापरवाही। लेकिन इतना तय है कि इस दर्दनाक घटना ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की भारी कीमत एक युवा की जान के रूप में सामने ला दी है।



