SRK देश के गद्दार-BJP नेता Sangeet Som के बयान से उठा सियासी विवाद

Report by : Sakshi Singh
- संगीत सोम का विवादित बयान
- पोलिटिकल और सोशल रिएक्शन
SRK :- नई दिल्ली/लखनऊ :
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में है। इस बार उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख़ खान को लेकर ऐसा बयान दिया है,जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया को जनम दे दिया है।
संगीत सोम ने शाहरुख खान को ”देश का गद्दार” बताया,जिसके बाद यह बयान सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक तेजी से वायरल हो गया।

क्या है पूरा मामला ?
यह विवाद उस समय सामने आया,जब संगीत सोम बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही कथित हिंसा और हत्याओं को लेकर बयान दे रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अभिनेता शाहरुख खान का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि शाहरुख खान का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि शाहरुख खान बांग्लादेशी खिलाड़ियों को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खेलने के लिए पैसे देकर ”खरीद” रहे है। उन्होंने इस आरोप को देशहित से जोड़ते हुए शाहरुख खान पर गंभीर टिपणी की।
संगीत सोम के इस बयान के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या किसी कलाकार के पेशेवर गतिविधियों को देशभक्ति या गद्दारी के चश्मे से देखा जाना चाहिए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज
संगीत सोम के बयान के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।कई नेताओं ने इसे गैर-जिम्मेदाराना और समाज में नफरत फैलाने वाला बयान बताया। विपक्ष का कहना है कि एक अभिनेता को उसकी फिल्मी या व्यावसायिक गतिविधियों के आधार पर देशद्रोही ठहराना न सिर्फ गलत है,बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी खिलाफ है।
वही सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर दो धड़े साफ नज़र आ रहे है। एक वर्ग संगीत सोम के बयान का समर्थक करता दिखा,जबकि बड़ा वर्ग इस अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों पर हमला बता रहा है।
पहले भी विवादों में रहे है संगीत सोम
यह पहला मौका नहीं है जब संगीत सोम अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हों। इससे पहले भी वे कई बार धार्मिक,सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर तीखे और विवादास्पद बयान दे चुके है। उनके बयानों को लेकर अफ़्सर आलोचना होती रही है कि वे समाज में धुर्वीकरण को बढ़वा देते है। शाहरुख खान कि और से कोई प्रतिक्रिया सामने नई आई है। आमतौर पर शाहरुख खान इस तरह के सार्वजानिक टिपणी करने से बचते रहे है। इससे पहले भी वे कई बार अपने बयान या फिल्मों को लेकर विवादों में रहे है,लेकिन उन्होंने अधिकतर मामलों में चुप्पी सीधे रखी है।
कानूनी और नैतिक पहलू
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी नागरिक या कलाकार को सार्वजनिक मंच से ”देश का गद्दार” कहना गंभीर आरोप कि श्रेणी में आता है। ऐसे में आरोप बिना किसी ठोस सबूत के लगाए जाएं तो यह मानहानि के दायरे में भी आ सकता है। वही नैतिक रूप से भी सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं से सयमित भाषा के अपेक्षा की जाती है।