“दिल्ली सेवा बिल ” हुआ राज्य सभा में पास, अमित शाह ने साधा विपक्ष पर निशाना

रिपोर्ट :- प्रज्ञा झा

“दिल्ली सेवा बिल” को लेकर पिछले चंद महीनों में संसद में महासंग्राम चल रहा है। केंद्र या दिल्ली सरकार कौन करेगा अधिकारीयों के तबादले पर नियंत्रण। दिल्ली सेवा बिल लोक सभा में तो पास हो ही चूका था, बात राज्य सभा की थी तो सोमवार को राज्य सभा में भी ये बिल पास हो चूका है। इस बीच पक्ष और विपक्ष दोनों दोनों ने ही एक दूसरे पर निशाना साधा। गृह मंत्री अमित शाह ने बिल के पास होने के दौरान आम आदमी पार्टी की खिल्ली उड़ाने के लहज़े में कहा कि जो विपक्षी दाल अभी इस बिल के कारण एक हो रहे हैं वो लोग बिल के पास होने के बाद आपको ठेंगा दिखा देंगे तो अलविदा बोल देंगे।

अमित शाह आगे कहते हैं कि जो कांग्रेस अभी इस बिल का विरोध कर रही है वही कांग्रेस इस बिल को लेकर आई थी जिससे कि सारी पावर केंद्र द्वारा संभाली जा सके। लेकिन अब कांग्रेस आम आदमी पार्टी को मानने के चक्कर में अब ऐसा कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि JDU का जनम ही चारा घोटाले के दौरान हुआ लेकिन अब RJD और JDU एक साथ हैं।

बिल के मामले पर उन्होंने कहा कि संसद में कानून बनाया जा सकता है। हर व्यक्ति राज्य कि बात कर रहा है लेकिन कौन सा राज्य दिल्ली एक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र है। इसे लेकर संसद में कानून बनाया जा सकता है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि राज्य सभा में कुल 245 सीटें हैं। इसमें से 8 सीटें अभी खली है जिसकी वजह से अभी 237 सीटें ही हैं। इसका मतलब बहुमत के लिए 119 वोटों कि जरुरत होगी। दिल्ली सेवा बिल के लिए 131 वोट पक्ष में आए और 102 वोट विपक्ष में आए।

इसके बाद हालिया ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हालिया ही एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि क्या हमने देश में प्रधानमंत्री इसलिए बनाया कि वो दिल्ली ये नियंत्रित करे कि कौन से चपरासी कहा काम करेगा, कौन सा अधिकारी कहा काम करेगा। उन्होंने आगे कहा कि ये लोग केजरीवाल जैसा काम नहीं कर पा रहे इसलिए वो चाहते हैं कि केजरीवाल को रोकना है।

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