Feature story

Mumbai में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना

Report by : Sakshi Singh, National Khabar

  • एयरपोर्ट के पास कचरे के डिब्बे में मिली नवजात बच्ची की लाश
  • जरी मारी इलाके में मिला शव, लोगों में आक्रोश
Mumbai

Mumbai :- एयरपोर्ट के पास कचरे के डिब्बे में मिली नवजात बच्ची की लाश,जांच में जुटी पुलिस

Mumbai :- मुंबई से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है,जिसने एक बार फिर समाज और व्यवस्था दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। मुंबई एयरपोर्ट के पास कुर्ला के जरी मारी इलाके में एक कचरे के डिब्बे से नवजात बच्ची का शव बरामद किया गया है। स्थानीय लोगों ने जब कंबल में लिपटी बच्ची का नन्हा हाथ बाहर निकला हुआ देखा, तब इस भयावह सच्चाई का खुलासा हुआ। सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस मौके पर पहुंची।

Mumbai :- जरी मारी इलाके में मिला शव,लोगों में आक्रोश

यह घटना कुर्ला के जरी मारी क्षेत्र की बताई जा रही है,जो मुंबई एयरपोर्ट के बेहद करीब स्थित है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय कुछ स्थानीय निवासी कचरे के डिब्बे के पास से गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर कंबल में लिपटी किसी चीज़ पर पड़ी। करीब जाकर देखने पर उन्हें नवजात बच्ची का हाथ बाहर निकला हुआ दिखाई दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में गुस्सा और शोक दोनों देखने को मिला। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

Mumbai :- मौके पर पहुंची पुलिस, शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया

सूचना मिलते ही कुर्ला पुलिस मौके पर पहुंची और कचरे के डिब्बे से बच्ची के शव को बाहर निकलवाया। बच्ची को कपड़े में लपेटकर वहां फेंका गया था। प्राथमिक जांच में पुलिस को कोई पहचान संबंधी दस्तावेज या सुराग नहीं मिला।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्ची की मौत जन्म से पहले हुई थी या जन्म के बाद, और मौत का वास्तविक कारण क्या है।

Mumbai :- ADR दर्ज, जांच शुरू

पुलिस ने इस मामले में ADR (Accidental Death Report) दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और हर पहलू से जांच की जा रही है।

Mumbai :- पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि—

बच्ची को कब और किस हालात में यहां फेंका गया
माता-पिता या जिम्मेदार व्यक्ति कौन हैं
क्या यह मामला नवजात की हत्या का है या किसी और परिस्थिति का

Mumbai :- सीसीटीवी की कमी बनी जांच में बड़ी बाधा

इस मामले की जांच में सबसे बड़ी चुनौती इलाके में सीसीटीवी कैमरों की कमी बनकर सामने आई है। जरी मारी क्षेत्र के कई हिस्सों में निगरानी कैमरे या तो लगे नहीं हैं या फिर काम नहीं कर रहे हैं।

Mumbai :- पुलिस अधिकारियों के अनुसार,

“अगर आसपास पर्याप्त सीसीटीवी फुटेज होती, तो बच्ची को यहां फेंकने वाले व्यक्ति या वाहन की पहचान करना आसान हो सकता था।”

अब पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीमित कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है।

Mumbai :- माता-पिता की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस की प्राथमिकता इस वक्त बच्ची के माता-पिता या अभिभावकों की पहचान करना है। इसके लिए—

आसपास के अस्पतालों और नर्सिंग होम से संपर्क किया जा रहा है
हाल ही में डिलीवरी के मामलों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है
इलाके की झुग्गी-बस्तियों और किराए के कमरों में पूछताछ की जा रही है

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं बच्ची का जन्म अवैध या असुरक्षित हालात में तो नहीं हुआ।

Mumbai :- समाज और सिस्टम पर उठे सवाल

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर समाज में लिंग भेद, सामाजिक दबाव और जागरूकता की कमी जैसे मुद्दों को उजागर कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि—

क्या आज भी बेटियों को बोझ समझा जा रहा है?
क्या जरूरतमंद महिलाओं को पर्याप्त सामाजिक और चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल पा रही?
क्या सुरक्षित नवजात परित्याग (Safe Surrender) जैसे विकल्पों की जानकारी लोगों तक नहीं पहुंच रही?

विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और सहायता की कमी ऐसी घटनाओं को जन्म देती है।

बाल अधिकार संगठनों ने जताई चिंता

घटना सामने आने के बाद बाल अधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि महानगरों में भी इस तरह की घटनाएं होना बेहद शर्मनाक है।

संगठनों ने मांग की है कि—

नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए सख्त निगरानी तंत्र बने
जरूरतमंद माताओं के लिए हेल्पलाइन और सुरक्षित विकल्पों का प्रचार किया जाए
दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए

कानून क्या कहता है ?

भारतीय कानून के तहत नवजात शिशु की हत्या या उसे इस तरह छोड़ना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता हैं। दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा का प्रावधान हैं।

पुलिस का कहना हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद धाराएं तय की जाएंगी और मामले को हत्या या अन्य अपराध की श्रेणी में दर्ज किया जा सकता हैं।

स्थानीय लोगों की मांग : बढ़ाई जाए सुरक्षा और निगरानी

जरी मारी इलाके के निवासियो ने प्रशासन से मांग की हैं कि-

सार्वजानिक स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए जाएं
कचरा निस्तारण क्षेत्रों की नियमित निगरानी हो
सामाजिक जागरूकता अभियान चलाए जाएं

लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती, तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।

मुंबई जैसे महानगर में कचरे के डिब्बे से नवजात बच्ची का शव मिलना समाज और प्रशासन दोनों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह घटना न सिर्फ एक मासूम जिंदगी के अंत की कहानी है,बल्कि यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी सवाल खड़े करती है।

अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी है-क्या दोषियों तक पंहुचा जा सकेगा और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button