स्वास्थ्य

क्या लिवर ख़राब होने से बढ़ सकती है डायबिटीज? वैज्ञानिक का बड़ा दावा

Written By: – Pragya Jha, National Khabar

क्या लिवर ख़राब होने से बढ़ सकती है डायबिटीज? वैज्ञानिक का बड़ा दावा

लिवर हमारे शरीर का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण अंग है, जिसका काम शरीर को डिटॉक्सीफाई करना और ऊर्जा का संतुलन बनाए रखना है। हैरानी की बात यह है कि हमारे लिवर में लगभग 81 ग्राम शुगर हमेशा मौजूद रहती है। जब हम खाना नहीं खाते, तब लिवर यह शुगर शरीर में रिलीज़ करता है ताकि हमें ऊर्जा मिलती रहे। लेकिन सवाल यह है कि जब लिवर खुद शुगर बना और रिलीज़ कर रहा है, तो फिर डायबिटीज क्यों होती है?
शोधकर्ता डॉ. एस. कुमार के मुताबिक, इसका एक बड़ा कारण लिवर का ख़राब होना भी हो सकता है। अगर लिवर बीमार हो जाए—चाहे वह फैटी लिवर, सिरोसिस या लिवर कैंसर जैसी समस्या हो—तो शरीर में शुगर नियंत्रण बिगड़ सकता है और डायबिटीज जैसी समस्या पैदा हो सकती है। यानी सिर्फ पैनक्रियास और इंसुलिन ही नहीं, लिवर की सेहत भी डायबिटीज से जुड़ी हुई है।
हालांकि, डॉ. कुमार का मानना है कि डायबिटीज के पीछे सिर्फ लिवर का खराब होना ही कारण नहीं है। इंसुलिन का पर्याप्त मात्रा में न बनना, या शरीर द्वारा बने हुए इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल न कर पाना भी डायबिटीज के मुख्य कारणों में से हैं।
लेकिन यहाँ पर डॉ. कुमार एक और चौंकाने वाला दावा करते हैं—डायबिटीज को रिवर्स किया जा सकता है। उनका कहना है कि डायबिटीज कोई स्थायी बीमारी नहीं है, बल्कि बढ़ी हुई शुगर लेवल को ही लोग डायबिटीज समझ लेते हैं और जीवनभर दवाइयाँ तथा इंसुलिन लेते रहते हैं। सही टेस्ट्स और सही समझ के साथ, शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है और डायबिटीज से छुटकारा पाया जा सकता है।
डॉ. कुमार के अनुसार, आज तक डायबिटीज का इलाज न मिलने का कारण है—इसकी पूरी सच्चाई का आम लोगों तक न पहुंचना। अगर मरीज अपने शरीर से जुड़े सभी आवश्यक टेस्ट कराएं और सही उपचार पद्धति अपनाएं, तो डायबिटीज से पूरी तरह निजात मिल सकती है।
यानी, डायबिटीज से लड़ाई में हमें केवल दवाओं पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने लिवर की सेहत, इंसुलिन की कार्यप्रणाली और सही डायग्नोस्टिक टेस्ट्स पर भी ध्यान देना चाहिए। हो सकता है कि यही तरीका आपको इस तथाकथित “लाइलाज” बीमारी से छुटकारा दिला दे।

आइए जानते हैं एस कुमार के बारे में
डॉ. एस कुमार Appropriate Diet Therapy Centre के संस्थापक हैं।। डॉ. एस कुमार पीएचडी होल्डर होने के साथ-साथसाथ “डॉक्ट्रेट ऑफ लिटरेचर” की डिग्री रसियन यूनिवर्सिटी से प्राप्त कर चुके हैं, साथ ही 3 बार गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे हैं।। डायबिटीज की दुनिया में शोध करने के लिए उन्हें फ्रांस की सीनेट में भारत गौरव अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इतना ही नहीं, डॉ. एस कुमार को लंदन की 200 साल पुरानी पार्लियामेंट में डायबिटीज पर शोध के लिए बेस्ट साइंटिस्ट के अवार्ड से भी नवाजा गया है।

डॉ. एस कुमार अभी तक कई किताबें भी लिख चुके हैं, जिनमें से एक पुस्तक को राष्ट्रपति भवन के पुस्तकालय में स्थान भी दिया गया है। भारत में Appropriate Diet Therapy Centre की 56 से अधिक शाखाएं संचालित हैं। यदि आप भी संपर्क करना चाहते हैं तो दिए गए नंबर पर कॉल करें:: ‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪‪+91 9372166486‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬‬

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