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77th Republic Day : ‘भारत-चीन अच्छे पड़ोसी, मित्र और साझीदार है’

Report by : Sakshi Singh, National Khabar

  • राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भारत को बधाई संदेश
  • ‘ड्रैगन और हाथी’ का प्रतीकात्मक संदेश
77th Republic Day

77th Republic Day पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत को दी बधाई,ड्रैगन और हाथी’ के सहयोग को बताया सही विकल्प

नई दिल्ली :

भारत आज 26 जनवरी को पूरे उत्साह और राष्ट्रीय गौरव के साथ अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस अवसर पर दुनिया भर के कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकारों ने भारत को शुभकामनाएं दीं। इन्हीं बधाई संदेशों के बीच पड़ोसी देश चीन की ओर से आया संदेश खास तौर पर चर्चा में रहा। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे अपने बधाई संदेश में भारत और चीन को “अच्छा पड़ोसी, मित्र और साझीदार” बताते हुए दोनों देशों के सहयोग को समय की जरूरत करार दिया।

77th Republic Day :- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजा बधाई संदेश

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत के गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को औपचारिक शुभकामनाएं भेजीं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि भारत और चीन दुनिया की दो प्राचीन सभ्यताएं हैं और दोनों देशों के बीच संबंधों का ऐतिहासिक महत्व रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के संबंधों का स्वस्थ और स्थिर विकास न केवल दोनों देशों की जनता के हित में है, बल्कि वैश्विक शांति और समृद्धि के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

77th Republic Day :- ‘ड्रैगन और हाथी का साथ सही विकल्प’

शी जिनपिंग के संदेश का सबसे अहम और प्रतीकात्मक हिस्सा रहा — “ड्रैगन और हाथी का साथ”। चीन में ड्रैगन और भारत में हाथी को शक्ति, बुद्धिमत्ता और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। शी जिनपिंग ने कहा कि ड्रैगन और हाथी का सहयोग दोनों देशों के लिए सही और व्यावहारिक विकल्प है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग का रास्ता अपनाकर भारत और चीन न केवल अपने विकास को गति दे सकते हैं, बल्कि एशिया और दुनिया में स्थिरता का भी संदेश दे सकते हैं।

77th Republic Day :- सहयोग के साझीदार और विकास के अवसर

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने संदेश में इस बात पर विशेष जोर दिया कि चीन हमेशा यह मानता है कि भारत और चीन को एक-दूसरे को सहयोग का साझीदार और विकास का अवसर मानना चाहिए, न कि चुनौती।

उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश इस महत्वपूर्ण सहमति पर कायम रहेंगे कि आपसी मतभेदों को संवाद और कूटनीति के जरिए सुलझाया जाए और साझा हितों पर मिलकर काम किया जाए।

77th Republic Day :- भारत-चीन संबंधों में सुधार की बात

अपने संदेश में शी जिनपिंग ने यह भी कहा कि हाल के समय में भारत और चीन के बीच संबंधों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह सुधार दोनों देशों की जनता के मूलभूत हितों के अनुरूप है।

उन्होंने यह संकेत भी दिया कि भविष्य में द्विपक्षीय संवाद, आर्थिक सहयोग और वैश्विक मंचों पर समन्वय को और मजबूत किया जा सकता है।

77th Republic Day :- वैश्विक शांति और समृद्धि में भूमिका

चीन के राष्ट्रपति ने अपने संदेश में भारत-चीन संबंधों को केवल द्विपक्षीय स्तर तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे वैश्विक संदर्भ में भी देखा। उन्होंने कहा कि दुनिया की दो सबसे बड़ी आबादी वाले देशों के रूप में भारत और चीन की जिम्मेदारी है कि वे वैश्विक शांति, स्थिरता और आर्थिक समृद्धि को बनाए रखने में सकारात्मक भूमिका निभाएं।

शी जिनपिंग के अनुसार, यदि भारत और चीन सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ते हैं, तो इसका असर न केवल एशिया बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ेगा।

77th Republic Day :- भारत के गणतंत्र दिवस पर वैश्विक बधाइयां

भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर केवल चीन ही नहीं, बल्कि अमेरिका समेत कई अन्य देशों ने भी भारत को शुभकामनाएं दीं। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत की भूमिका को अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने सराहा।

अमेरिकी नेतृत्व ने भी भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान और समावेशी विकास की प्रशंसा करते हुए गणतंत्र दिवस की बधाई दी। इससे यह स्पष्ट होता है कि वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है।

77th Republic Day :- भारत-चीन संबंध: सहयोग और चुनौतियां

हालांकि भारत और चीन के संबंधों में सहयोग की संभावनाएं हैं, लेकिन यह भी सच है कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और रणनीतिक मतभेद भी रहे हैं। ऐसे में शी जिनपिंग का यह संदेश यह संकेत देता है कि चीन रिश्तों को स्थिर और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने की इच्छा जता रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बधाई संदेश कूटनीतिक संकेत होते हैं, जो भविष्य के संवाद और संबंधों की दिशा तय करने में भूमिका निभाते हैं।

77th Republic Day :- कूटनीति में प्रतीकों का महत्व

‘ड्रैगन और हाथी’ जैसे प्रतीकों का उपयोग केवल शब्दों तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसके पीछे कूटनीतिक संदेश छिपा होता है। यह संदेश बताता है कि दोनों देशों को अपनी-अपनी ताकत के साथ आगे बढ़ते हुए सहयोग के रास्ते तलाशने चाहिए।

भारत की ओर से भी हमेशा यह कहा जाता रहा है कि संबंधों में मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए और संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए।

77th Republic Day :- आगे की राह

शी जिनपिंग का यह बधाई संदेश ऐसे समय आया है, जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को और मजबूत कर रहा है और ‘विकसित भारत’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में भारत-चीन जैसे बड़े देशों के बीच स्थिर और संतुलित संबंध एशिया की भविष्य की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम होंगे।

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